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Ambedkar Nagar News: सूखी पड़ी नहरें, मेंथा व गन्ना की रोपाई के लिए किसान परेशान
Mon, 21 Apr 2025 12:07 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Mon, 21 Apr 2025 12:07 AM IST
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सूखी पड़ी शारदा नहर।
जलालपुर(अंबेडकरनगर)। रबी की फसल कर चुके किसान नहरों में पानी न मिल पाने से परेशान हैं। किसानों का कहना है कि नहरें सूखी पड़ी हैं। रफीगंज बड़ी शारदा सहायक नहर में पानी नहीं है। इस कारण निजी संसाधनों से ही सिंचाई करनी पड़ रही है। इससे किसानों में चिंता की लकीरों के साथ दोहरी मार झेलनी पड़ रही है।
दरअसल गेहूं की फसल काटने के बाद किसान खाली खेतों में मेंथा व गन्ना की रोपाई के साथ सब्जियां नहीं उगा पा रहे हैं। इस आमदनी से धान की बुआई के समय भी मदद मिल जाती है। जिम्मेदार अधिकारी सुस्त पड़े हैं। इस ओर उनका ध्यान ही नहीं जा रहा है। कर्बला कासिमपुर रफीगंज, चितई पट्टी, लवइया प्रतापपुर, मुंडेहरा, हाफीजपुर, फुलवारी, करीमनगर, पाभीपुर, सीता घाट, पिंडोरिया होते हुए आजमगढ़ को नहर जाती है। अवर अभियंता केके दिवाकर ने बताया कि जानकारी मिली है, जल्द ही नहर में पानी छोड़ा जाएगा।
किसानों को झेलनी पड़ रही दोहरी मार
अमोला निवासी मोहम्मद इमरान ने बताया कि नहरे में पानी न आने के कारण किसानों को दोहरी मार पड़ रही है। इस समय मेंथा की खेती के लिए बराबर खेतों में नमी नहीं है। इसके लिए हर तीसरे दिन खेतों में सिंचाई करनी पड़ती है। इससे लागत बढ़ रही है। इसके अलावा सब्जियां नहीं उमा पा रहे हैं।
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खेती करना हो रहा मुश्किल
दुल्हूपुर कला निवासी राहुल सिंह ने बताया कि नहर विभाग के अधिकारी सुस्त पड़े हैं। उनको इस ओर ध्यान ही नहीं है। सबसे महत्वपूर्ण दो फसलें मेंथा और गन्ना किसानों की आमदनी का एक बेहतर स्रोत है। पानी न होने से खेती करना मुश्किल हो रहा है। वहीं पशु, पक्षियों और जानवरों के लिए भी दिक्कतें हो रही हैं।
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दरअसल गेहूं की फसल काटने के बाद किसान खाली खेतों में मेंथा व गन्ना की रोपाई के साथ सब्जियां नहीं उगा पा रहे हैं। इस आमदनी से धान की बुआई के समय भी मदद मिल जाती है। जिम्मेदार अधिकारी सुस्त पड़े हैं। इस ओर उनका ध्यान ही नहीं जा रहा है। कर्बला कासिमपुर रफीगंज, चितई पट्टी, लवइया प्रतापपुर, मुंडेहरा, हाफीजपुर, फुलवारी, करीमनगर, पाभीपुर, सीता घाट, पिंडोरिया होते हुए आजमगढ़ को नहर जाती है। अवर अभियंता केके दिवाकर ने बताया कि जानकारी मिली है, जल्द ही नहर में पानी छोड़ा जाएगा।
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किसानों को झेलनी पड़ रही दोहरी मार
अमोला निवासी मोहम्मद इमरान ने बताया कि नहरे में पानी न आने के कारण किसानों को दोहरी मार पड़ रही है। इस समय मेंथा की खेती के लिए बराबर खेतों में नमी नहीं है। इसके लिए हर तीसरे दिन खेतों में सिंचाई करनी पड़ती है। इससे लागत बढ़ रही है। इसके अलावा सब्जियां नहीं उमा पा रहे हैं।
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खेती करना हो रहा मुश्किल
दुल्हूपुर कला निवासी राहुल सिंह ने बताया कि नहर विभाग के अधिकारी सुस्त पड़े हैं। उनको इस ओर ध्यान ही नहीं है। सबसे महत्वपूर्ण दो फसलें मेंथा और गन्ना किसानों की आमदनी का एक बेहतर स्रोत है। पानी न होने से खेती करना मुश्किल हो रहा है। वहीं पशु, पक्षियों और जानवरों के लिए भी दिक्कतें हो रही हैं।