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किसानों समस्याओं को लेकर भाकियू ने दिया धरना
Updated Wed, 06 Dec 2017 12:19 AM IST
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किसानों की समस्याओं के विरोध में दिया धरना
अंबेडकरनगर। भारतीय किसान यूनियन भानु गुट के तत्वावधान में मंगलवार को कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट के निकट धरना दिया। इसमें बिजली की बढ़ीं दरें वापस लेने, नहरों में पानी छोड़ने समेत किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर प्रमुखता से आवाज बुलंद की गई। चेतावनी दी गई कि यदि शीघ्र ही मांगों का निस्तारण नहीं हुआ, तो बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा।
यूनियन जिलाध्यक्ष हजारीबाबा ने कहा कि, केंद्र व प्रदेश सरकारें खुद को किसानों का हितैषी होने का बढ़-चढ़कर दावा तो करती हैं, मगर उनकी समस्याओं को दूर करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। गत दिवस विद्युत दरों में भी बढ़ोत्तरी कर दी गई। इससे किसानों के समक्ष समस्या खड़ी हो गई है। हजारीबाबा ने बिजली की बढ़ी दरें तत्काल वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि, शारदा सहायक नहर में पानी नहीं छोड़ा जा सका है। इससे किसानों के समक्ष सिंचाई का संकट खड़ा हो गया है। वक्ताओं ने कहा कि, छुट्टा मवेशियों के चलते फसल चौपट हो रही है। इसके बावजूद पशुशाला की स्थापना नहीं की जा रही है। चेतावनी दी गई कि यदि शीघ्र ही मांगों का निस्तारण नहीं किया गया, तो बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा। इस दौरान रामजनम वर्मा, फूलबदन, शौकत, मुमताज, फूलकली, सिलवंत सिंह आदि मौजूद रहे।
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अंबेडकरनगर। भारतीय किसान यूनियन भानु गुट के तत्वावधान में मंगलवार को कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट के निकट धरना दिया। इसमें बिजली की बढ़ीं दरें वापस लेने, नहरों में पानी छोड़ने समेत किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर प्रमुखता से आवाज बुलंद की गई। चेतावनी दी गई कि यदि शीघ्र ही मांगों का निस्तारण नहीं हुआ, तो बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा।
यूनियन जिलाध्यक्ष हजारीबाबा ने कहा कि, केंद्र व प्रदेश सरकारें खुद को किसानों का हितैषी होने का बढ़-चढ़कर दावा तो करती हैं, मगर उनकी समस्याओं को दूर करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। गत दिवस विद्युत दरों में भी बढ़ोत्तरी कर दी गई। इससे किसानों के समक्ष समस्या खड़ी हो गई है। हजारीबाबा ने बिजली की बढ़ी दरें तत्काल वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि, शारदा सहायक नहर में पानी नहीं छोड़ा जा सका है। इससे किसानों के समक्ष सिंचाई का संकट खड़ा हो गया है। वक्ताओं ने कहा कि, छुट्टा मवेशियों के चलते फसल चौपट हो रही है। इसके बावजूद पशुशाला की स्थापना नहीं की जा रही है। चेतावनी दी गई कि यदि शीघ्र ही मांगों का निस्तारण नहीं किया गया, तो बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा। इस दौरान रामजनम वर्मा, फूलबदन, शौकत, मुमताज, फूलकली, सिलवंत सिंह आदि मौजूद रहे।
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