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Ambedkar Nagar News: अवधेश द्विवेदी बने अवध क्षेत्र के अध्यक्ष, जिले को मिली बड़ी जिम्मेदारी
Thu, 25 Jun 2026 11:52 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Thu, 25 Jun 2026 11:52 PM IST
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अंबेडकरनगर। भाजपा प्रदेश संगठन की नई सूची ने जिले की राजनीति में लंबे समय से महसूस किए जा रहे एक खालीपन को भरा है। कटेहरी विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी अवधेश द्विवेदी को अवध क्षेत्र का क्षेत्रीय अध्यक्ष बनाया गया है। यह नियुक्ति अंबेडकरनगर जिले के लिए एक महत्वपूर्ण सौगात मानी जा रही है।
वर्ष 2017 में भाजपा सरकार बनने के बाद से अंबेडकरनगर का कोई चेहरा प्रदेश मंत्रिमंडल या संगठन में बड़ी जिम्मेदारी नहीं पा सका था। रामनगरी अयोध्या के पड़ोसी जिले अंबेडकरनगर की राजनीति हमेशा प्रदेश के राजनीतिक विमर्श का हिस्सा रही है। वर्ष 2017 में भाजपा ने जिले की दो विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज की थी। हालांकि, वर्ष 2022 के चुनाव में राजनीतिक समीकरण बदल गए। जिले के प्रतिनिधित्व का सवाल तब भी बना रहा। वर्ष 2024 के कटेहरी उपचुनाव के बाद भी यह चर्चा तेज थी। भाजपा नेतृत्व अंबेडकरनगर को कोई बड़ी जिम्मेदारी दे सकता है। अवधेश द्विवेदी का नाम आते ही जिले की राजनीतिक चर्चा का केंद्र बदल गया।
कटेहरी से शुरू हुआ सफर
अवधेश द्विवेदी मूलरूप से भीटी ब्लॉक क्षेत्र के दुबाने का पूरा गांव निवासी हैं। उनका राजनीतिक आधार कटेहरी विधानसभा क्षेत्र रहा है। उनके पिता दिवंगत जमुना प्रसाद द्विवेदी एक शिक्षक थे। अवधेश ने छात्र जीवन से ही राजनीति में कदम रखा था। उन्होंने वर्ष 2017 में भाजपा और वर्ष 2022 में निषाद पार्टी के प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा। समर्थकों की नाराजगी के बावजूद वे संगठन से जुड़े रहे।
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2027 के चुनावों की बनी रणनीति
अवधेश द्विवेदी को अवध क्षेत्र की कमान सौंपकर भाजपा ने दो महत्वपूर्ण संदेश दिए हैं। एक ओर अंबेडकरनगर को संगठनात्मक प्रतिनिधित्व मिला है। इससे स्थानीय असंतोष को साधने का प्रयास किया गया है। वहीं दूसरी ओर वर्ष 2027 के चुनाव से पहले ब्राह्मण नेतृत्व को आगे बढ़ाया गया है। यह सामाजिक समीकरणों को मजबूत करने की भाजपा की रणनीति का हिस्सा है।
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वर्ष 2017 में भाजपा सरकार बनने के बाद से अंबेडकरनगर का कोई चेहरा प्रदेश मंत्रिमंडल या संगठन में बड़ी जिम्मेदारी नहीं पा सका था। रामनगरी अयोध्या के पड़ोसी जिले अंबेडकरनगर की राजनीति हमेशा प्रदेश के राजनीतिक विमर्श का हिस्सा रही है। वर्ष 2017 में भाजपा ने जिले की दो विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज की थी। हालांकि, वर्ष 2022 के चुनाव में राजनीतिक समीकरण बदल गए। जिले के प्रतिनिधित्व का सवाल तब भी बना रहा। वर्ष 2024 के कटेहरी उपचुनाव के बाद भी यह चर्चा तेज थी। भाजपा नेतृत्व अंबेडकरनगर को कोई बड़ी जिम्मेदारी दे सकता है। अवधेश द्विवेदी का नाम आते ही जिले की राजनीतिक चर्चा का केंद्र बदल गया।
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कटेहरी से शुरू हुआ सफर
अवधेश द्विवेदी मूलरूप से भीटी ब्लॉक क्षेत्र के दुबाने का पूरा गांव निवासी हैं। उनका राजनीतिक आधार कटेहरी विधानसभा क्षेत्र रहा है। उनके पिता दिवंगत जमुना प्रसाद द्विवेदी एक शिक्षक थे। अवधेश ने छात्र जीवन से ही राजनीति में कदम रखा था। उन्होंने वर्ष 2017 में भाजपा और वर्ष 2022 में निषाद पार्टी के प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा। समर्थकों की नाराजगी के बावजूद वे संगठन से जुड़े रहे।
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2027 के चुनावों की बनी रणनीति
अवधेश द्विवेदी को अवध क्षेत्र की कमान सौंपकर भाजपा ने दो महत्वपूर्ण संदेश दिए हैं। एक ओर अंबेडकरनगर को संगठनात्मक प्रतिनिधित्व मिला है। इससे स्थानीय असंतोष को साधने का प्रयास किया गया है। वहीं दूसरी ओर वर्ष 2027 के चुनाव से पहले ब्राह्मण नेतृत्व को आगे बढ़ाया गया है। यह सामाजिक समीकरणों को मजबूत करने की भाजपा की रणनीति का हिस्सा है।