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Ambedkar Nagar News: चार हजार किसानों को 12 करोड़ भुगतान का इंतजार
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अंबेडकरनगर। ढाई माह में जिले के अलग अलग क्षेत्रों में स्थापित छह एजेंसियों के 87 क्रय केंद्रों पर 87275.45 मीट्रिक टन धान की खरीद की गई। यह एक लाख 55 हजार मीट्रिक टन खरीद लक्ष्य की तुलना में 56 प्रतिशत है। इस बीच लगभग चार हजार किसानों को 12 करोड़ रुपये से अधिक भुगतान का इंतजार है।
धान खरीद अब अंतिम दौर में है। 29 फरवरी तक धान की खरीद होनी है। अभी भी किसानों को धान की बिक्री करने में कई प्रकार की मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। कई-कई दिनों तक धान लदी ट्रैक्टर ट्रॉलियां क्रय केंद्रों पर खड़ी रहती हैं जिससे किसानों को आर्थिक चपत भी लग रही है।
मालूम हो कि 20 अक्तूबर से जिले में धान खरीद शुरू हुई थी। सुचारु रूप से धान खरीद के लिए छह एजेंसियों के कुल 87 क्रय केंद्र स्थापित किए गए। खाद्य एवं विपणन अधिकारी कार्यालय के अनुसार अब तक 17 हजार 790 किसानों का 82275.45 मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है।
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यह जिले के लिए निर्धारित एक लाख 55 हजार मीट्रिक टन लक्ष्य की तुलना में 56.31 प्रतिशत है। 29 फरवरी तक धान की खरीद होनी है। ऐसे में खाद्य एवं विपणन विभाग ने लक्ष्य को पूरा कर लिए जाने का दावा किया है।
12 करोड़ रुपये का भुगतान लंबित
खाद्य एवं विपणन अधिकारी कार्यालय के अनुसार पांच जनवरी तक 17 हजार 790 किसानों ने धान की बिक्री की। इसमें से लगभग 13 हजार किसानों का एक अरब 78 करोड़ 36 लाख रुपये का भुगतान किया जा चुका है। लगभग चार हजार किसानों का 12 करोड़ 16 लाख रुपये का भुगतान होना शेष है। इसमें खाद्य विभाग का 276.348 लाख, पीसीएफ का 351.354 लाख, यूपीएसएस का 322.089 लाख, पीसीयू का 95.633 लाख, मंडी समिति का 178.593 लाख व भारतीय खाद्य निगम का एक करोड़ का भुगतान होना शेष है। इनके भुगतान की प्रक्रिया भी तेजी से चल रही है।
दिए गए दिशा-निर्देश
सभी एजेंसी के जिम्मेदारों को निर्देशित किया गया है कि धान खरीद में तेजी लाएं। निर्धारित समय में लक्ष्य को पूर्ण करने के साथ ही समय पर भुगतान का निर्देश है। तेजी से भुगतान हो भी रहा है। - डॉ. सदानंद गुप्ता, एडीएम
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धान खरीद अब अंतिम दौर में है। 29 फरवरी तक धान की खरीद होनी है। अभी भी किसानों को धान की बिक्री करने में कई प्रकार की मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। कई-कई दिनों तक धान लदी ट्रैक्टर ट्रॉलियां क्रय केंद्रों पर खड़ी रहती हैं जिससे किसानों को आर्थिक चपत भी लग रही है।
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मालूम हो कि 20 अक्तूबर से जिले में धान खरीद शुरू हुई थी। सुचारु रूप से धान खरीद के लिए छह एजेंसियों के कुल 87 क्रय केंद्र स्थापित किए गए। खाद्य एवं विपणन अधिकारी कार्यालय के अनुसार अब तक 17 हजार 790 किसानों का 82275.45 मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है।
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यह जिले के लिए निर्धारित एक लाख 55 हजार मीट्रिक टन लक्ष्य की तुलना में 56.31 प्रतिशत है। 29 फरवरी तक धान की खरीद होनी है। ऐसे में खाद्य एवं विपणन विभाग ने लक्ष्य को पूरा कर लिए जाने का दावा किया है।
12 करोड़ रुपये का भुगतान लंबित
खाद्य एवं विपणन अधिकारी कार्यालय के अनुसार पांच जनवरी तक 17 हजार 790 किसानों ने धान की बिक्री की। इसमें से लगभग 13 हजार किसानों का एक अरब 78 करोड़ 36 लाख रुपये का भुगतान किया जा चुका है। लगभग चार हजार किसानों का 12 करोड़ 16 लाख रुपये का भुगतान होना शेष है। इसमें खाद्य विभाग का 276.348 लाख, पीसीएफ का 351.354 लाख, यूपीएसएस का 322.089 लाख, पीसीयू का 95.633 लाख, मंडी समिति का 178.593 लाख व भारतीय खाद्य निगम का एक करोड़ का भुगतान होना शेष है। इनके भुगतान की प्रक्रिया भी तेजी से चल रही है।
दिए गए दिशा-निर्देश
सभी एजेंसी के जिम्मेदारों को निर्देशित किया गया है कि धान खरीद में तेजी लाएं। निर्धारित समय में लक्ष्य को पूर्ण करने के साथ ही समय पर भुगतान का निर्देश है। तेजी से भुगतान हो भी रहा है। - डॉ. सदानंद गुप्ता, एडीएम