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सात गांवों से गुजरेगा पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 28 Jun 2016 11:00 PM IST
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expressway in india
- फोटो : Wikipedia
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लखनऊ से बलिया तक बनने वाला समाजवादी पूर्वांचल एक्सप्रेस वे जिले के सात गांवों से होकर गुजरेगा। लगभग 61 हेक्टेयर भूमि इसके दायरे में आएगी और करीब 1000 किसान प्रभावित होंगे। जलालपुर व अकबरपुर तहसील से होकर जाने वाले इस एक्सप्रेस वे के निर्माण में भूमि का अधिग्रहण करने की बजाए प्रशासन किसानों से भूमि खरीदेगा। तय हुआ है कि अलग-अलग गांवों के हिसाब से लागू सर्किल रेट का चार गुना दाम किसानों को दिया जाएगा।
बीते दिनों मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लखनऊ से बलिया तक के लिए नए एक्सप्रेस वे के निर्माण की घोषणा की थी। यह निर्णय इसलिए भी लिया गया क्योंकि आगरा से लखनऊ तक एक एक्सप्रेस वे का निर्माण हो चुका है। पूर्वांचल तक इसे बढ़ाने के लिए ही लखनऊ से बलिया तक का नया एक्सप्रेस वे बनाने का निर्णय राज्य सरकार ने लिया है। लखनऊ से शुरू होकर यह एक्सप्रेस वे अमेठी, सुल्तानपुर, फैजाबाद, अंबेडकरनगर, आजमगढ़, मऊ व गाजीपुर होते हुए बलिया तक जाएगा।
निर्माण कार्य जल्द से जल्द शुरू हो इसके लिए शासन की ओर से लगातार आवश्यक प्रक्रिया अपनाई जा रही है। शासन ने तय किया है कि अलग-अलग गांवों के हिसाब से जो सर्किल रेट लागू है, उसका चार गुना दाम संबंधित किसानों को दिया जाएगा। संबंधित किसान की भूमि का अधिग्रहण करने की बजाए भूमि क्रय की जाएगी। एक्सप्रेस वे के दायरे में अकबरपुर व जलालपुर तहसील के सात गांव आ रहे हैं।
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इनमें अकबरपुर तहसील के रेवरा, अहेथा, रसूलपुर दियरा व उम्मरपुर और जलालपुर तहसील के रामगढ़, गोपरीचांदपुर व सिंधीपुर गांव शामिल हैं, जहां से एक्सप्रेस वे गुजरेगा। इन गांवों के किसानों से प्रशासन जमीन खरीदेगा। एक्सप्रेस वे के निर्माण में कोई कठिनाई न आए इसके लिए अकबरपुर व जलालपुर तहसील में नायब तहसीलदारों के नेतृत्व में टीम गठित कर संबंधित गांवों में फिर से सर्वे के निर्देश दिए गए हैं।
जलालपुर में नायब तहसीलदार विनोद कुमार व अकबरपुर में नायब तहसीलदार राजकुमार संबंधित राजस्व निरीक्षक व लेखपालों के साथ गांव जाकर भूमि का चिन्हीकरण करेंगे। ग्रामीणों को सर्किल रेट की जानकारी आदि देने के साथ ही कई अन्य आवश्यक प्रक्रिया पूरी कराएंगे। प्रत्येक सप्ताह प्रगति की समीक्षा भी बैठक के दौरान किए जाने का निर्णय लिया गया।बलिया एक्सप्रेस वे के निर्माण में तेजी लाए जाने के लिए मंगलवार को मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबंधित जिलों के डीएम व अन्य अधिकारियों से जानकारी ली।
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बीते दिनों मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लखनऊ से बलिया तक के लिए नए एक्सप्रेस वे के निर्माण की घोषणा की थी। यह निर्णय इसलिए भी लिया गया क्योंकि आगरा से लखनऊ तक एक एक्सप्रेस वे का निर्माण हो चुका है। पूर्वांचल तक इसे बढ़ाने के लिए ही लखनऊ से बलिया तक का नया एक्सप्रेस वे बनाने का निर्णय राज्य सरकार ने लिया है। लखनऊ से शुरू होकर यह एक्सप्रेस वे अमेठी, सुल्तानपुर, फैजाबाद, अंबेडकरनगर, आजमगढ़, मऊ व गाजीपुर होते हुए बलिया तक जाएगा।
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निर्माण कार्य जल्द से जल्द शुरू हो इसके लिए शासन की ओर से लगातार आवश्यक प्रक्रिया अपनाई जा रही है। शासन ने तय किया है कि अलग-अलग गांवों के हिसाब से जो सर्किल रेट लागू है, उसका चार गुना दाम संबंधित किसानों को दिया जाएगा। संबंधित किसान की भूमि का अधिग्रहण करने की बजाए भूमि क्रय की जाएगी। एक्सप्रेस वे के दायरे में अकबरपुर व जलालपुर तहसील के सात गांव आ रहे हैं।
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इनमें अकबरपुर तहसील के रेवरा, अहेथा, रसूलपुर दियरा व उम्मरपुर और जलालपुर तहसील के रामगढ़, गोपरीचांदपुर व सिंधीपुर गांव शामिल हैं, जहां से एक्सप्रेस वे गुजरेगा। इन गांवों के किसानों से प्रशासन जमीन खरीदेगा। एक्सप्रेस वे के निर्माण में कोई कठिनाई न आए इसके लिए अकबरपुर व जलालपुर तहसील में नायब तहसीलदारों के नेतृत्व में टीम गठित कर संबंधित गांवों में फिर से सर्वे के निर्देश दिए गए हैं।
जलालपुर में नायब तहसीलदार विनोद कुमार व अकबरपुर में नायब तहसीलदार राजकुमार संबंधित राजस्व निरीक्षक व लेखपालों के साथ गांव जाकर भूमि का चिन्हीकरण करेंगे। ग्रामीणों को सर्किल रेट की जानकारी आदि देने के साथ ही कई अन्य आवश्यक प्रक्रिया पूरी कराएंगे। प्रत्येक सप्ताह प्रगति की समीक्षा भी बैठक के दौरान किए जाने का निर्णय लिया गया।बलिया एक्सप्रेस वे के निर्माण में तेजी लाए जाने के लिए मंगलवार को मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबंधित जिलों के डीएम व अन्य अधिकारियों से जानकारी ली।