{"_id":"5833258a4f1c1bba06b3a492","slug":"cash-is-over-in-banks","type":"story","status":"publish","title_hn":"बैंकों में खत्म हो गया कैश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बैंकों में खत्म हो गया कैश
अमर उजाला/अंबेडकरनगर
Updated Mon, 21 Nov 2016 10:19 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
धन-निकासी के लिए सोमवार को भी जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित विभिन्न बैंक शाखाओं में उपभोक्ताओं की लंबी लाइन लगी। हालांकि बैंकों से समुचित मात्रा में लोगों को धन नहीं मिल सका। बैंकों में कैश की उपलब्धता के आधार पर उपभोक्ताओं को धनराशि दी गई। इससे ज्यादातर लोगों को मायूस होकर घर लौटना पड़ा। ग्रामीण क्षेत्रों के ज्यादातर बैंकों में कैश न होने से धन-निकासी नहीं हो सकी। इससे उपभोक्ताओं को व्यापक मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
बड़े नोटों के प्रतिबंध के बाद से ही 500 व एक हजार रुपये के पुराने नोट जमा करने एवं धन-निकासी के लिए जिला मुख्यालय समेत ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित विभिन्न बैंकों में उपभोक्ताओं की भीड़ उमड़ पड़ी।
नई करेंसी की कमी से जूझ रहे ज्यादातर बैंकों से धन-निकासी के लिए आए उपभोक्ताओं को विभिन्न प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। समय बीतने के साथ ही धन जमा करने वालों की संख्या में तो कमी आई लेकिन धन-निकासी करने वाले उपभोक्ताओं की लाइन दिन-प्रतिदिन लंबी होती चली गई।
विज्ञापन
रविवार के अवकाश के बाद सोमवार को धन-निकासी के लिए सुबह से जिला मुख्यालय समेत ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित विभिन्न बैंक शाखाओं में उपभोक्ताओं की लंबी लाइन लग गई। जिला मुख्यालय स्थित स्टेट बैंक आफ इंडिया, बैंक आफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक, यूको बैंक, यूनियन बैंक, एचडीएफसी, राजस्थान बैंक, ओरियंटल बैंक समेत अन्य बैंकों से धन-निकासी शुरू तो हुई, लेकिन उपभोक्ताओं की जरूरत के अनुसार उन्हें धनराशि नहीं मिल सकी। कैश के अनुसार ही बैंकों द्वारा उपभोक्ताओं को धनराशि उपलब्ध कराई जा रही थी।
जलालपुर प्रतिनिधि के अनुसार पंजाब नेशनल बैंक में दोपहर बाद कैश समाप्त हो जाने के चलते धन-निकासी का कार्य ठप हो गया। इसके अलावा सेंट्रल बैंक, ग्रामीण बैंक, बंदीपुर ग्रामीण बैंक में कैश न होने से धन-निकासी नहीं हो सकी। भीटी प्रतिनिधि के अनुसार बैंक आफ बड़ौदा भीटी, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक खजुरी, फैजाबाद कोआपरेटिव बैंक भीटी में भी कैश न होने से धन-निकासी नहीं हुई। इससे उपभोक्ताओं को व्यापक मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
विज्ञापन
बड़े नोटों के प्रतिबंध के बाद से ही 500 व एक हजार रुपये के पुराने नोट जमा करने एवं धन-निकासी के लिए जिला मुख्यालय समेत ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित विभिन्न बैंकों में उपभोक्ताओं की भीड़ उमड़ पड़ी।
विज्ञापन
नई करेंसी की कमी से जूझ रहे ज्यादातर बैंकों से धन-निकासी के लिए आए उपभोक्ताओं को विभिन्न प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। समय बीतने के साथ ही धन जमा करने वालों की संख्या में तो कमी आई लेकिन धन-निकासी करने वाले उपभोक्ताओं की लाइन दिन-प्रतिदिन लंबी होती चली गई।
विज्ञापन
रविवार के अवकाश के बाद सोमवार को धन-निकासी के लिए सुबह से जिला मुख्यालय समेत ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित विभिन्न बैंक शाखाओं में उपभोक्ताओं की लंबी लाइन लग गई। जिला मुख्यालय स्थित स्टेट बैंक आफ इंडिया, बैंक आफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक, यूको बैंक, यूनियन बैंक, एचडीएफसी, राजस्थान बैंक, ओरियंटल बैंक समेत अन्य बैंकों से धन-निकासी शुरू तो हुई, लेकिन उपभोक्ताओं की जरूरत के अनुसार उन्हें धनराशि नहीं मिल सकी। कैश के अनुसार ही बैंकों द्वारा उपभोक्ताओं को धनराशि उपलब्ध कराई जा रही थी।
जलालपुर प्रतिनिधि के अनुसार पंजाब नेशनल बैंक में दोपहर बाद कैश समाप्त हो जाने के चलते धन-निकासी का कार्य ठप हो गया। इसके अलावा सेंट्रल बैंक, ग्रामीण बैंक, बंदीपुर ग्रामीण बैंक में कैश न होने से धन-निकासी नहीं हो सकी। भीटी प्रतिनिधि के अनुसार बैंक आफ बड़ौदा भीटी, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक खजुरी, फैजाबाद कोआपरेटिव बैंक भीटी में भी कैश न होने से धन-निकासी नहीं हुई। इससे उपभोक्ताओं को व्यापक मुश्किलों का सामना करना पड़ा।