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कलेक्ट्रेट में किसान दिवस का बहिष्कार
अमर उजाला ब्यूरो/अंबेडकरनगर
Updated Fri, 22 Apr 2016 10:36 PM IST
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अंबेडकरनगर कलेक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को आयोजित किसान दिवस का बहिष्कार करते विभिन्न क्षेत्रों से आए किसान।
- फोटो : अमर उजाला
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कलेक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को आयोजित किसान दिवस का विभिन्न क्षेत्रों से आए किसानों ने बहिष्कार कर दिया। कहा कि किसान दिवसों में सिर्फ आश्वासन देने व दिशा-निर्देशों की पोथी पढ़कर सुनाए जाने से उनका हित होने वाला नहीं है।
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शासन-प्रशासन को कागजी घोड़ा दौड़ाने की बजाए किसानों की समस्याओं का निस्तारण करना होगा। किसानों के इस रुख से सभागार में काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही। बाद में पहुंचे एडीएम ने किसानों को समझाया-बुझाया। कहा कि प्रशासन किसान हितों को लेकर गंभीर है।
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सरकार की सभी योजनाओं का लाभ उन्हें पूरी पारदर्शिता से दिया जाएगा। साथ ही उनकी समस्याओं के निस्तारण में और तेजी लायी जाएगी। इसके बाद किसानों को कई महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में किसानों ने किसान दिवस का बहिष्कार शुरू कर दिया।
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कहा कि बैठकों, चौपालों व किसान दिवस जैसे आयोजनों में अब तक किसानों को सिर्फ और सिर्फ आश्वासन ही मिला है। लगभग एक वर्ष पूर्व धान व गेहूं क्रय-विक्रय की निगरानी के लिए समिति बनाए जाने की मांग किसानों द्वारा की गई थी। इस पर प्रशासन ने उन्हें आश्वस्त किया था कि जल्द ही इस पर पहल की जाएगी।
इसके बावजूद अब तक ऐसी किसी समिति का गठन नहीं किया गया जो क्रय केंद्रों की निगरानी कर उसकी रिपोर्ट तैयार करे और किसानों की उपज का विक्रय कराने में मदद करे।
इसके अलावा जिले के विभिन्न क्षेत्रों में लंबे समय से खराब पड़े नलकूपों को न दुरुस्त कराए जाने व माइनरों में टेल तक पानी न पहुंचने की नाराजगी भी किसानों ने जाहिर की। कहा कि सिर्फ और सिर्फ कागजी कोरम पूरा करने से किसानों का हित होने वाला नहीं है।
शासन-प्रशासन को स्थलीय निरीक्षण कर किसानों की समस्याओं से अवगत होना होगा और उसके निस्तारण में तेजी भी लानी होगी। किसानों ने कई अन्य मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया। बाद में पहुंचे एडीएम रामसूरत पांडेय ने किसानों से मुलाकात की और आश्वस्त किया कि उनकी मांगों पर गंभीरता से पहल होगी।
तब जाकर किसान शांत हुए। बाद में डीडीओ मथुरा प्रसाद की अगुवाई में किसान दिवस का आयोजन हुआ। इसमें किसानों को मई से धान बीज वितरण के बारे में जानकारी दी गई। उपकृषि निदेशक विनोद कुमार ने बताया कि जिले के सभी ब्लॉकों में स्थित राजकीय बीज भंडारों पर स्टाल लगेंगे।
यहां से किसानों को उन्नत किस्म के बीज मिल सकेंगे। किसानों को यह भी बताया गया कि यदि वे अनुदान पर कृषि व सिंचाई के लिए पाइप लेना चाहते हैं तो ब्लॉकों के माध्यम से प्राप्त कर लें।
जिला कृषि अधिकारी सुभाषचंद्र ने बताया कि जिन किसानों को पूर्व में खरीदे गए बीजों का अनुदान नहीं मिला है, जल्द ही उनके खाते में भेज दिया जाएगा। इस मौके पर किसान अमरजीत, राधेश्याम यादव, रामदयाल, महेंद्र कुमार, विनोद कुमार, अरविंद व परशुराम आदि मौजूद रहे।