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एप पर फीड होगा सभी दुर्घटनाओं का विवरण
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अंबेडकरनगर। जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्र में होने वाली मार्ग दुर्घटनाओं का डाटा अब ऑनलाइन होगा। इसके लिए पुलिस, स्वास्थ्य, हाईवे व परिवहन विभाग आपसी समन्वय के साथ मिलकर आईआरएडी (इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डाटाबेस) एप को क्रियाशील बनाएंगे। इसके लिए एनआईसी के स्तर से पूरी कार्ययोजना में जुटे चारों विभागों के कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। आईआईटी चेन्नई द्वारा विकसित आईआरएडी एप पर दुर्घटना से जुड़ा जरूरी डाटा फीड किया जाएगा। इसकी मदद से क्षेत्र के दुर्घटना बाहुल्य इलाकों को चिह्नित करने के साथ ही ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने में भी प्रभावी मदद मिल सकेगी।
सड़क हादसों का ऑनलाइन डाटा तैयार कराने के लिए एनआईसी तेजी से पहल कर रहा है। सूचना विज्ञान अधिकारी अमरेंद्र प्रताप ने बताया कि पूर्व में राष्ट्रीय परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से 15 मार्च 2021 से मार्ग हादसों का ऑनलाइन रिकॉर्ड तैयार कराया जा रहा है। वर्तमान में ऐेसे मामले ही रिकॉर्ड हो पाते थे, जिनमें मुकदमा दर्ज होता था। अब आईआरएडी एप को जिले में भी क्रियाशील बनाया जाएगा। इसमें पुलिस, स्वास्थ्य, हाईवे व परिवहन विभाग की सहभागिता रहेगी। इस एप की मदद से संबंधित विभाग सभी मार्ग हादसों का ऑनलाइन डाटा तैयार करेंगे। इस एप पर दुर्घटना स्थल, पीड़ित का नाम पता, दुर्घटनाग्रस्त वाहन की फोटो व पंजीकरण से जुड़ी जानकारी उपलब्ध हो सकेगी।
एनआईसी अधिकारी ने बताया कि इससे जुड़ी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस एप पर अब सभी तरह के मार्ग हादसों को ऑनलाइन फीड किया जा सकेगा। इससे मार्ग हादसों से जुड़े सही आंकड़े मिलने के साथ ही हादसों के शिकार लोगों को बीमा व शासन की योजनाओं का लाभ पाने में भी आसानी होगी।
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सड़क हादसों का ऑनलाइन डाटा तैयार कराने के लिए एनआईसी तेजी से पहल कर रहा है। सूचना विज्ञान अधिकारी अमरेंद्र प्रताप ने बताया कि पूर्व में राष्ट्रीय परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से 15 मार्च 2021 से मार्ग हादसों का ऑनलाइन रिकॉर्ड तैयार कराया जा रहा है। वर्तमान में ऐेसे मामले ही रिकॉर्ड हो पाते थे, जिनमें मुकदमा दर्ज होता था। अब आईआरएडी एप को जिले में भी क्रियाशील बनाया जाएगा। इसमें पुलिस, स्वास्थ्य, हाईवे व परिवहन विभाग की सहभागिता रहेगी। इस एप की मदद से संबंधित विभाग सभी मार्ग हादसों का ऑनलाइन डाटा तैयार करेंगे। इस एप पर दुर्घटना स्थल, पीड़ित का नाम पता, दुर्घटनाग्रस्त वाहन की फोटो व पंजीकरण से जुड़ी जानकारी उपलब्ध हो सकेगी।
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एनआईसी अधिकारी ने बताया कि इससे जुड़ी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस एप पर अब सभी तरह के मार्ग हादसों को ऑनलाइन फीड किया जा सकेगा। इससे मार्ग हादसों से जुड़े सही आंकड़े मिलने के साथ ही हादसों के शिकार लोगों को बीमा व शासन की योजनाओं का लाभ पाने में भी आसानी होगी।
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