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नहीं चली टैक्सी व ईरिक्शा, परेशान हुए ट्रेनों से आए यात्री
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अंबेडकरनगर। जनता कर्फ्यू को देखते हुए रविवार को सरकारी व निजी बसों के साथ ही ई-रिक्शा व टैक्सियों का भी संचालन पूरी तरह ठप रहा। इससे दूसरे जनपदों व प्रांतों से ट्रेन द्वारा अकबरपुर स्टेशन पर उतरने वाले लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
अकबरपुर डिपो में मौजूद सभी 62 बसें रविवार को परिसर से बाहर नहीं निकलीं। इसके अलावा आमतौर पर प्रतिदिन जिले के विभिन्न क्षेत्रों से लखनऊ, दिल्ली, सुल्तानपुर, वाराणसी जाने वाले डेढ़ सौ से अधिक निजी वाहनों का संचालन भी रविवार को नहीं हुआ। इसके अलावा जिले के नगरीय क्षेत्रों में बड़ी संख्या में चलने वाले ई-रिक्शे भी रविवार को सड़क पर नहीं उतरे। वैन व ऑटो रिक्शा संचालक भी रविवार को घर में ही कैद रहे। इससे आमतौर पर सड़कों पर वाहनों का दबाव रविवार को नदारद रहा।
जहांगीरगंज के अमित कुमार रविवार को ट्रेन से अकबरपुर स्टेशन पहुंचे। बस स्टेशन पर काफी देर तक इंतजार करते रहे लेकिन वाहन नहीं मिला। कहा कि वाहन न होने के चलते उन्होंने फोन कर छोटे भाई को बाइक लेकर बुलाया है। वह आ जाए, तब हम जाएं। इसी प्रकार बेवाना के संतोष कुमार व सैदापुर के गुड्डू ने कहा कि टैक्सी व ई-रिक्शा का संचालन न होने पर फोन कर घरवालों को बुलाया है।
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कटेहरी के यात्री पंकज यादव ने बताया कि यह उम्मीद थी कि स्टेशन पर सवारी वाहन मिल जाएगा लेकिन सन्नाटा मिला। घर पर कोई ऐसा सदस्य नहीं था जिसे फोन कर बुलाया जाए। एक दोस्त को फोन किया है, वह कुछ देर में आएगा। तब तक पैदल ही आगे बढ़ने जा रहा हूं। जाफरगंज निवासी प्रमोद कुमार का कहना था कि उन्होंने ममेरे भाई को कार के साथ बुला लिया है। वह कुछ देर में स्टेशन तक आने वाला है। उसे फोन पहले ही कर दिया था लेकिन घरेलू कार्योँ में व्यस्तता के चलते कुछ लेट हो गया है।
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अकबरपुर डिपो में मौजूद सभी 62 बसें रविवार को परिसर से बाहर नहीं निकलीं। इसके अलावा आमतौर पर प्रतिदिन जिले के विभिन्न क्षेत्रों से लखनऊ, दिल्ली, सुल्तानपुर, वाराणसी जाने वाले डेढ़ सौ से अधिक निजी वाहनों का संचालन भी रविवार को नहीं हुआ। इसके अलावा जिले के नगरीय क्षेत्रों में बड़ी संख्या में चलने वाले ई-रिक्शे भी रविवार को सड़क पर नहीं उतरे। वैन व ऑटो रिक्शा संचालक भी रविवार को घर में ही कैद रहे। इससे आमतौर पर सड़कों पर वाहनों का दबाव रविवार को नदारद रहा।
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जहांगीरगंज के अमित कुमार रविवार को ट्रेन से अकबरपुर स्टेशन पहुंचे। बस स्टेशन पर काफी देर तक इंतजार करते रहे लेकिन वाहन नहीं मिला। कहा कि वाहन न होने के चलते उन्होंने फोन कर छोटे भाई को बाइक लेकर बुलाया है। वह आ जाए, तब हम जाएं। इसी प्रकार बेवाना के संतोष कुमार व सैदापुर के गुड्डू ने कहा कि टैक्सी व ई-रिक्शा का संचालन न होने पर फोन कर घरवालों को बुलाया है।
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कटेहरी के यात्री पंकज यादव ने बताया कि यह उम्मीद थी कि स्टेशन पर सवारी वाहन मिल जाएगा लेकिन सन्नाटा मिला। घर पर कोई ऐसा सदस्य नहीं था जिसे फोन कर बुलाया जाए। एक दोस्त को फोन किया है, वह कुछ देर में आएगा। तब तक पैदल ही आगे बढ़ने जा रहा हूं। जाफरगंज निवासी प्रमोद कुमार का कहना था कि उन्होंने ममेरे भाई को कार के साथ बुला लिया है। वह कुछ देर में स्टेशन तक आने वाला है। उसे फोन पहले ही कर दिया था लेकिन घरेलू कार्योँ में व्यस्तता के चलते कुछ लेट हो गया है।