{"_id":"5d85233c8ebc3e93b65d4e34","slug":"flood-ambedkar-nagar-news-lko482654364","type":"story","status":"publish","title_hn":"खतरे के लाल निशान से 25 सेंटीमीटर ऊपर पहुंची सरयू नदी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खतरे के लाल निशान से 25 सेंटीमीटर ऊपर पहुंची सरयू नदी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
टांडा। सरयू नदी के जलस्तर में चौबीस घंटे के भीतर एक बार फिर तेजी से बढ़ोतरी हुई है। पानी खतरे के निशान से 25 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया। टांडा के साथ ही आलापुर तहसील के मांझा क्षेत्र में रहने वाले ग्रामीणों की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। इस बीच डीएम राकेश कुमार मिश्र ने प्रशासनिक अमले के साथ सरयू नदी को मोटर बोट से पार कर मांझा कला के ग्रामीणों के बीच पहुंचकर हाल लिया। ग्रामीणों की मांग पर डीएम ने यहां एक पुलिया निर्माण की घोषणा की। साथ ही बाढ़ प्रखंड को निर्देशित किया कि सभी 35 ठोकरों की मरम्मत तुरंत कराई जाए।
शुक्रवार को डीएम राकेश कुमार मिश्र बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों का हाल जानने के लिए टांडा पहुंचे। उनके साथ एडीएम अमरनाथ राय, एसडीएम महेंद्र पाल सिंह, तहसीलदार संतोष ओझा तथा बाढ़ खंड के सहायक अभियंता पीयूष समेत राजस्व विभाग व बाढ़ प्रखंड की टीम मौजूद रही। माझा कला पहुंचाने पर वहां बताया गया कि 46 परिवार झोपडिंयों में रहते हैं।
पानी के तेजी से बढने पर समस्या हो सकती है। यदि दो फीट पानी और बढ़ा तो गांव पानी में डूब जाएगा। माझा उल्टहवा के प्रधान प्रतिनिधि शिवप्रसाद यादव ने बताया कि पुलिया न होने के कारण बच्चों को स्कूल जाने में कठिनाई होती है। उन्हें पानी से आने जाने की विवशता बनी रहती है। डीएम ने इस पर वहां पुलिया बनवाने का निर्देश दिया। साथ ही कहा कि राजघाट से डुहिया तक बनी 35 ठोकरों को तुरंत दुरुस्त करा दिया जाए। इससे पहले डीएम व अन्य अफसर बाकायदा सजी संवरी मोटर बोट पर बैठकर माझा कला गांव के पास तक पहुंचे। इसके बाद आधा किलोमीटर से अधिक की दूरी पैदल तय कर वे सब गांव तक पहुंचे। वहां ग्रामीणों से बातकर उन्हें भरोसा दिलाया गया कि प्रशासन पूरी तरह उनके साथ है। जरूरत के अनुसार सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
विज्ञापन
इस बीच सरयू नदी का जलस्तर बीते 24 घंटे में एक बार फिर से उफान की तरफ हो गया। गुरुवार को नदी का जलस्तर खतरे के लाल निशान से मात्र 17 सेंटीमीटर ऊपर था। वहीं शुक्रवार को नदी का पानी 25 सेंटीमीटर ऊपर होकर 92.98 मीटर पर पहुंच गया। इससे ग्रामीणों के बीच चिंता बढने लगी है। उधर, एसडीएम महेंद्र पाल ने कहा कि प्रशासन स्थिति पर पूरी तरह नजर रख रहा है।
विज्ञापन
शुक्रवार को डीएम राकेश कुमार मिश्र बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों का हाल जानने के लिए टांडा पहुंचे। उनके साथ एडीएम अमरनाथ राय, एसडीएम महेंद्र पाल सिंह, तहसीलदार संतोष ओझा तथा बाढ़ खंड के सहायक अभियंता पीयूष समेत राजस्व विभाग व बाढ़ प्रखंड की टीम मौजूद रही। माझा कला पहुंचाने पर वहां बताया गया कि 46 परिवार झोपडिंयों में रहते हैं।
विज्ञापन
पानी के तेजी से बढने पर समस्या हो सकती है। यदि दो फीट पानी और बढ़ा तो गांव पानी में डूब जाएगा। माझा उल्टहवा के प्रधान प्रतिनिधि शिवप्रसाद यादव ने बताया कि पुलिया न होने के कारण बच्चों को स्कूल जाने में कठिनाई होती है। उन्हें पानी से आने जाने की विवशता बनी रहती है। डीएम ने इस पर वहां पुलिया बनवाने का निर्देश दिया। साथ ही कहा कि राजघाट से डुहिया तक बनी 35 ठोकरों को तुरंत दुरुस्त करा दिया जाए। इससे पहले डीएम व अन्य अफसर बाकायदा सजी संवरी मोटर बोट पर बैठकर माझा कला गांव के पास तक पहुंचे। इसके बाद आधा किलोमीटर से अधिक की दूरी पैदल तय कर वे सब गांव तक पहुंचे। वहां ग्रामीणों से बातकर उन्हें भरोसा दिलाया गया कि प्रशासन पूरी तरह उनके साथ है। जरूरत के अनुसार सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
विज्ञापन
इस बीच सरयू नदी का जलस्तर बीते 24 घंटे में एक बार फिर से उफान की तरफ हो गया। गुरुवार को नदी का जलस्तर खतरे के लाल निशान से मात्र 17 सेंटीमीटर ऊपर था। वहीं शुक्रवार को नदी का पानी 25 सेंटीमीटर ऊपर होकर 92.98 मीटर पर पहुंच गया। इससे ग्रामीणों के बीच चिंता बढने लगी है। उधर, एसडीएम महेंद्र पाल ने कहा कि प्रशासन स्थिति पर पूरी तरह नजर रख रहा है।