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शिक्षकों के बीच हाथापाई व हंगामा, चुनाव कार्यक्रम निरस्त
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शिक्षकों के बीच हाथापाई व हंगामा, चुनाव कार्यक्रम निरस्त
अंबेडकरनगर। माध्यमिक शिक्षक संघ शर्मा गुट का चुनाव सोमवार को हंगामे की भेंट चढ़ गया। चुनाव अधिकारी द्वारा आपत्तियों के बाद 20 मतदाताओं का नाम खारिज करने के बाद ही निर्वाचन स्थल पर शिक्षकों के बीच मारपीट की स्थिति उत्पन्न हो गई। हंगामा इस कदर बरपा कि अकबरपुर कोतवाली पुलिस को मौके पर पहुंचना पड़ा। बाद में चुनाव अधिकारी ने निर्वाचन को स्थगित कर दिया। पूरे प्रकरण की रिपोर्ट शिक्षक संघ के केंद्रीय नेतृत्व को दे दी गई है। माना जा रहा है कि प्रकरण में कुछ शिक्षक नेताओं पर गाज गिर सकती है।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सोमवार को उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ शर्मा गुट के चुनाव की प्रक्रिया अकबरपुर नगर के बीएन इंटर कॉलेज परिसर में सुबह से ही शुरू हुई। शिक्षकों की गहमा-गहमी लगातार बढ़ने लगी। चुनाव प्रक्रिया को निपटाने के लिए लखनऊ से चुनाव अधिकारी के रूप में देवभाष्कर तिवारी पहुंचे हुए थे।
अध्यक्ष पद के एक दावेदार उदयराज मिश्र ने मतदाताओं की अनंतिम सूची में 30 डेलीगेटों के नाम पर आपत्ति करते हुए आरोप लगाया कि इनका नाम बैक डेट में मनमाने ढंग से शामिल किया गया है। उन्होंने इसके लिए कई तरह के प्रमाण भी दिए। उधर मौजूदा जिलाध्यक्ष व अध्यक्ष पद के प्रत्याशी राजाराम वर्मा ने कहा कि सभी सदस्यों का शुल्क समय से जमा है, तो फिर किसी भी सदस्य को मतदान के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता। काफी देर तक चली गहमा-गहमी के बाद चुनाव अधिकारी ने अपना फैसला सुनाते हुए आपत्ति वाले 30 सदस्यों में से 20 सदस्यों का नाम खारिज कर दिया।
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ऐसा होते ही वहां हंगामा खड़ा हो गया। चुनाव अधिकारी से मारपीट की कोशिश की गई। उनके हाथ में मौजूद फाइल छीन ली गई। इससे वहां अफरा तफरी का माहौल खड़ा हो गया। शिक्षकों के बीच मारपीट की स्थिति उत्पन्न हो गई। सूचना मिलते ही अकबरपुर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस टीम ने पहले शिक्षकों को समझाने का प्रयास किया। इस पर भी बात नहीं बनी तो पुलिस को अपना रवैया कड़ा करना पड़ा।
इसके बाद वहां मामला शांत हो सका। इस बीच हंगामे व अभद्रता को देखते हुए चुनाव अधिकारी ने चुनाव कार्यक्रम निरस्त कर दिया। चुनाव अधिकारी ने केंद्रीय नेतृत्व को पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट भी भेज दी है। माना जा रहा है कि जल्द ही कुछ शिक्षक नेताओं पर इसकी गाज गिर सकती है। चुनाव अधिकारी देवभाष्कर तिवारी ने चुनाव कार्यक्रम हंगामे के चलते निरस्त करने की पुष्टि की है।
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अंबेडकरनगर। माध्यमिक शिक्षक संघ शर्मा गुट का चुनाव सोमवार को हंगामे की भेंट चढ़ गया। चुनाव अधिकारी द्वारा आपत्तियों के बाद 20 मतदाताओं का नाम खारिज करने के बाद ही निर्वाचन स्थल पर शिक्षकों के बीच मारपीट की स्थिति उत्पन्न हो गई। हंगामा इस कदर बरपा कि अकबरपुर कोतवाली पुलिस को मौके पर पहुंचना पड़ा। बाद में चुनाव अधिकारी ने निर्वाचन को स्थगित कर दिया। पूरे प्रकरण की रिपोर्ट शिक्षक संघ के केंद्रीय नेतृत्व को दे दी गई है। माना जा रहा है कि प्रकरण में कुछ शिक्षक नेताओं पर गाज गिर सकती है।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सोमवार को उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ शर्मा गुट के चुनाव की प्रक्रिया अकबरपुर नगर के बीएन इंटर कॉलेज परिसर में सुबह से ही शुरू हुई। शिक्षकों की गहमा-गहमी लगातार बढ़ने लगी। चुनाव प्रक्रिया को निपटाने के लिए लखनऊ से चुनाव अधिकारी के रूप में देवभाष्कर तिवारी पहुंचे हुए थे।
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अध्यक्ष पद के एक दावेदार उदयराज मिश्र ने मतदाताओं की अनंतिम सूची में 30 डेलीगेटों के नाम पर आपत्ति करते हुए आरोप लगाया कि इनका नाम बैक डेट में मनमाने ढंग से शामिल किया गया है। उन्होंने इसके लिए कई तरह के प्रमाण भी दिए। उधर मौजूदा जिलाध्यक्ष व अध्यक्ष पद के प्रत्याशी राजाराम वर्मा ने कहा कि सभी सदस्यों का शुल्क समय से जमा है, तो फिर किसी भी सदस्य को मतदान के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता। काफी देर तक चली गहमा-गहमी के बाद चुनाव अधिकारी ने अपना फैसला सुनाते हुए आपत्ति वाले 30 सदस्यों में से 20 सदस्यों का नाम खारिज कर दिया।
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ऐसा होते ही वहां हंगामा खड़ा हो गया। चुनाव अधिकारी से मारपीट की कोशिश की गई। उनके हाथ में मौजूद फाइल छीन ली गई। इससे वहां अफरा तफरी का माहौल खड़ा हो गया। शिक्षकों के बीच मारपीट की स्थिति उत्पन्न हो गई। सूचना मिलते ही अकबरपुर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस टीम ने पहले शिक्षकों को समझाने का प्रयास किया। इस पर भी बात नहीं बनी तो पुलिस को अपना रवैया कड़ा करना पड़ा।
इसके बाद वहां मामला शांत हो सका। इस बीच हंगामे व अभद्रता को देखते हुए चुनाव अधिकारी ने चुनाव कार्यक्रम निरस्त कर दिया। चुनाव अधिकारी ने केंद्रीय नेतृत्व को पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट भी भेज दी है। माना जा रहा है कि जल्द ही कुछ शिक्षक नेताओं पर इसकी गाज गिर सकती है। चुनाव अधिकारी देवभाष्कर तिवारी ने चुनाव कार्यक्रम हंगामे के चलते निरस्त करने की पुष्टि की है।