{"_id":"5f51233c8ebc3ea40371b289","slug":"employee-ambedkar-nagar-news-lko5383295144","type":"story","status":"publish","title_hn":"एलआईसी कर्मियों ने सांसद को सौंपा ज्ञापन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एलआईसी कर्मियों ने सांसद को सौंपा ज्ञापन
विज्ञापन
अंबेडकरनगर। एलआईसी में सरकार की हिस्सेदारी कम करने की मंशा पर विरोध जताते हुए बीमा कर्मचारी संघ ने गुरुवार को सांसद रितेश पाण्डेय को ज्ञापन सौंपा। वक्ताओं ने कहा कि सरकार देश के मूल्यवान वित्तीय संस्थान में अपने हिस्से की पूंजी के एक निश्चित भाग को बेचने की प्रक्रिया को आगे बढ़ा दिया है। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। यह एक ऐसा निर्णय है जो पालिसी धारकों और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पर व्यापक प्रभाव डालेगा।
एलआईसी में सरकार की हिस्सेदारी कम करने की मंशा के विरोध में कर्मचारियों ने आवाज तेज कर दी है। गुरुवार को बीमा कर्मचारी संघ इकाई अध्यक्ष विजय कुमार मिश्र के नेतृत्व में बीमा कर्मचारियों ने सांसद रितेश पाण्डेय के आवास पर पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। कहा गया कि भारतीय जीवन बीमा निगम में सरकार की हिस्सेदारी कम करने की प्रक्रिया शुरू करने संबंधी खबरों और सरकार की कोशिशों से बीमा कर्मचारी व्यथित और चिंतित हैं। वित्त मंत्रलाय के अन्तर्गत निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग ने एलआईसी के आईपीओ से संबंधित प्रक्रिया में सहायता के लिए अपने सलाहकारों की नियुक्ति को अंतिम रूप दे दिया है। इस प्रकार सरकार ने देश की सर्वाधिक मूल्यवान सार्वजनिक वित्तीय संस्थान में अपने हिस्से की पूंजी के एक निश्चित भाग को बेचने की प्रक्रिया को आगे बढ़ा दिया है।
वक्ताओं ने कहा कि एलआईसी की स्थापना संसद के कानून द्वारा हुई थी। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक ऐसा कदम जो पॉलिसी धारक और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पर व्यापक प्रभाव डालेगा। उस पर सरकार बिना संसद में समग्र चर्चा के आगे बढ़ा रही है। वक्ताओं ने कहा कि सरकार के इस निर्णय से बीमा कर्मचारियों के साथ साथ पॉलिसी धारकों को व्यापक मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। यह किसी भी नजरिए से उचित नहीं है। एलआईसी की उन्नति, इसका विस्तार और पॉलिसी धारकों की संख्या और भुगतान के मामले में दुनिया की सबसे बड़ी बीमा कंपनी के रूप में उभरी है, यह सब एलआईसी ने अपने आंतरिक संसाधनों के बल पर किया है। इस बात को ध्यान में रखते हुए जो प्रक्रिया सरकार द्वारा अमल में लाई जा रही है, उस पर दोबारा विचार करने की जरूरत है। इस मौके पर तमाम कर्मचारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
एलआईसी में सरकार की हिस्सेदारी कम करने की मंशा के विरोध में कर्मचारियों ने आवाज तेज कर दी है। गुरुवार को बीमा कर्मचारी संघ इकाई अध्यक्ष विजय कुमार मिश्र के नेतृत्व में बीमा कर्मचारियों ने सांसद रितेश पाण्डेय के आवास पर पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। कहा गया कि भारतीय जीवन बीमा निगम में सरकार की हिस्सेदारी कम करने की प्रक्रिया शुरू करने संबंधी खबरों और सरकार की कोशिशों से बीमा कर्मचारी व्यथित और चिंतित हैं। वित्त मंत्रलाय के अन्तर्गत निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग ने एलआईसी के आईपीओ से संबंधित प्रक्रिया में सहायता के लिए अपने सलाहकारों की नियुक्ति को अंतिम रूप दे दिया है। इस प्रकार सरकार ने देश की सर्वाधिक मूल्यवान सार्वजनिक वित्तीय संस्थान में अपने हिस्से की पूंजी के एक निश्चित भाग को बेचने की प्रक्रिया को आगे बढ़ा दिया है।
विज्ञापन
वक्ताओं ने कहा कि एलआईसी की स्थापना संसद के कानून द्वारा हुई थी। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक ऐसा कदम जो पॉलिसी धारक और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पर व्यापक प्रभाव डालेगा। उस पर सरकार बिना संसद में समग्र चर्चा के आगे बढ़ा रही है। वक्ताओं ने कहा कि सरकार के इस निर्णय से बीमा कर्मचारियों के साथ साथ पॉलिसी धारकों को व्यापक मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। यह किसी भी नजरिए से उचित नहीं है। एलआईसी की उन्नति, इसका विस्तार और पॉलिसी धारकों की संख्या और भुगतान के मामले में दुनिया की सबसे बड़ी बीमा कंपनी के रूप में उभरी है, यह सब एलआईसी ने अपने आंतरिक संसाधनों के बल पर किया है। इस बात को ध्यान में रखते हुए जो प्रक्रिया सरकार द्वारा अमल में लाई जा रही है, उस पर दोबारा विचार करने की जरूरत है। इस मौके पर तमाम कर्मचारी मौजूद रहे।
विज्ञापन