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लाखों के बकाए में बिजली काटने पर तहसीलदार ने लाइनमैन को बनाया बंधक
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अंबेडकरनगर। लगभग 28 लाख रुपये के बकाए में ऑफीसर्स क्वार्टर की बिजली काट देने पर तहसीलदार अकबरपुर ने शनिवार को बिजली विभाग के एक लाइनमैन को बंधक बना लिया। लाइनमैन को उन्होंने अपने वाहन पर बैठाया और विकास भवन ले गए। मामले की जानकारी होते ही विभागीय उच्चाधिकारियों ने डीएम व एसपी को पूरे प्रकरण से अवगत कराया। डीएम ने नाराजगी जताते हुए फौरन लाइनमैन को छोड़े जाने का आदेश दिया। साथ ही कहा कि सभी सरकारी आवासों व कार्यालयों के विद्युत भुगतान के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं।
राजस्व में वृद्धि के लिए विद्युत विभाग बीते कुछ समय से बकाया वसूली को लेकर सख्ती कर रहा है। इसी क्रम में विभागीय अधिकारियों के आदेश पर अकबरपुर विद्युत उपकेंद्र में कार्यरत लाइनमैन ने शनिवार दिन में ऑफीसर्स हास्टल व आफीसर्स क्वार्टर की बिजली काट दी। विभाग के अनुसार ऑफीसर्स हास्टल पर 24 लाख रुपये तथा आफीसर्स क्वार्टर पर 28 लाख रुपये का बकाया है। पूर्व में कई बार बिल भेजा गया, लेकिन भुगतान नहीं हुआ। इस पर शनिवार को बिजली काट दी गई।
बताया जाता है कि ऑफीसर्स हास्टल की बिजली काटने के बाद जब लाइनमैन राधेश्याम ने अन्य सहयोगियों के साथ ऑफीसर्स क्वार्टर की बिजली काटी, तो उस समय वहां तहसीलदार अकबरपुर गिरिवर सिंह मौजूद थे। आरोप के अनुसार उन्होंने लाइनमैन को पकड़वा लिया और बंधक बनाते हुए सरकारी आवास में रोक लिया। इसके बाद सरकारी वाहन पर बिठाकर लाइनमैन को विकास भवन ले गए। आरोप है कि इस दौरान उसके साथ काफी दुर्वव्यवहार किया गया।
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साथी कर्मियों ने भागकर विभागीय उच्चाधिकारियों को प्रकरण की जानकारी दी। अधीक्षण अभियंता व अधिशाषी अभियंता ने पूरे प्रकरण से डीएम व एसपी को अवगत कराया। डीएम सुरेश कुमार ने मामले में नाराजगी जताई और तत्काल लाइनमैन को छोड़े जाने को कहा। साथ ही एडीएम को निर्देशित किया कि रविवार को विद्युत विभाग के साथ बैठककर यह सुनिश्चित करें कि बिलों का भुगतान नए बिल के अनुरूप शुरू हो जाए।
लंबित भुगतान की भी प्रक्रिया नियम के अनुसार लाई जाए। इस बीच डीएम के सख्त रुख के बाद लाइनमैन को विकास भवन से छोड़ दिया गया। इससे पहले वह लगभग आधे घंटे तक बंधक बना रहा। उधर तहसीलदार ने कहा कि बंधक बनाने जैसी बात तथ्यहीन है। सही तो यह है कि बकाए के सिलसिले में विस्तृत जानकारी हासिल करने के लिए ही उसे विकास भवन ले गया था।
जेल भेजने की दी धमकी
तहसीलदार ने लाइनमैन के साथ अभद्रतापूर्ण आचरण किया। उसे बंधक बनाकर विकास भवन तक ले गए। उसे तमाम धाराओं में जेल भिजवा देने की धमकी दी गई। तहसीलदार का आचरण अत्यंत अनुचित था। डीएम के संज्ञान में मामला लाए जाने के तुरंत बाद लाइनमैन को विकास भवन से छोड़ा गया। -वीके पटेल, अधिशाषी अभियंता
जानकारी होते ही छुड़वाया लाइनमैन
प्रकरण की जानकारी हुई, तो मैंने तत्काल नाराजगी प्रकट करते हुए कहा कि लाइनमैन को रोककर कोई बात न की जाए। वह तो अपने अधिकारियों के निर्देश का पालन करने गया था। इस पर उसे तत्काल जाने दिया गया। मैंने यह निर्देश दिया है कि विद्युत बकाए को लेकर सभी विभाग स्पष्ट तौर पर भुगतान की प्रक्रिया नियमित रूप से करें। -सुरेश कुमार, डीएम
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राजस्व में वृद्धि के लिए विद्युत विभाग बीते कुछ समय से बकाया वसूली को लेकर सख्ती कर रहा है। इसी क्रम में विभागीय अधिकारियों के आदेश पर अकबरपुर विद्युत उपकेंद्र में कार्यरत लाइनमैन ने शनिवार दिन में ऑफीसर्स हास्टल व आफीसर्स क्वार्टर की बिजली काट दी। विभाग के अनुसार ऑफीसर्स हास्टल पर 24 लाख रुपये तथा आफीसर्स क्वार्टर पर 28 लाख रुपये का बकाया है। पूर्व में कई बार बिल भेजा गया, लेकिन भुगतान नहीं हुआ। इस पर शनिवार को बिजली काट दी गई।
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बताया जाता है कि ऑफीसर्स हास्टल की बिजली काटने के बाद जब लाइनमैन राधेश्याम ने अन्य सहयोगियों के साथ ऑफीसर्स क्वार्टर की बिजली काटी, तो उस समय वहां तहसीलदार अकबरपुर गिरिवर सिंह मौजूद थे। आरोप के अनुसार उन्होंने लाइनमैन को पकड़वा लिया और बंधक बनाते हुए सरकारी आवास में रोक लिया। इसके बाद सरकारी वाहन पर बिठाकर लाइनमैन को विकास भवन ले गए। आरोप है कि इस दौरान उसके साथ काफी दुर्वव्यवहार किया गया।
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साथी कर्मियों ने भागकर विभागीय उच्चाधिकारियों को प्रकरण की जानकारी दी। अधीक्षण अभियंता व अधिशाषी अभियंता ने पूरे प्रकरण से डीएम व एसपी को अवगत कराया। डीएम सुरेश कुमार ने मामले में नाराजगी जताई और तत्काल लाइनमैन को छोड़े जाने को कहा। साथ ही एडीएम को निर्देशित किया कि रविवार को विद्युत विभाग के साथ बैठककर यह सुनिश्चित करें कि बिलों का भुगतान नए बिल के अनुरूप शुरू हो जाए।
लंबित भुगतान की भी प्रक्रिया नियम के अनुसार लाई जाए। इस बीच डीएम के सख्त रुख के बाद लाइनमैन को विकास भवन से छोड़ दिया गया। इससे पहले वह लगभग आधे घंटे तक बंधक बना रहा। उधर तहसीलदार ने कहा कि बंधक बनाने जैसी बात तथ्यहीन है। सही तो यह है कि बकाए के सिलसिले में विस्तृत जानकारी हासिल करने के लिए ही उसे विकास भवन ले गया था।
जेल भेजने की दी धमकी
तहसीलदार ने लाइनमैन के साथ अभद्रतापूर्ण आचरण किया। उसे बंधक बनाकर विकास भवन तक ले गए। उसे तमाम धाराओं में जेल भिजवा देने की धमकी दी गई। तहसीलदार का आचरण अत्यंत अनुचित था। डीएम के संज्ञान में मामला लाए जाने के तुरंत बाद लाइनमैन को विकास भवन से छोड़ा गया। -वीके पटेल, अधिशाषी अभियंता
जानकारी होते ही छुड़वाया लाइनमैन
प्रकरण की जानकारी हुई, तो मैंने तत्काल नाराजगी प्रकट करते हुए कहा कि लाइनमैन को रोककर कोई बात न की जाए। वह तो अपने अधिकारियों के निर्देश का पालन करने गया था। इस पर उसे तत्काल जाने दिया गया। मैंने यह निर्देश दिया है कि विद्युत बकाए को लेकर सभी विभाग स्पष्ट तौर पर भुगतान की प्रक्रिया नियमित रूप से करें। -सुरेश कुमार, डीएम