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पुलिस टीम पर हमले व तोडफ़ोड़ में 77 ग्रामीणों पर केस दर्ज
Updated Mon, 24 Sep 2018 10:16 PM IST
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महरुआ (अंबेडकरनगर)। पुलिसकर्मियों पर हमले तथा वाहनों में तोड़फोड़ मामले में महरुआ पुलिस ने 12 नामजद तथा 65 अज्ञात लोगों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने छापेमारी अभियान तेज कर दिया है। उधर पुलिस पर हमले से पहले वाहन दुर्घटना में हुई मौत मामले में अज्ञात वाहन चालक के विरुद्ध भी केस दर्ज कराया गया है।
गौरतलब है कि रविवार रात थाना क्षेत्र के गिरदावरनगर के पास चार पहिया वाहन से कुचलकर गोपीपुर निवासी अधेड़ लूदुर की मौत हो गई थी। घटना से ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया था। दुर्घटना करने वाले वाहन को अविलंब पकड़ने की मांग पर अड़े ग्रामीणों ने मौके पर पहुंची डायल 100 तथा महरुआ पुलिस टीम पर पथराव शुरू करने के साथ ही लाठी-डंडों से पिटाई कर दी थी। इसमें कुल तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए थे, जबकि डायल 100 समेत थाने की जीप क्षतिग्रस्त कर दी गई थी। घटना को लेकर पुलिस प्रशासन ने अत्यंत सख्त रुख अपनाया है। एसपी विपिन कुमार मिश्र व एएसपी अशोक कुमार राय ने देर रात ही निर्देशित किया कि मामले में एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए।
इसी क्रम में कार्यवाहक थाना प्रभारी कन्हैया यादव की तहरीर पर महरुआ थाने में पुलिस पार्टी पर हमले व तोड़फोड़ मामले में संदीप, भोलानाथ, दिनेश यादव, गोविंद यादव, दीपक, राजमन यादव, शैलेंद्र निषाद, रवींशे निषाद, हजारीलाल, अभयराज, ओंकार निषाद व अनिल निषाद के साथ ही 65 अज्ञात लोगों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया। सभी अभियुक्तों पर सेवन क्रिमिनल ला अमेंडमेंट एक्ट भी लागू किया गया है। उधर दुर्घटना में ग्रामीण की मौत मामले में मृतक के भाई चौथी की तहरीर पर चार पहिया वाहन के अज्ञात चालक के विरुद्ध भी केस दर्ज हुआ है। इस बीच दुर्घटना में मृत रूदुल के शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद पुलिस ने सुरक्षा के बीच ग्रामीणों के साथ अंतिम संस्कार कराया।
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कार्रवाई के भय से हुए फरार
रविवार रात पुलिस कर्मियों पर हमले व वाहनों में तोडफ़ोड़ के बाद गिरदावरनगर तिराहे व आसपास के पुरवों में रह रहे ज्यादातर पुरुष सदस्य कार्रवाई की भय से फरार हो गए हैं। रात दस बजे जब तक एसपी व एएसपी पहुंचते, उससे पहले ही ज्यादातर पुरुष घर छोड़कर भाग निकले। पुलिस प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए रात में ही आसपास के पुरवों में सघन छापेमारी कराई, लेकिन कोई भी आरोपी हत्थे नहीं चढ़ा। सोमवार को दिन में पुलिस का पूरा ध्यान दुर्घटना में मृत ग्रामीण के अंतिम क्रियाकर्म पर रहा। शाम को अंतिम संस्कार के बाद माना जा रहा है कि सोमवार रात पुलिस कई स्थानों पर गिरफ्तारी के लिए ताबड़तोड़ छापेमारी करेगी।
घायल पुलिसकर्मी का चल रहा इलाज
ग्रामीणों के हमले में घायल होने वाले तीन पुलिसकर्मियों में से दो को भर्ती करने की जरूरत नहीं पड़ी थी, लेकिन हेडकांस्टेबल प्रोन्नति वेतनमान रामबहादुर को रविवार रात से ही जिला अस्पताल में भर्ती करना पड़ा। उनका इलाज सोमवार को भी जारी रहा। दरअसल ग्रामीणों ने उन्हें ही घेरकर ज्यादा पीट दिया था। शरीर के कई हिस्सों में चोट लगने के साथ सिर में गंभीर चोट लग गई थी। सोमवार को जिला अस्पताल में पुलिसकर्मी लगातार उनके साथ बने रहे। एसपी व एएसपी ने भी सीएमएस व सीएमओ से बात कर बेहतर उपचार सुनिश्चित करने को कहा।
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गौरतलब है कि रविवार रात थाना क्षेत्र के गिरदावरनगर के पास चार पहिया वाहन से कुचलकर गोपीपुर निवासी अधेड़ लूदुर की मौत हो गई थी। घटना से ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया था। दुर्घटना करने वाले वाहन को अविलंब पकड़ने की मांग पर अड़े ग्रामीणों ने मौके पर पहुंची डायल 100 तथा महरुआ पुलिस टीम पर पथराव शुरू करने के साथ ही लाठी-डंडों से पिटाई कर दी थी। इसमें कुल तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए थे, जबकि डायल 100 समेत थाने की जीप क्षतिग्रस्त कर दी गई थी। घटना को लेकर पुलिस प्रशासन ने अत्यंत सख्त रुख अपनाया है। एसपी विपिन कुमार मिश्र व एएसपी अशोक कुमार राय ने देर रात ही निर्देशित किया कि मामले में एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए।
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इसी क्रम में कार्यवाहक थाना प्रभारी कन्हैया यादव की तहरीर पर महरुआ थाने में पुलिस पार्टी पर हमले व तोड़फोड़ मामले में संदीप, भोलानाथ, दिनेश यादव, गोविंद यादव, दीपक, राजमन यादव, शैलेंद्र निषाद, रवींशे निषाद, हजारीलाल, अभयराज, ओंकार निषाद व अनिल निषाद के साथ ही 65 अज्ञात लोगों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया। सभी अभियुक्तों पर सेवन क्रिमिनल ला अमेंडमेंट एक्ट भी लागू किया गया है। उधर दुर्घटना में ग्रामीण की मौत मामले में मृतक के भाई चौथी की तहरीर पर चार पहिया वाहन के अज्ञात चालक के विरुद्ध भी केस दर्ज हुआ है। इस बीच दुर्घटना में मृत रूदुल के शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद पुलिस ने सुरक्षा के बीच ग्रामीणों के साथ अंतिम संस्कार कराया।
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कार्रवाई के भय से हुए फरार
रविवार रात पुलिस कर्मियों पर हमले व वाहनों में तोडफ़ोड़ के बाद गिरदावरनगर तिराहे व आसपास के पुरवों में रह रहे ज्यादातर पुरुष सदस्य कार्रवाई की भय से फरार हो गए हैं। रात दस बजे जब तक एसपी व एएसपी पहुंचते, उससे पहले ही ज्यादातर पुरुष घर छोड़कर भाग निकले। पुलिस प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए रात में ही आसपास के पुरवों में सघन छापेमारी कराई, लेकिन कोई भी आरोपी हत्थे नहीं चढ़ा। सोमवार को दिन में पुलिस का पूरा ध्यान दुर्घटना में मृत ग्रामीण के अंतिम क्रियाकर्म पर रहा। शाम को अंतिम संस्कार के बाद माना जा रहा है कि सोमवार रात पुलिस कई स्थानों पर गिरफ्तारी के लिए ताबड़तोड़ छापेमारी करेगी।
घायल पुलिसकर्मी का चल रहा इलाज
ग्रामीणों के हमले में घायल होने वाले तीन पुलिसकर्मियों में से दो को भर्ती करने की जरूरत नहीं पड़ी थी, लेकिन हेडकांस्टेबल प्रोन्नति वेतनमान रामबहादुर को रविवार रात से ही जिला अस्पताल में भर्ती करना पड़ा। उनका इलाज सोमवार को भी जारी रहा। दरअसल ग्रामीणों ने उन्हें ही घेरकर ज्यादा पीट दिया था। शरीर के कई हिस्सों में चोट लगने के साथ सिर में गंभीर चोट लग गई थी। सोमवार को जिला अस्पताल में पुलिसकर्मी लगातार उनके साथ बने रहे। एसपी व एएसपी ने भी सीएमएस व सीएमओ से बात कर बेहतर उपचार सुनिश्चित करने को कहा।