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डिजिटल अरेस्ट : बेटे की गिरफ्तारी का झांसा देकर ऐंठे 10 लाख
Tue, 06 Jan 2026 01:33 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Tue, 06 Jan 2026 01:33 AM IST
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अंबेडकरनगर। जैतपुर निवासी एक बुजुर्ग को साइबर ठगों ने बीते 26 दिसंबर को फोन कर बेटे को गिरफ्तार करने की धमकी देकर आठ दिनों तक डिजिटल अरेस्ट रखा। इसके बाद जेल भेजने की धमकी देकर करीब 10 लाख रुपये कोलकाता के खाते में ट्रांसफार्मर करा लिए। दो जनवरी को जब बुजुर्ग को फोन आने बंद हुए तो उन्हें ठगी का एहसास हुआ। उनकी तहरीर पर रविवार रात को साइबर थाने में रिपोर्ट दर्जकर पुलिस ने मामले में जांच शुरू की है।
प्राइवेट नौकरी से सेवानिवृत्त बुजुर्ग अपने गांव में पत्नी के साथ रहते हैं। उनका बेटा दूसरे शहर में नौकरी करता है। बीते 26 दिसंबर को उनके मोबाइल पर एक कॉल आई। फोन करने वाले ने खुद को पुलिस अधिकारी बताया और उनके बेटे का साइबर ठगों से संबंध होने की जानकारी दी। इसके बाद साइबर ठगों ने बुजुर्ग को किसी से फोन पर बात न करने की बात कहकर डिजिटल अरेस्ट कर लिया। इसके बाद प्रतिदिन छह से सात बार फोन पर धमकाना शुरू कर दिया। बेटे के जेल जाने के डर से उन्होंने घर में किसी को कुछ नहीं बताया।
30 दिसंबर को वह बैंक गए और उन्होंने ऑनलाइन 10 लाख रुपये साइबर ठग के कोलकाता से संचालित खाते में ट्रांसफर कर दिए। रकम ट्रांसफर होने के बाद भी साइबर जालसाज दो जनवरी तक लगातार संपर्क कर धमकाते रहे। दो जनवरी को अचानक फोन आना बंद हुआ तो उन्हें ठगी का एहसास हुआ और इसकी जानकारी परिजनों से साझा की। इसके बाद थाने पहुंचकर शिकायत की।
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प्रभारी निरीक्षक साइबर राजकुमार वर्मा ने बताया कि ठगी गई रकम को खाते में होल्ड कराने का प्रयास किया गया, लेकिन 30 दिसंबर से एक जनवरी तक ठग सारी रकम कोलकाता में ही खाते से निकाल चुके थे। साइबर ठगों तक पहुंचने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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प्राइवेट नौकरी से सेवानिवृत्त बुजुर्ग अपने गांव में पत्नी के साथ रहते हैं। उनका बेटा दूसरे शहर में नौकरी करता है। बीते 26 दिसंबर को उनके मोबाइल पर एक कॉल आई। फोन करने वाले ने खुद को पुलिस अधिकारी बताया और उनके बेटे का साइबर ठगों से संबंध होने की जानकारी दी। इसके बाद साइबर ठगों ने बुजुर्ग को किसी से फोन पर बात न करने की बात कहकर डिजिटल अरेस्ट कर लिया। इसके बाद प्रतिदिन छह से सात बार फोन पर धमकाना शुरू कर दिया। बेटे के जेल जाने के डर से उन्होंने घर में किसी को कुछ नहीं बताया।
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30 दिसंबर को वह बैंक गए और उन्होंने ऑनलाइन 10 लाख रुपये साइबर ठग के कोलकाता से संचालित खाते में ट्रांसफर कर दिए। रकम ट्रांसफर होने के बाद भी साइबर जालसाज दो जनवरी तक लगातार संपर्क कर धमकाते रहे। दो जनवरी को अचानक फोन आना बंद हुआ तो उन्हें ठगी का एहसास हुआ और इसकी जानकारी परिजनों से साझा की। इसके बाद थाने पहुंचकर शिकायत की।
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प्रभारी निरीक्षक साइबर राजकुमार वर्मा ने बताया कि ठगी गई रकम को खाते में होल्ड कराने का प्रयास किया गया, लेकिन 30 दिसंबर से एक जनवरी तक ठग सारी रकम कोलकाता में ही खाते से निकाल चुके थे। साइबर ठगों तक पहुंचने के प्रयास किए जा रहे हैं।