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फसल बर्बादी के सदमे से किसान की मौत
अंबेडकरनगर/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 07 Nov 2015 10:39 PM IST
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अलीगंज थाना क्षेत्र के बिहरई गांव में शुक्रवार देर शाम खेत में काम करते समय धान की खराब फसल देखकर हृदयगति रुकने से किसान की मौत हो गई। घटना से परिवारीजनों में कोहराम मचा हुआ है।
बताया जाता है कि किसान को बीते दिनों खराब हुई गेहूं की फसल का मुआवजा भी नहीं मिला था, जिससे वह आर्थिक संकट से जूझ रहा था। इस बीच धान की फसल भी बर्बाद होने से उसे काफी सदमा लगा था। उधर, स्थानीय प्रशासन ने ऐसी किसी घटना की जानकारी होने से इंकार किया है।
बिहरई गांव निवासी जोखूराम वर्मा (42) पुत्र उदयराज वर्मा शुक्रवार देर सायं खेत में कार्य कर रहा था। उसने दो बीघा खेत में धान की फसल बोई थी। समुचित सिंचाई नहीं होने से उसकी अधिकांश फसल चौपट हो गई थी। इससे वह काफी सदमे में था। शुक्रवार को जोखूराम बचीखुची फसल की कटाई कर रहा था।
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परिवारीजनों के मुताबिक दाना कमजोर देखकर जोखूराम को सदमा लगा और देखते ही देखते हृदयगति रुकने से उसकी मौत हो गई। आसपास के खेतों में काम कर रहे किसानों ने तत्काल जोखूराम को एक निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना से परिवार में कोहराम मच गया।
परिवारीजनों का कहना है कि गेहूं की फसल बर्बाद होने से उसकी आर्थिक स्थिति काफी गड़बड़ हो गई थी। स्थानीय राजस्व कर्मियों की लापरवाही के चलते उसे मुआवजा भी नहीं मिल सका था। गेहूं के बाद अब धान की फसल भी बर्बाद होने से जोखूराम सदमा बर्दाश्त नहीं कर सका, जिससे उसे हार्टअटैक पड़ गया।
उसके एक पुत्र व एक पुत्री है। उधर, एसडीएम नरेंद्र सिंह ने ऐसी किसी घटना की जानकारी होने से इनकार किया है। कहा कि ऐसी स्थिति तो अब नहीं है कि सदमे से किसी किसान की मौत हो जाए, फिर भी जानकारी कराई जा रही है।
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बताया जाता है कि किसान को बीते दिनों खराब हुई गेहूं की फसल का मुआवजा भी नहीं मिला था, जिससे वह आर्थिक संकट से जूझ रहा था। इस बीच धान की फसल भी बर्बाद होने से उसे काफी सदमा लगा था। उधर, स्थानीय प्रशासन ने ऐसी किसी घटना की जानकारी होने से इंकार किया है।
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बिहरई गांव निवासी जोखूराम वर्मा (42) पुत्र उदयराज वर्मा शुक्रवार देर सायं खेत में कार्य कर रहा था। उसने दो बीघा खेत में धान की फसल बोई थी। समुचित सिंचाई नहीं होने से उसकी अधिकांश फसल चौपट हो गई थी। इससे वह काफी सदमे में था। शुक्रवार को जोखूराम बचीखुची फसल की कटाई कर रहा था।
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परिवारीजनों के मुताबिक दाना कमजोर देखकर जोखूराम को सदमा लगा और देखते ही देखते हृदयगति रुकने से उसकी मौत हो गई। आसपास के खेतों में काम कर रहे किसानों ने तत्काल जोखूराम को एक निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना से परिवार में कोहराम मच गया।
परिवारीजनों का कहना है कि गेहूं की फसल बर्बाद होने से उसकी आर्थिक स्थिति काफी गड़बड़ हो गई थी। स्थानीय राजस्व कर्मियों की लापरवाही के चलते उसे मुआवजा भी नहीं मिल सका था। गेहूं के बाद अब धान की फसल भी बर्बाद होने से जोखूराम सदमा बर्दाश्त नहीं कर सका, जिससे उसे हार्टअटैक पड़ गया।
उसके एक पुत्र व एक पुत्री है। उधर, एसडीएम नरेंद्र सिंह ने ऐसी किसी घटना की जानकारी होने से इनकार किया है। कहा कि ऐसी स्थिति तो अब नहीं है कि सदमे से किसी किसान की मौत हो जाए, फिर भी जानकारी कराई जा रही है।