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फिर से गुलजार होंगे 3176 स्कूल
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अंबेडकरनगर। लगभग 10 माह बाद अब एक बार फिर से जिले के 3176 परिषदीय व निजी विद्यालय छात्र-छात्राओं से गुलजार होंगे। कोरोना संक्रमण में कमी के बाद शासन ने केंद्र सरकार की ओर से जारी गाइड लाइन के अनुसार उच्च प्राथमिक स्तर तक के विद्यालयों को खोले जाने की अनुमति दिए जाने के बाद जिले में इसे लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। 10 फरवरी से उच्च प्राथमिक, जबकि एक मार्च से प्राथमिक विद्यालयों को खोले जाने की तैयारी है। इस दौरान आने वाले छात्र-छात्राओं को किसी भी प्रकार की मुश्किल न हो, इसके लिए बीएसए कार्यालय ने खंड शिक्षा अधिकारी के माध्यम से कक्षा आठ तक के सभी विद्यालयों को पत्र भेज कर तैयारियां पूरी करने का निर्देश दिया है।
कोरोना के लगातार कम होने के बीच शैक्षणिक सत्र को पटरी पर लाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर बेसिक शिक्षा विभाग ने 10 फरवरी से कक्षा 6 से 8, जबकि एक मार्च से कक्षा एक से पांच तक के विद्यालयों को खोले जाने की घोषणा की थी। संयुक्त सचिव राजेेंद्र सिंह की ओर से जारी दिशा निर्देश के आधार पर इसे लेकर जिले के बेसिक शिक्षा विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। बताते चलें कि कोरोना संक्रमण के चलते बीती 15 मार्च 2020 को सभी प्रकार के विद्यालय बंद कर दिए गए थे। अनलॉक की अलग-अलग प्रक्रिया के बीच बीते दिनों कक्षा 9 से 12 तक विद्यालयों को खोल दिया गया था। प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्तर तक के विद्यालय नहीं खोले जा सके थे।
अब लगभग 10 माह बाद संबंधित विद्यालयों में बच्चों की चहल-पहल शुरू हो जाएगी। जिले में 1064 प्राथमिक, जबकि 241 उच्च प्राथमिक, 281 कंपोजिट विद्यालय हैं। इसके साथ ही 1590 निजी विद्यालय संचालित हैं। इस बीच फिर से स्कूल खुलने को लेकर बच्चों व उनके अभिभावकों में खासा उत्साह देखने को मिला है। अकबरपुर नगर के कक्षा 8 के छात्र वैभव ने कहा कि यूं तो ऑनलाइन पढ़ाई चल रही थी, लेकिन क्लास में जाकर पढ़ने का अलग महत्व है। अब फिर से स्कूल खुल रहा है। सभी जरूरी तैयारी तेज कर दी गई है। जलालपुर के अभिभावक सियाराम कहते हैं कि सरकार का आदेश आने के बाद अचानक स्कूल खोले जाने की घोषणा होने से सभी तैयारियां हड़बड़ी में करनी पड़ रही हैं, लेकिन बच्चों के भविष्य के लिए यह जरूरी था। टांडा की छात्रा खुशबू व नजरीन फातिमा ने कहा कि इस पल का अरसे से इंतजार था। ऑनलाइन पढ़ाई उतनी बढ़िया नहीं हो पा रही थी, जिस अच्छे ढंग से क्लास में पढ़ाई हो पाती है।
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गाइड लाइन का पालन किया जाए
कक्षा आठ तक के विद्यालयों को खोले जाने के शासन के निर्देश के बाद शनिवार को बीएसए कार्यालय ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों को पत्र जारी किया है। एमडीएम प्रभारी सत्यप्रकाश मौर्य ने बताया कि खंड शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से संबंधित विद्यालयों को पत्र भेजकर कहा गया कि 10 फरवरी से उच्च प्राथमिक, जबकि एक मार्च से प्राथमिक स्तर तक के विद्यालय खुलने हैं। ऐसे में शिक्षण कार्य के दौरान केंद्र सरकार द्वारा जारी गाइड लाइन का पूरी तरह पालन किया जाए। न सिर्फ छात्र-छात्राओं, बल्कि शिक्षक-शिक्षिकाओं के मास्क लगाने की अनिवार्यता सुनिश्चित की जाए। सैनिटाइजर व थर्मल स्क्रीनिंग की भी व्यवस्था की जाए। कक्षा में छात्र-छात्राओं को बैठाने के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का भी पूरी तरह पालन किया जाए। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
स्कूलों में तैयारियां शुरू
कन्या इंटर कॉलेज भीटी की प्रधानाचार्या उमा त्रिपाठी ने कहा कि 10 फरवरी से खुल रहे उच्च प्राथमिक विद्यालय में शिक्षण कार्य के दौरान छात्राओं को किसी भी प्रकार की मुश्किल न हो, इसके लिए सभी तैयारियां तेज कर दी गई हैं। कक्षाओं के संचालन के लिए केंद्र सरकार की गाइडलाइन का पूरी तरह पालन किया जाएगा। इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। चितबहाल आदर्श बालिका इंटर कॉलेज पूरनपुर की प्रधानाचार्या सुषमा सिंह ने बताया कि कक्षा आठ तक के विद्यालय के संचालन के लिए जो दिशा निर्देश दिए गए हैं, उनका पूरी तरह पालन किया जाएगा। जरूरत के अनुसार सैनिटाइजर की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही कुछ मास्क भी रखे जाएंगे, जिससे यदि कोई छात्रा मास्क नहीं लगाकर आती है, तो उसे विद्यालय से ही उपलब्ध कराया जाएगा। प्राथमिक विद्यालय कटरिया सम्मनपुर की शिक्षिका दीपमाला ने कहा कि विद्यालय खोलने को लेकर जो दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, उनका पूरी तरह पालन किया जाएगा। सोशल डिस्टेंसिंग पर इस दौरान विशेष ध्यान दिया जाएगा। रामलौट श्यामादेवी इंटर कॉलेज दहीरपुर के प्रधानाचार्य राजेंद्र वर्मा ने बताया कि शासन के दिशा-निर्देश का पूरी तरह पालन किया जाएगा।
कोरोना प्रोटोकाल हो पूरी तरह पालन
शासन के दिशा-निर्देश पर 10 फरवरी से कक्षा 6 से 8, जबकि एक मार्च से प्राथमिक विद्यालयों को खोले जाने की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजकर निर्देशित किया गया है कि शिक्षण कार्य के दौरान कोरोना प्रोटोकाल का पूरा ध्यान रखा जाए।
- अतुल कुमार सिंह, बीएसए
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कोरोना के लगातार कम होने के बीच शैक्षणिक सत्र को पटरी पर लाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर बेसिक शिक्षा विभाग ने 10 फरवरी से कक्षा 6 से 8, जबकि एक मार्च से कक्षा एक से पांच तक के विद्यालयों को खोले जाने की घोषणा की थी। संयुक्त सचिव राजेेंद्र सिंह की ओर से जारी दिशा निर्देश के आधार पर इसे लेकर जिले के बेसिक शिक्षा विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। बताते चलें कि कोरोना संक्रमण के चलते बीती 15 मार्च 2020 को सभी प्रकार के विद्यालय बंद कर दिए गए थे। अनलॉक की अलग-अलग प्रक्रिया के बीच बीते दिनों कक्षा 9 से 12 तक विद्यालयों को खोल दिया गया था। प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्तर तक के विद्यालय नहीं खोले जा सके थे।
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अब लगभग 10 माह बाद संबंधित विद्यालयों में बच्चों की चहल-पहल शुरू हो जाएगी। जिले में 1064 प्राथमिक, जबकि 241 उच्च प्राथमिक, 281 कंपोजिट विद्यालय हैं। इसके साथ ही 1590 निजी विद्यालय संचालित हैं। इस बीच फिर से स्कूल खुलने को लेकर बच्चों व उनके अभिभावकों में खासा उत्साह देखने को मिला है। अकबरपुर नगर के कक्षा 8 के छात्र वैभव ने कहा कि यूं तो ऑनलाइन पढ़ाई चल रही थी, लेकिन क्लास में जाकर पढ़ने का अलग महत्व है। अब फिर से स्कूल खुल रहा है। सभी जरूरी तैयारी तेज कर दी गई है। जलालपुर के अभिभावक सियाराम कहते हैं कि सरकार का आदेश आने के बाद अचानक स्कूल खोले जाने की घोषणा होने से सभी तैयारियां हड़बड़ी में करनी पड़ रही हैं, लेकिन बच्चों के भविष्य के लिए यह जरूरी था। टांडा की छात्रा खुशबू व नजरीन फातिमा ने कहा कि इस पल का अरसे से इंतजार था। ऑनलाइन पढ़ाई उतनी बढ़िया नहीं हो पा रही थी, जिस अच्छे ढंग से क्लास में पढ़ाई हो पाती है।
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गाइड लाइन का पालन किया जाए
कक्षा आठ तक के विद्यालयों को खोले जाने के शासन के निर्देश के बाद शनिवार को बीएसए कार्यालय ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों को पत्र जारी किया है। एमडीएम प्रभारी सत्यप्रकाश मौर्य ने बताया कि खंड शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से संबंधित विद्यालयों को पत्र भेजकर कहा गया कि 10 फरवरी से उच्च प्राथमिक, जबकि एक मार्च से प्राथमिक स्तर तक के विद्यालय खुलने हैं। ऐसे में शिक्षण कार्य के दौरान केंद्र सरकार द्वारा जारी गाइड लाइन का पूरी तरह पालन किया जाए। न सिर्फ छात्र-छात्राओं, बल्कि शिक्षक-शिक्षिकाओं के मास्क लगाने की अनिवार्यता सुनिश्चित की जाए। सैनिटाइजर व थर्मल स्क्रीनिंग की भी व्यवस्था की जाए। कक्षा में छात्र-छात्राओं को बैठाने के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का भी पूरी तरह पालन किया जाए। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
स्कूलों में तैयारियां शुरू
कन्या इंटर कॉलेज भीटी की प्रधानाचार्या उमा त्रिपाठी ने कहा कि 10 फरवरी से खुल रहे उच्च प्राथमिक विद्यालय में शिक्षण कार्य के दौरान छात्राओं को किसी भी प्रकार की मुश्किल न हो, इसके लिए सभी तैयारियां तेज कर दी गई हैं। कक्षाओं के संचालन के लिए केंद्र सरकार की गाइडलाइन का पूरी तरह पालन किया जाएगा। इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। चितबहाल आदर्श बालिका इंटर कॉलेज पूरनपुर की प्रधानाचार्या सुषमा सिंह ने बताया कि कक्षा आठ तक के विद्यालय के संचालन के लिए जो दिशा निर्देश दिए गए हैं, उनका पूरी तरह पालन किया जाएगा। जरूरत के अनुसार सैनिटाइजर की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही कुछ मास्क भी रखे जाएंगे, जिससे यदि कोई छात्रा मास्क नहीं लगाकर आती है, तो उसे विद्यालय से ही उपलब्ध कराया जाएगा। प्राथमिक विद्यालय कटरिया सम्मनपुर की शिक्षिका दीपमाला ने कहा कि विद्यालय खोलने को लेकर जो दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, उनका पूरी तरह पालन किया जाएगा। सोशल डिस्टेंसिंग पर इस दौरान विशेष ध्यान दिया जाएगा। रामलौट श्यामादेवी इंटर कॉलेज दहीरपुर के प्रधानाचार्य राजेंद्र वर्मा ने बताया कि शासन के दिशा-निर्देश का पूरी तरह पालन किया जाएगा।
कोरोना प्रोटोकाल हो पूरी तरह पालन
शासन के दिशा-निर्देश पर 10 फरवरी से कक्षा 6 से 8, जबकि एक मार्च से प्राथमिक विद्यालयों को खोले जाने की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजकर निर्देशित किया गया है कि शिक्षण कार्य के दौरान कोरोना प्रोटोकाल का पूरा ध्यान रखा जाए।
- अतुल कुमार सिंह, बीएसए