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16 हजार किसानों से खरीदा गया 60 हजार मीट्रिक टन गेहूं
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अंबेडकरनगर। चार एजेंसियों के 72 क्रय केन्द्रों ने इस बार जिले में 60 हजार 992 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की है। इससे 16 हजार 75 किसानों को लाभ पहुंचा है। खरीद के साथ ही विभाग ने 120 करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान भी कर दिया है। इस बार जिले में लगभग दो माह 22 दिन गेहूं की खरीद चली। इन सबके बीच किसानों ने गेहूं की खरीद ठप होने पर नाराजगी जाहिर की है। कहा कि खराब मौसम व लॉकडाउन की वजह से काफी संख्या में किसान अपनी उपज नही बेच सके हैं।
मालूम रहे कि शासन के निर्देश पर बीते एक अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू हुई थी, चार एजेंसियों को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। खाद्य विभाग की विपणन शाखा के कुल 15 क्रय केन्द्रों ने 6147 किसानों से 25 हजार 525 मीट्रिक टन, भारतीय खाद्य निगम के एक क्रय केन्द्र ने 382 किसानों का 1207 मीट्रिक टन, उत्तर प्रदेश सहकारी संघ के 55 क्रय केन्द्रों ने 9097 किसानों से 32 हजार 163 मीट्रिक टन व उत्तर प्रदेश कृषि उत्पादन मंडी परिषद के एक क्रय केन्द्र ने 449 किसानों से 2095 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की।
जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि जिले में इस बार दो माह 22 दिन तक गेहूं की खरीद चली। 72 क्रय केन्द्रों के माध्यम से इस बार जिले में 16 हजार 75 किसानों का 60 हजार 992 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया। किसानों को एक अरब 20 करोड़ 45 लाख 56 हजार 859 रुपए का भुगतान भी किया गया है।
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किसानों ने जतायी नाराजगी
गेहूं खरीद ठप होने पर किसानों ने नाराजगी जाहिर की है। किसानों का कहना है कि कम से कम 30 जून तक गेहूं की खरीद होनी चाहिए थी। अभी बड़ी संख्या में किसान ऐसे हैं, जो गेहूं की बिक्री नही कर पाए हैं। खराब मौसम व लॉकडाउन के चलते इस बार गेहूं की बिक्री में काफी मुश्किल हुई। किसान राजेन्द्र चौधरी, श्याम नारायण तिवारी, श्याम मौर्य, सत्यप्रकाश सिंह आदि ने गेहूं खरीद ठप होने पर नाराजगी जतायी। कहा कि खराब मौसम के चलते गेहूं बिक्री में काफी दिक्कत हुई। इसके बावजूद तिथि नहीं बढ़ायी गई। कहा कि उन लोगों ने अशरफपुर बरवां क्रय केन्द्र पर कई दिन तक गेहूं बिक्री के लिए केंद्र पर खड़े रहे, परंतु गेहूं की तौल नहीं हो सकी।
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मालूम रहे कि शासन के निर्देश पर बीते एक अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू हुई थी, चार एजेंसियों को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। खाद्य विभाग की विपणन शाखा के कुल 15 क्रय केन्द्रों ने 6147 किसानों से 25 हजार 525 मीट्रिक टन, भारतीय खाद्य निगम के एक क्रय केन्द्र ने 382 किसानों का 1207 मीट्रिक टन, उत्तर प्रदेश सहकारी संघ के 55 क्रय केन्द्रों ने 9097 किसानों से 32 हजार 163 मीट्रिक टन व उत्तर प्रदेश कृषि उत्पादन मंडी परिषद के एक क्रय केन्द्र ने 449 किसानों से 2095 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की।
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जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि जिले में इस बार दो माह 22 दिन तक गेहूं की खरीद चली। 72 क्रय केन्द्रों के माध्यम से इस बार जिले में 16 हजार 75 किसानों का 60 हजार 992 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया। किसानों को एक अरब 20 करोड़ 45 लाख 56 हजार 859 रुपए का भुगतान भी किया गया है।
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किसानों ने जतायी नाराजगी
गेहूं खरीद ठप होने पर किसानों ने नाराजगी जाहिर की है। किसानों का कहना है कि कम से कम 30 जून तक गेहूं की खरीद होनी चाहिए थी। अभी बड़ी संख्या में किसान ऐसे हैं, जो गेहूं की बिक्री नही कर पाए हैं। खराब मौसम व लॉकडाउन के चलते इस बार गेहूं की बिक्री में काफी मुश्किल हुई। किसान राजेन्द्र चौधरी, श्याम नारायण तिवारी, श्याम मौर्य, सत्यप्रकाश सिंह आदि ने गेहूं खरीद ठप होने पर नाराजगी जतायी। कहा कि खराब मौसम के चलते गेहूं बिक्री में काफी दिक्कत हुई। इसके बावजूद तिथि नहीं बढ़ायी गई। कहा कि उन लोगों ने अशरफपुर बरवां क्रय केन्द्र पर कई दिन तक गेहूं बिक्री के लिए केंद्र पर खड़े रहे, परंतु गेहूं की तौल नहीं हो सकी।