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नि:शुल्क् इलाज के लिए विशेष शिविरों में बनेंगे गोल्डन कार्ड
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अंबेडकरनगर। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत नि:शुल्क उपचार के लिए चयनित लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बनाने का कार्य तेज हो गया है। 21 जनवरी से शुरू हुए इस अभियान के तहत पात्र चयनित अस्पतालों के अलावा अब जिले के 360 कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) पर भी अपना गोल्डन कार्ड बनवा सकेंगे। अस्पतालों में जहां गोल्डन कार्ड नि:शुल्क बनेगा, वहीं सीएससी पर उन्हें इसके लिए 30 रुपये शुल्क देना होगा। 31 जनवरी तक पात्र संबंधित स्थानों पर पहुंचकर अपना गोल्डन कार्ड बनवा सकते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गरीबों को पांच लाख रुपये तक का नि:शुल्क इलाज देने की योजना शुरू की है। प्रधानमंत्री जन आरोग्य के नाम से संचालित इस योजना के तहत वर्ष 2011 में आर्थिक एवं सामाजिक आधार पर हुई जनगणना की बीपीएल सूची में शामिल पात्रों को योजना का लाभ देने का प्राविधान है। स्वास्थ्य विभाग ने अब तक इस योजना के तहत करीब एक लाख पात्रों को चयनित किया है।
सरकार की मंशा है कि पात्रों को गोल्डन कार्ड मुहैया कराया जाए, जिससे वह चयनित किसी भी अस्पताल में अपना नि:शुल्क उपचार करा सकें। प्रचार-प्रसार व पात्रों में जागरूकता के अभाव के चलते अपेक्षित गति से गोल्डन कार्ड नहीं बन पा रहा था। ऐसे में शासन ने पात्रों को त्वरित गति से योजना का लाभ देने के लिए कैंप लगाकर गोल्डन कार्ड बनवाने का निर्देश दिया है।
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कहा गया कि योजना के बारे में प्रचार-प्रसार कराया जाए और गोल्डन कार्ड बनाने के कार्य में विभिन्न ग्राम पंचायत स्तर पर चल रहे कॉमन सर्विस सेंटर को भी लगाया जाए, जिससे पात्रों को सुविधा मिल सके।
जिला कार्यक्रम समन्वयक डॉ. मुकुल त्रिपाठी ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार जिले के 360 कॉमन सर्विस सेंटर संचालकों को निर्देशित किया गया है कि वह कैंप लगाकर पात्रों के गोल्डन कार्ड बनाएं, जिससे पात्र लोग बीमार होने पर सरकार की नि:शुल्क उपचार योजना का लाभ उठा सकें।
बताया कि 21 जनवरी से कैंप की शुरुआत हो चुकी है। प्रतिदिन इसकी समीक्षा की जा रही है। अब तक छह हजार से अधिक पात्रों का कार्ड बनाया जा चुका है। 31 जनवरी तक यह अभियान पूरे जिले में चलेगा। उन्होंने पात्रों से अपने नजदीक के कॉमन सर्विस सेंटरों पर पहुंचकर गोल्डन कार्ड बनवाने का आह्वान किया है।
इंसेट
इन स्थानों पर भी बनेगा सकेगा कार्ड
आयुष्मान भारत के नोडल अधिकारी डॉ. आशुतोष सिंह ने बताया कि कॉमन सर्विस सेंटरों के अलावा पात्र व्यक्ति जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र टांडा, बसखारी, जलालपुर, मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर, कनक हॉस्पिटल मोहिसनपुर, रामा हॉस्पिटल राहुलनगर पर भी कार्ड बनवा सकते हैं। कॉमन सेंटरों पर पात्रों को 30 रुपये का शुल्क कार्ड के लिए देना होगा, जबकि सरकारी अस्पतालों में यह कार्ड नि:शुल्क बनेगा।
वर्जन
नियमित की जा रही समीक्षा
योजना का लाभ पात्रों तक सुचारु रूप से पहुंचाने के लिए प्रतिदिन समीक्षा की जा रही है। गोल्डन बनाने का कार्य तेजी से चल रहा है। जिन पात्रों का नाम सूची में है, वह निर्धारित स्थान पर अपना आधारकार्ड, बीपीएल राशनकार्ड साथ ले जाकर गोल्डन कार्ड बनवा सकते हैं।
- डॉ अशोक कुमार, सीएमओ
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गरीबों को पांच लाख रुपये तक का नि:शुल्क इलाज देने की योजना शुरू की है। प्रधानमंत्री जन आरोग्य के नाम से संचालित इस योजना के तहत वर्ष 2011 में आर्थिक एवं सामाजिक आधार पर हुई जनगणना की बीपीएल सूची में शामिल पात्रों को योजना का लाभ देने का प्राविधान है। स्वास्थ्य विभाग ने अब तक इस योजना के तहत करीब एक लाख पात्रों को चयनित किया है।
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सरकार की मंशा है कि पात्रों को गोल्डन कार्ड मुहैया कराया जाए, जिससे वह चयनित किसी भी अस्पताल में अपना नि:शुल्क उपचार करा सकें। प्रचार-प्रसार व पात्रों में जागरूकता के अभाव के चलते अपेक्षित गति से गोल्डन कार्ड नहीं बन पा रहा था। ऐसे में शासन ने पात्रों को त्वरित गति से योजना का लाभ देने के लिए कैंप लगाकर गोल्डन कार्ड बनवाने का निर्देश दिया है।
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कहा गया कि योजना के बारे में प्रचार-प्रसार कराया जाए और गोल्डन कार्ड बनाने के कार्य में विभिन्न ग्राम पंचायत स्तर पर चल रहे कॉमन सर्विस सेंटर को भी लगाया जाए, जिससे पात्रों को सुविधा मिल सके।
जिला कार्यक्रम समन्वयक डॉ. मुकुल त्रिपाठी ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार जिले के 360 कॉमन सर्विस सेंटर संचालकों को निर्देशित किया गया है कि वह कैंप लगाकर पात्रों के गोल्डन कार्ड बनाएं, जिससे पात्र लोग बीमार होने पर सरकार की नि:शुल्क उपचार योजना का लाभ उठा सकें।
बताया कि 21 जनवरी से कैंप की शुरुआत हो चुकी है। प्रतिदिन इसकी समीक्षा की जा रही है। अब तक छह हजार से अधिक पात्रों का कार्ड बनाया जा चुका है। 31 जनवरी तक यह अभियान पूरे जिले में चलेगा। उन्होंने पात्रों से अपने नजदीक के कॉमन सर्विस सेंटरों पर पहुंचकर गोल्डन कार्ड बनवाने का आह्वान किया है।
इंसेट
इन स्थानों पर भी बनेगा सकेगा कार्ड
आयुष्मान भारत के नोडल अधिकारी डॉ. आशुतोष सिंह ने बताया कि कॉमन सर्विस सेंटरों के अलावा पात्र व्यक्ति जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र टांडा, बसखारी, जलालपुर, मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर, कनक हॉस्पिटल मोहिसनपुर, रामा हॉस्पिटल राहुलनगर पर भी कार्ड बनवा सकते हैं। कॉमन सेंटरों पर पात्रों को 30 रुपये का शुल्क कार्ड के लिए देना होगा, जबकि सरकारी अस्पतालों में यह कार्ड नि:शुल्क बनेगा।
वर्जन
नियमित की जा रही समीक्षा
योजना का लाभ पात्रों तक सुचारु रूप से पहुंचाने के लिए प्रतिदिन समीक्षा की जा रही है। गोल्डन बनाने का कार्य तेजी से चल रहा है। जिन पात्रों का नाम सूची में है, वह निर्धारित स्थान पर अपना आधारकार्ड, बीपीएल राशनकार्ड साथ ले जाकर गोल्डन कार्ड बनवा सकते हैं।
- डॉ अशोक कुमार, सीएमओ