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Ambedkar Nagar News: टांडा व आलापुर क्षेत्र में बढ़ा कटान का खतरा
Mon, 10 Jul 2023 11:02 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Mon, 10 Jul 2023 11:02 PM IST
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राजेसुल्तानपुर क्षेत्र में बढ़ा कटान का खतरा।
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राजेसुल्तानपुर (अंबेडकरनगर)। सरयू नदी के जलस्तर में गिरावट के साथ कटान का खतरा बढ़ गया है। इटौरा ढोलीपुर के बाद इलाके के एक दर्जन से अधिक गांव के सैकड़ों लोग कटान की आशंका से डरे हुए हैं। हालात को देखते हुए प्रशासन ने टांडा व आलापुर क्षेत्र में 16 बाढ़ चौकियों की स्थापित करने के साथ 42 नावों का अधिग्रहण किया है। इलाके के 37 गोताखोरों को अलर्ट किया गया है।
सरयू नदी के जलस्तर में कुछ दिनों से उतार-चढ़ाव जारी है। इन दिनों जलस्तर में कमी होने से टांडा व आलापुर तहसील क्षेत्र के कुछ इलाकों में कटान का खतरा उत्पन्न हो गया है। आलापुर क्षेत्र के कम्हरिया व इटौरा ढोलीपुर में सरयू ने कटान शुरू कर दी है। रविवार को कटान के चलते करीब 40 बीघा खेत नदी में समा गए। इन क्षेत्रों में सोमवार को कटान नहीं हुई लेकिन माझा कम्हरिया व अराजी देवारा गांव में कटान की आशंका बढ़ गई। इससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
गांव के राघवेद्र सिंह, कृपाशंकर सिंह, उदयभान यादव, भावेश सिंह, ताल्लुकदार, सतीराम आदि का कहना है कि कटान को रोकने के लिए प्रशासन को जरूरी इंतजाम करने चाहिएं। कटान की आशंका को देखते हुए तटीय गांवों के लोगों को नदी के करीब जाने से बचने की सलाह दी जा रही है। टांडा व आलापुर दोनों तहसील के एक दर्जन से अधिक गांवों में कटान का खतरा बढ़ गया है।
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बाढ़ से प्रभावित होते माझा क्षेत्र के 23 गांव
सरयू का जलस्तर बढ़ने पर माझा क्षेत्र के 23 गांव बाढ़ की चपेट में आते हैं। इसमें टांडा क्षेत्र के 10 और आलापुर क्षेत्र के 13 गांव शामिल हैं। बाढ़ की दशा में इन गावों की करीब 15 हजार की आबादी प्रभावित होती है।
कलेक्ट्रेट में खुला कंट्रोल रूम
आपदा विभाग के प्रतीक टंडन ने बताया कि कलेक्ट्रेट परिसर में कंट्रोल रूम खोला गया है। टोल फ्री नंबर 1077 तथा 05271-244250 व 05271-244550 पर बाढ़ से संबंधित सूचना दी जा सकती है। कंट्रोल रूम में 24 घंटे कर्मचारी तैनात किए गए हैं। इसके साथ ही टांडा व आलापुर में आठ-आठ बाढ़ चौकी खोली गईं हैं। टांडा में पांच और आलापुर तहसील क्षेत्र में चार आश्रयस्थल बनाए गए हैं।
सरयू नदी का जलस्तर से अभी परेशान होने की जरूरत नहीं है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा भी लिया जा रहा है। बाढ़ से निपटने को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कटान की आशंका वाले क्षेत्रों में निगरानी की जा रही है।
-डॉ. सदानंद गुप्त, एडीएम
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सरयू नदी के जलस्तर में कुछ दिनों से उतार-चढ़ाव जारी है। इन दिनों जलस्तर में कमी होने से टांडा व आलापुर तहसील क्षेत्र के कुछ इलाकों में कटान का खतरा उत्पन्न हो गया है। आलापुर क्षेत्र के कम्हरिया व इटौरा ढोलीपुर में सरयू ने कटान शुरू कर दी है। रविवार को कटान के चलते करीब 40 बीघा खेत नदी में समा गए। इन क्षेत्रों में सोमवार को कटान नहीं हुई लेकिन माझा कम्हरिया व अराजी देवारा गांव में कटान की आशंका बढ़ गई। इससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
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गांव के राघवेद्र सिंह, कृपाशंकर सिंह, उदयभान यादव, भावेश सिंह, ताल्लुकदार, सतीराम आदि का कहना है कि कटान को रोकने के लिए प्रशासन को जरूरी इंतजाम करने चाहिएं। कटान की आशंका को देखते हुए तटीय गांवों के लोगों को नदी के करीब जाने से बचने की सलाह दी जा रही है। टांडा व आलापुर दोनों तहसील के एक दर्जन से अधिक गांवों में कटान का खतरा बढ़ गया है।
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बाढ़ से प्रभावित होते माझा क्षेत्र के 23 गांव
सरयू का जलस्तर बढ़ने पर माझा क्षेत्र के 23 गांव बाढ़ की चपेट में आते हैं। इसमें टांडा क्षेत्र के 10 और आलापुर क्षेत्र के 13 गांव शामिल हैं। बाढ़ की दशा में इन गावों की करीब 15 हजार की आबादी प्रभावित होती है।
कलेक्ट्रेट में खुला कंट्रोल रूम
आपदा विभाग के प्रतीक टंडन ने बताया कि कलेक्ट्रेट परिसर में कंट्रोल रूम खोला गया है। टोल फ्री नंबर 1077 तथा 05271-244250 व 05271-244550 पर बाढ़ से संबंधित सूचना दी जा सकती है। कंट्रोल रूम में 24 घंटे कर्मचारी तैनात किए गए हैं। इसके साथ ही टांडा व आलापुर में आठ-आठ बाढ़ चौकी खोली गईं हैं। टांडा में पांच और आलापुर तहसील क्षेत्र में चार आश्रयस्थल बनाए गए हैं।
सरयू नदी का जलस्तर से अभी परेशान होने की जरूरत नहीं है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा भी लिया जा रहा है। बाढ़ से निपटने को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कटान की आशंका वाले क्षेत्रों में निगरानी की जा रही है।
-डॉ. सदानंद गुप्त, एडीएम