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नेताओं के वाहनों पर नियमों की गाज
AmbedkarNagar
Updated Sun, 12 Jan 2014 05:45 AM IST
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अंबेडकरनगर। न्यायालय व शासन के कड़े निर्देशों की धज्जियां उड़ाते हुए शनिवार को कई जनप्रतिनिधि पकड़ में आ गए। सड़क सुरक्षा सप्ताह के तहत चल रहे जांच अभियान में सपा के अकबरपुर विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष कैलाश निषाद व बसपा के जोन को-आर्डिनेटर दयाराम राजभर के वाहनों पर प्रतिबंधित काली फिल्म सार्वजनिक रूप से उतरवाई गई। कई अन्य वाहनों से भी काली फिल्म उतारी गई।
न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाते हुए काली फिल्मों को उतारने एवं लाल नीली बत्ती को हटाने का निर्देश दिया था। न्यायालय के आदेश के बाद शासन ने भी ऐसे वाहनों पर कार्रवाई किए जाने का निर्देश बीते दिनों दिया था। न्यायालय व शासन के इन निर्देशों का पालन जिले में कहीं भी होता नजर नहीं आ रहा था। इसके लिए कोई विशेष अभियान पुलिस प्रशासन द्वारा नहीं चलाया जा सका था। नतीजतन कि प्रतिदिन जनपद मुख्यालय पर ही लगातार ऐसे वाहन दौड़ते रहे जिन पर काली फिल्म लगी हुई थी। इस बीच शनिवार से प्रारंभ हुए सड़क सुरक्षा सप्ताह के पहले दिन पुलिस प्रशासन ने जगह-जगह चेकिंग अभियान चलाकर ऐसे वाहनों पर कार्रवाई करना प्रारंभ कर दिया। अभियान के दौरान आठ वाहनों से प्रतिबंधित काली फिल्म उतरवाई गई।
जिला मुख्यालय पर बसखारी रोड पर चलाए जा रहे इस अभियान के दौरान कई जनप्रतिनिधि भी चपेट में आ गए। समाजवादी पार्टी के अकबरपुर विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष कैलाश निषाद के वाहन को रुकवाकर उस पर लगी प्रतिबंधित काली फिल्म को उतरवा दिया गया। जब इस पर जुर्माना लगाया जाने लगा, तो उन्होंने सत्ता की हनक दिखानी शुरू कर दिया। हालांकि इसका कोई प्रभाव पुलिस पर नहीं पड़ा। बाद में उन्हें जुर्माना भरना ही पड़ा। इसी बीच बसपा के जोन को-आर्डिनेटर डॉ. दयाराम राजभर भी अपना वाहन लेकर उधर से गुजरे। पुलिस ने उनका भी वाहन रुकवा लिया और प्रतिबंधित काली फिल्म को उतरवा दिया गया।
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अभियान के दौरान एआरटीओ द्वारा ओवरलोड व बगैर लाइसेंस के वाहन चला रहे ड्राइवरों पर जुर्माना वसूला गया। अभियान चल ही रहा था कि सपा के एक चर्चित विधायक पार्टी की मीटिंग में शामिल होने के लिए उधर से गुजरे। पुलिसकर्मियों ने उनके वाहन को रोकने के लिए हाथ दिया, लेकिन जब उन्होंने वाहन पर विधायक को बैठे देखा, तो वे वहां से खिसक लिए और वाहन को जाने दिया गया। जो लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा।
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न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाते हुए काली फिल्मों को उतारने एवं लाल नीली बत्ती को हटाने का निर्देश दिया था। न्यायालय के आदेश के बाद शासन ने भी ऐसे वाहनों पर कार्रवाई किए जाने का निर्देश बीते दिनों दिया था। न्यायालय व शासन के इन निर्देशों का पालन जिले में कहीं भी होता नजर नहीं आ रहा था। इसके लिए कोई विशेष अभियान पुलिस प्रशासन द्वारा नहीं चलाया जा सका था। नतीजतन कि प्रतिदिन जनपद मुख्यालय पर ही लगातार ऐसे वाहन दौड़ते रहे जिन पर काली फिल्म लगी हुई थी। इस बीच शनिवार से प्रारंभ हुए सड़क सुरक्षा सप्ताह के पहले दिन पुलिस प्रशासन ने जगह-जगह चेकिंग अभियान चलाकर ऐसे वाहनों पर कार्रवाई करना प्रारंभ कर दिया। अभियान के दौरान आठ वाहनों से प्रतिबंधित काली फिल्म उतरवाई गई।
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जिला मुख्यालय पर बसखारी रोड पर चलाए जा रहे इस अभियान के दौरान कई जनप्रतिनिधि भी चपेट में आ गए। समाजवादी पार्टी के अकबरपुर विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष कैलाश निषाद के वाहन को रुकवाकर उस पर लगी प्रतिबंधित काली फिल्म को उतरवा दिया गया। जब इस पर जुर्माना लगाया जाने लगा, तो उन्होंने सत्ता की हनक दिखानी शुरू कर दिया। हालांकि इसका कोई प्रभाव पुलिस पर नहीं पड़ा। बाद में उन्हें जुर्माना भरना ही पड़ा। इसी बीच बसपा के जोन को-आर्डिनेटर डॉ. दयाराम राजभर भी अपना वाहन लेकर उधर से गुजरे। पुलिस ने उनका भी वाहन रुकवा लिया और प्रतिबंधित काली फिल्म को उतरवा दिया गया।
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अभियान के दौरान एआरटीओ द्वारा ओवरलोड व बगैर लाइसेंस के वाहन चला रहे ड्राइवरों पर जुर्माना वसूला गया। अभियान चल ही रहा था कि सपा के एक चर्चित विधायक पार्टी की मीटिंग में शामिल होने के लिए उधर से गुजरे। पुलिसकर्मियों ने उनके वाहन को रोकने के लिए हाथ दिया, लेकिन जब उन्होंने वाहन पर विधायक को बैठे देखा, तो वे वहां से खिसक लिए और वाहन को जाने दिया गया। जो लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा।