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कृषि कानून का विरोध कर रहे भाकियू नेता गिरफ्तार
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अंबेडकरनगर कलेक्ट्रेट पर कृषि कानून के विरोध में प्रदर्शन कर रहे भाकियू नेताओं को समझाते सीओ सि?
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
अंबेडकरनगर। कृषि कानूनों को वापस लेने समेत विभिन्न मुद्दों को लेकर शनिवार को कलेक्ट्रेट पर धरना देने के लिए पहुंचे भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के 14 कार्यकर्ताओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इन सभी को पुलिस लाइन ले जाया गया, जहां बाद में निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया। बाद में पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति को पत्र भेजकर संबंधित मांगों का जल्द से जल्द निस्तारण कराने की मांग की है।
कृषि कानूनों को वापस लिए जाने तथा एमएसपी को कानूनी दर्जा दिए जाने समेत कई अन्य मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन कार्यकर्ता जिलाध्यक्ष विनय कुमार वर्मा के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट के निकट धरना देने पहुंच गए। इस बीच भनक लगते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और 14 कार्यकर्ताओं को पकड़ कर पुलिस लाइन ले गई। जहां से इन सभी को निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया।
कार्यकर्ताओं ने बाद में संबंधित मांगों के संबंध में राष्ट्रपति को पत्र भेजकर अविलंब निस्तारण कराने की मांग की है। पत्र में कहा गया कि कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली बॉर्डर पर किसान अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं। इसके बावजूद सरकार को किसानों की चिंता नहीं है। यह बेहद आहत करने वाला है। सरकार कृषि कानूनों को अविलंब वापस ले। साथ ही एमएसपी को कानूनी दर्जा दिया जाए। कहा गया कि जिले में स्थापित गेहूं क्रय केंद्रों पर किसानों के गेहूं की तौल सही ढंग से नहीं की जा रही है। कई अन्य समस्याओं का जिक्र करते हुए अविलंब निस्तारण कराने की मांग की गई है।
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कृषि कानूनों को वापस लिए जाने तथा एमएसपी को कानूनी दर्जा दिए जाने समेत कई अन्य मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन कार्यकर्ता जिलाध्यक्ष विनय कुमार वर्मा के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट के निकट धरना देने पहुंच गए। इस बीच भनक लगते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और 14 कार्यकर्ताओं को पकड़ कर पुलिस लाइन ले गई। जहां से इन सभी को निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया।
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कार्यकर्ताओं ने बाद में संबंधित मांगों के संबंध में राष्ट्रपति को पत्र भेजकर अविलंब निस्तारण कराने की मांग की है। पत्र में कहा गया कि कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली बॉर्डर पर किसान अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं। इसके बावजूद सरकार को किसानों की चिंता नहीं है। यह बेहद आहत करने वाला है। सरकार कृषि कानूनों को अविलंब वापस ले। साथ ही एमएसपी को कानूनी दर्जा दिया जाए। कहा गया कि जिले में स्थापित गेहूं क्रय केंद्रों पर किसानों के गेहूं की तौल सही ढंग से नहीं की जा रही है। कई अन्य समस्याओं का जिक्र करते हुए अविलंब निस्तारण कराने की मांग की गई है।
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