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Ambedkar Nagar News: नौ साल पहले हुए खूनी संघर्ष में चार को उम्रकैद
Wed, 16 Jul 2025 02:40 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Wed, 16 Jul 2025 02:40 AM IST
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अंबेडकरनगर। न्यायालय विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट रामविलास सिंह की कोर्ट ने प्रधानी चुनाव को लेकर नौ साल पहले हुए खूनी संघर्ष के मामले में दोनों पक्षों के सात अभियुक्तों को दोषी करार माना है। कोर्ट ने प्रधानी की रंजिश में हुई हत्या व जानलेवा हमले के मामले में एक पक्ष के चार अभियुक्तों को सश्रम आजीवन कारावास और दूसरे पक्ष के तीन अभियुक्तों को पांच-पांच साल की जेल के साथ अर्थदंड की सजा सुनाई है।
भीटी के पिगरियावा गांव निवासी बैजनाथ ने बताया कि 19 अगस्त 2016 को सुबह गांव के संतोष, धीरू सिंह, विंध्याचल सिंह, रवि सिंह ने मैनेजर के पुरवा के पास उनको व उनके भाई हरिद्वार, सरयू प्रसाद और बृजेश को जाति सूचक गालियां देने के साथ लाठी डंडे से पीटा था। इस दौरान संतोष सिंह और विध्यांचल सिंह ने अवैध असलहे से फायर भी किया। गोली हरिद्वार के सिर में लगने से उनकी मौत हो गई थी। जबकि उनके भाई द्वारिका के अलावा सरयू प्रसाद व बृजेश कुमार को गंभीर चेटे आईं थीं।
पुलिस द्वारा चार्जशीट दाखिल किए जाने के बाद कोर्ट ने प्रस्तुत साक्ष्य व गवाही के आधार पर एक पक्ष के अभियुक्त विंध्याचल सिंह, धीरु उर्फ धीरेंद्र सिंह, रवि सिंह व संतोष सिंह को दोषी मानते हुए सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। वहीं दूसरे पक्ष के संतोष सिंह के मुताबिक वह साइकिल से भीटी बाजार जा रहे थे, तभी गांव के जायसवाल की दुकान के पास गांव के ही हरिद्वार ने उन पर लाइसेंसी रिवाल्वर से फायर कर जख्मी कर दिया था। मामले में द्वारिका, बैजनाथ और सरसू प्रसाद के खिलाफ जानलेवा हमले समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज हुआ था। इसी मामले में कोर्ट ने तीनों अभियुक्तों को दोषी मानते हुए पांच-पांच साल की सजा और नौ हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
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भीटी के पिगरियावा गांव निवासी बैजनाथ ने बताया कि 19 अगस्त 2016 को सुबह गांव के संतोष, धीरू सिंह, विंध्याचल सिंह, रवि सिंह ने मैनेजर के पुरवा के पास उनको व उनके भाई हरिद्वार, सरयू प्रसाद और बृजेश को जाति सूचक गालियां देने के साथ लाठी डंडे से पीटा था। इस दौरान संतोष सिंह और विध्यांचल सिंह ने अवैध असलहे से फायर भी किया। गोली हरिद्वार के सिर में लगने से उनकी मौत हो गई थी। जबकि उनके भाई द्वारिका के अलावा सरयू प्रसाद व बृजेश कुमार को गंभीर चेटे आईं थीं।
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पुलिस द्वारा चार्जशीट दाखिल किए जाने के बाद कोर्ट ने प्रस्तुत साक्ष्य व गवाही के आधार पर एक पक्ष के अभियुक्त विंध्याचल सिंह, धीरु उर्फ धीरेंद्र सिंह, रवि सिंह व संतोष सिंह को दोषी मानते हुए सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। वहीं दूसरे पक्ष के संतोष सिंह के मुताबिक वह साइकिल से भीटी बाजार जा रहे थे, तभी गांव के जायसवाल की दुकान के पास गांव के ही हरिद्वार ने उन पर लाइसेंसी रिवाल्वर से फायर कर जख्मी कर दिया था। मामले में द्वारिका, बैजनाथ और सरसू प्रसाद के खिलाफ जानलेवा हमले समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज हुआ था। इसी मामले में कोर्ट ने तीनों अभियुक्तों को दोषी मानते हुए पांच-पांच साल की सजा और नौ हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
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