फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ambedkar Nagar News ›   Commercial registration of only three out of 18,487 tractors

18,487 ट्रैक्टरों में से सिर्फ तीन का व्यावसायिक पंजीयन

Mon, 03 Oct 2022 11:46 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 03 Oct 2022 11:46 PM IST
विज्ञापन
Commercial registration of only three out of 18,487 tractors
अंबेडकरनगर। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से यहां भी प्रतिदिन सैकड़ों लोगों की जान जोखिम में रहती है। कृषि कार्यों में आमतौर पर प्रयुक्त होने वाले ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से बड़ी तादाद में ग्रामीण आवागमन करते रहते हैं। व्यावसायिक तौर पर भी इनका प्रयोग होता है। जिले में कुल 18,487 ट्रैक्टर पंजीकृत हैं लेकिन इनमें से सिर्फ तीन का ही व्यावसायिक तौर पर पंजीयन है।
विज्ञापन

ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के चलते प्रदेश में हादसे तेजी से बढ़े हैं। इसका मुख्य कारण चालकों का प्रशिक्षित न होना तथा प्रमुख मार्गों पर चलने का अभ्यस्त न होना है। हादसों के बढ़ने पर राज्य सरकार ने अब ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का दुरुपयोग रोकने को लेकर सख्ती की है लेकिन यहां सोमवार को भी लोग जान जोखिम में डालकर चलते दिखे।
विज्ञापन

दोपहर में अकबरपुर तहसील तिराहे के निकट एक ट्रैक्टर-ट्रॉली आती दिखी। ट्रॉली पर कई महिलाएं व बच्चे बैठे थे। एक बच्चा तो ट्रैक्टर पर ही बैठा था।
मालीपुर रोड पर दोपहर बाद एक ट्रैक्टर भवन निर्माण में प्रयुक्त होने वाली सरिया ले जाता दिखा। इसी तरह बसखारी से जहांगीरगंज जाने वाले मार्ग पर दोपहर तीन बजे ट्रैक्टर-ट्रॉली पर सवार होकर कई ग्रामीण जाते दिखे। बताया गया कि ये लोग एक अंतिम संस्कार में शामिल होने जा रहे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

जिले में इस तरह के दृश्य प्रतिदिन अलग-अलग क्षेत्रों में दिखने को मिलते हैं। ऐसे में कभी भी बड़े हादसे की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता। खास बात तो यह है कि जिले में 18,487 ट्रैक्टर का एआरटीओ कार्यालय में पंजीयन है। इनमें से सिर्फ तीन का ही व्यावसायिक श्रेणी में पंजीकरण है। इसके अलावा कोई भी ट्रैक्टर व्यावसायिक कार्य के लिए अधिकृत नहीं है। बावजूद इसके 18 हजार से अधिक ट्रैक्टर दिनरात व्यावसायिक कार्यों में ही लिप्त रहते हैं।
एआरटीओ कार्यालय में पंजीकृत 18,484 ट्रैक्टर कृषि कार्य के लिए अधिकृत हैं। इसके बावजूद उनके मालिकों द्वारा वैवाहिक आयोजनों से लेकर धार्मिक कार्यों तक में बाकायदा बुकिंग की जाती है। इसके बाद चालक के साथ ट्रैक्टर-ट्राली भेज दी जाती है। कई बार सामूहिक रूप से चंदा जुटाकर भी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां ले जाई जाती हैं।
अंतिम संस्कार के लिए जाने के दौरान भी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का बहुतायत प्रयोग होता है। विभिन्न निर्माण कार्यों के साथ-साथ अन्य निर्माण सामग्रियों की ढुलाई में भी ट्रैक्टर-ट्रालियों का प्रमुखता से प्रयोग चला आ रहा है। ये सारे काम अनधिकृत ढंग से होते रहते हैं।
शासन के निर्देश पर दो अक्तूबर से ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को लेकर विशेष अभियान चलाया जाना था। इसके लिए जिलों को विशेष निर्देश दिए गए थे। पुलिस, प्रशासन व परिवहन महकमे को संयुक्त रूप से अभियान चलाना था। यातायात निदेशालय ने विशेष तौर पर निर्देश जारी किया था। इसके बावजूद न तो पुलिस महकमा कोई अभियान चला सका और न ही परिवहन महकमे को ऐसे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर अंकुश लगाने की सुध हुई।

ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का दुरुपयोग रोका जाएगा। सोमवार को अलग-अलग क्षेत्रों में जांच की गई लेकिन किसी भी ट्रैक्टर-ट्राली का दुरुपयोग होता नहीं दिखा। मंगलवार को सघन जांच अभियान चलाया जाएगा।
-बीडी मिश्र, एआरटीओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed