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Ambedkar Nagar News: निवेश के रुपये मांगने पर पीटकर वृद्धा की हत्या
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चंद्रावती (फाइल फोटो)
राजेसुल्तानपुर (अंबेडकरनगर)। उधारी के एक लाख रुपये मांगने पर हुए विवाद में एक परिवार पर लाठी-डंडों, लोहे की रॉड और धारदार हथियार से हमला कर दिया गया। इस हमले में चंद्रावती पांडेय (85) की मौत हो गई, जबकि उनके बेटे समेत तीन लोग घायल हो गए। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है। पुलिस ने हत्या समेत अन्य धाराओं में सात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। इनमें मुख्य आरोपी ऋषि तिवारी, उसके भाई, मां और बहन को गिरफ्तार कर लिया है। दो बाल अपचारियों को संरक्षित किया गया है। आरोपियों की निशानदेही पर हमले में इस्तेमाल हथियार भी बरामद किए गए हैं।
भूपतिपुर कोड़रहा गांव निवासी श्याम नारायण पांडेय के मुताबिक, उन्होंने तीन वर्ष पहले पड़ोस के इंद्रमणि तिवारी को उनकी माइक्रो फाइनेंस कंपनी में निवेश के लिए एक लाख रुपये दिए थे। इंद्रमणि पदुमपुर में कंपनी का संचालन करते थे। पिछले वर्ष कैंसर से उनकी मौत हो गई थी। इसके बाद निवेशकों की रकम फंस गई।
बृहस्पतिवार शाम करीब छह बजे पदुमपुर निवासी एक महिला अपनी रकम मांगने इंद्रमणि के घर पहुंची। वहां उनकी मुलाकात इंद्रमणि के बेटे ऋषि तिवारी से हुई। इसी दौरान वहां पहुंचे श्याम नारायण ने भी अपने एक लाख रुपये बकाया होने की बात कही। इसी बात को लेकर विवाद शुरू हो गया। आरोप है कि इसके बाद ऋषि तिवारी, उसके भाई ऋतिक तिवारी, मां आशा तिवारी, बहन गरिमा मिश्रा, इनकी नाबालिग पुत्री व पुत्र और चचेरे भाई धर्मेंद्र तिवारी ने श्याम नारायण पर हमला कर दिया।
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हमले में श्याम नारायण गंभीर रूप से घायल हो गए। बेटे को पिटता देख उनकी 85 वर्षीय मां चंद्रावती पांडेय बचाने पहुंचीं तो आरोपियों ने उन्हें भी पीट दिया। हमले में श्याम नारायण की पत्नी गुंजन और उनके छोटे भाई ओम नारायण पांडेय की बेटी प्रियंका पांडेय को भी चोटें आईं। घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जहांगीरगंज ले जाया गया। वहां से मां-बेटे को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। चंद्रावती की हालत गंभीर होने पर उन्हें राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर भेजा गया, जहां देर रात उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। श्याम नारायण का इलाज चल रहा है। चंद्रावती की मौत से परिवार में मातम पसरा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना को लेकर ग्रामीणों में भी आक्रोश है।
150 से 200 लोगों की रकम फंसने का दावा
ग्रामीणों के मुताबिक, इंद्रमणि ने पदुमपुर-कम्हरिया मार्ग पर कार्यालय खोल रखा था। वह लोगों को निवेश के नाम पर रकम जमा करने और हर महीने एक से दो प्रतिशत तक लाभ देने का भरोसा देते थे। बताया जा रहा है कि करीब 150 से 200 लोगों से 50 लाख रुपये से अधिक की रकम लेने के बाद कार्यालय बंद कर दिया गया था। हालांकि, इस रकम और निवेशकों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ दिन पहले पदुमपुर चौक निवासी सत्यप्रकाश पांडेय भी तीन लाख रुपये वापस मांगने इंद्रमणि के घर पहुंचे थे। उस समय भी मारपीट होने की बात सामने आई थी। रुपये मांगने को लेकर पहले भी विवाद होने की चर्चा है।
गांव में पुलिस बल तैनात, परिवार में मातम
घटना की जानकारी मिलते ही सीओ आलापुर जितेंद्र सिंह और थानाध्यक्ष अमित कुमार पांडेय ने मौके पर पहुंचकर जांच की। श्याम नारायण की तहरीर पर सात लोगों के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, दंगा, मारपीट, खतरनाक हथियार से हमला और धमकी समेत अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई।
चार आरोपियों को किया गिरफ्तार
मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनके पास से वारदात में इस्तेमाल हथियार भी बरामद किए गए हैं। सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। दो बाल अपचारियों को किशोर न्याया बोर्ड भेजा गया है। तनाव को देखते हुए गांव के आसपास पुलिस बल तैनात किया गया है। - प्राची सिंह, एसपी
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भूपतिपुर कोड़रहा गांव निवासी श्याम नारायण पांडेय के मुताबिक, उन्होंने तीन वर्ष पहले पड़ोस के इंद्रमणि तिवारी को उनकी माइक्रो फाइनेंस कंपनी में निवेश के लिए एक लाख रुपये दिए थे। इंद्रमणि पदुमपुर में कंपनी का संचालन करते थे। पिछले वर्ष कैंसर से उनकी मौत हो गई थी। इसके बाद निवेशकों की रकम फंस गई।
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बृहस्पतिवार शाम करीब छह बजे पदुमपुर निवासी एक महिला अपनी रकम मांगने इंद्रमणि के घर पहुंची। वहां उनकी मुलाकात इंद्रमणि के बेटे ऋषि तिवारी से हुई। इसी दौरान वहां पहुंचे श्याम नारायण ने भी अपने एक लाख रुपये बकाया होने की बात कही। इसी बात को लेकर विवाद शुरू हो गया। आरोप है कि इसके बाद ऋषि तिवारी, उसके भाई ऋतिक तिवारी, मां आशा तिवारी, बहन गरिमा मिश्रा, इनकी नाबालिग पुत्री व पुत्र और चचेरे भाई धर्मेंद्र तिवारी ने श्याम नारायण पर हमला कर दिया।
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हमले में श्याम नारायण गंभीर रूप से घायल हो गए। बेटे को पिटता देख उनकी 85 वर्षीय मां चंद्रावती पांडेय बचाने पहुंचीं तो आरोपियों ने उन्हें भी पीट दिया। हमले में श्याम नारायण की पत्नी गुंजन और उनके छोटे भाई ओम नारायण पांडेय की बेटी प्रियंका पांडेय को भी चोटें आईं। घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जहांगीरगंज ले जाया गया। वहां से मां-बेटे को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। चंद्रावती की हालत गंभीर होने पर उन्हें राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर भेजा गया, जहां देर रात उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। श्याम नारायण का इलाज चल रहा है। चंद्रावती की मौत से परिवार में मातम पसरा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना को लेकर ग्रामीणों में भी आक्रोश है।
150 से 200 लोगों की रकम फंसने का दावा
ग्रामीणों के मुताबिक, इंद्रमणि ने पदुमपुर-कम्हरिया मार्ग पर कार्यालय खोल रखा था। वह लोगों को निवेश के नाम पर रकम जमा करने और हर महीने एक से दो प्रतिशत तक लाभ देने का भरोसा देते थे। बताया जा रहा है कि करीब 150 से 200 लोगों से 50 लाख रुपये से अधिक की रकम लेने के बाद कार्यालय बंद कर दिया गया था। हालांकि, इस रकम और निवेशकों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ दिन पहले पदुमपुर चौक निवासी सत्यप्रकाश पांडेय भी तीन लाख रुपये वापस मांगने इंद्रमणि के घर पहुंचे थे। उस समय भी मारपीट होने की बात सामने आई थी। रुपये मांगने को लेकर पहले भी विवाद होने की चर्चा है।
गांव में पुलिस बल तैनात, परिवार में मातम
घटना की जानकारी मिलते ही सीओ आलापुर जितेंद्र सिंह और थानाध्यक्ष अमित कुमार पांडेय ने मौके पर पहुंचकर जांच की। श्याम नारायण की तहरीर पर सात लोगों के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, दंगा, मारपीट, खतरनाक हथियार से हमला और धमकी समेत अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई।
चार आरोपियों को किया गिरफ्तार
मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनके पास से वारदात में इस्तेमाल हथियार भी बरामद किए गए हैं। सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। दो बाल अपचारियों को किशोर न्याया बोर्ड भेजा गया है। तनाव को देखते हुए गांव के आसपास पुलिस बल तैनात किया गया है। - प्राची सिंह, एसपी

चंद्रावती (फाइल फोटो)

चंद्रावती (फाइल फोटो)