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Ambedkar Nagar News: बारिश में 29 मकान ढहे, धान-गन्ने व केले को भारी नुकसान
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बसखारी के बलरामपुर गांव में बारिश व आंधी में गिरी केले की फसल। संवाद
अंबेडकरनगर। 23 सितंबर से शुरू हुई बारिश का सिलसिला रविवार सुबह कुछ देर के लिए थमा। बादल छंटने के बाद धूप निकली तो 72 घंटे की बारिश और आंधी से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए प्रशासनिक टीमें गांवों में पहुंचीं। अब तक के सर्वे में जिले में 29 कच्चे मकान ध्वस्त मिले हैं। वहीं, अगेती धान, गन्ने और केले की फसल को बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। राजस्व और कृषि विभाग के साथ फसल बीमा कंपनी के प्रतिनिधियों ने भी सर्वे शुरू कर दिया है।
अगेती धान की फसल और 45 हेक्टेयर केला तबाह
खरीफ सीजन में जिले में करीब 1.25 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान की खेती की गई है। इसमें लगभग 15 हजार हेक्टेयर में अगेती धान बोया गया था। इस समय अगेती धान में बालियां निकलने के साथ दाना बनने लगा था। तेज हवा और बारिश के कारण फसल खेतों में गिर गई। कई स्थानों पर खेतों में पानी भरने से धान की फसल के सड़ने की आशंका है। केले की फसल को भी भारी क्षति हुई है। जिले में करीब 125 हेक्टेयर क्षेत्रफल में केले की खेती होती है, जिसमें लगभग 45 हेक्टेयर फसल प्रभावित होने का अनुमान है। बसखारी के बलरामपुर में करीब 10 किसान केले की खेती करते हैं। अगले 10 दिन में फसल तैयार होकर कटाई शुरू होनी थी, लेकिन तेज हवा से ज्यादातर पौधे बीच से टूटकर गिर गए। हंसवर के सेमौर खानपुर मेघवा में प्रदीप वर्मा की डेढ़ बीघा केले की फसल भी गिरकर बर्बाद हो गई। अगेती गन्ने की फसल भी हवा और बारिश की मार से खेतों में बिछ गई है। जिले में करीब 29,572 हेक्टेयर में गन्ने की खेती की गई है। गन्ना विभाग ने करीब 10 प्रतिशत फसल प्रभावित होने की आशंका जताई है। हालांकि अंतिम स्थिति संयुक्त सर्वे के बाद ही स्पष्ट होगी।
एसडीएम ने गांवों का भ्रमण कर देखी स्थिति
बारिश के दौरान अकबरपुर तहसील में 13, जलालपुर में 10, टांडा में चार और आलापुर तहसील क्षेत्र में दो कच्चे मकान ध्वस्त हुए हैं। डीएम ईशा प्रिया के निर्देश पर एसडीएम और राजस्व टीमें प्रभावित गांवों का दौरा कर रही हैं। अकबरपुर एसडीएम प्रतीक्षा सिंह ने बुढ़ानपुर, कुर्की समेत अन्य गांवों में पहुंचकर फसलों की स्थिति देखी और किसानों से बातचीत की। एसडीएम आलापुर धर्मेंद्र कुमार सिंह, टांडा संजीव सिंह, भीटी तृप्ति गुप्ता और जलालपुर मधुमिता सिंह ने भी अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमण कर नुकसान का जायजा लिया। एडीएम वित्त एवं राजस्व ज्योत्सना बंधु ने बताया कि कृषि और राजस्व विभाग की संयुक्त टीमें ब्लॉकवार गठित की गई हैं। फसल बीमा कंपनी के प्रतिनिधियों को भी क्षेत्र में जाकर नुकसान का सर्वे करने के निर्देश दिए गए हैं।
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किसानों ने बयां किया दर्द
केले की खेती करने वाले विजय कुमार ने बताया कि फसल गिरने से करीब ढाई लाख रुपये का नुकसान हुआ है। बाजार में भाव भी ठीक नहीं है और फसल का बीमा नहीं कराया था। अरुण राम वर्मा ने बताया कि ढाई बीघा केले की फसल टूटकर गिर गई, जिससे करीब साढ़े चार लाख रुपये का नुकसान हुआ है। फसल का बीमा होने के कारण विभाग से संपर्क किया जा रहा है। चंद्रभान वर्मा ने बताया कि एक बीघा अगेती धान पूरी तरह गिर गया है। खेत में पानी भरा होने के कारण फसल की भरपाई मुश्किल नजर आ रही है।
जल्द तैयार होगी नुकसान की रिपोर्ट
चक्रवाती बारिश से ध्वस्त कच्चे मकानों का सर्वे करा लिया गया है और पीड़ितों को सहायता दी जा रही है। फसलों के नुकसान का आकलन करने के लिए राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त टीमें लगाई गई हैं। एसडीएम भी क्षेत्रों में भ्रमण कर रहे हैं। जल्द रिपोर्ट तैयार कर किसानों को नियमानुसार मदद उपलब्ध कराई जाएगी। - ईशा प्रिया, डीएम
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अगेती धान की फसल और 45 हेक्टेयर केला तबाह
खरीफ सीजन में जिले में करीब 1.25 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान की खेती की गई है। इसमें लगभग 15 हजार हेक्टेयर में अगेती धान बोया गया था। इस समय अगेती धान में बालियां निकलने के साथ दाना बनने लगा था। तेज हवा और बारिश के कारण फसल खेतों में गिर गई। कई स्थानों पर खेतों में पानी भरने से धान की फसल के सड़ने की आशंका है। केले की फसल को भी भारी क्षति हुई है। जिले में करीब 125 हेक्टेयर क्षेत्रफल में केले की खेती होती है, जिसमें लगभग 45 हेक्टेयर फसल प्रभावित होने का अनुमान है। बसखारी के बलरामपुर में करीब 10 किसान केले की खेती करते हैं। अगले 10 दिन में फसल तैयार होकर कटाई शुरू होनी थी, लेकिन तेज हवा से ज्यादातर पौधे बीच से टूटकर गिर गए। हंसवर के सेमौर खानपुर मेघवा में प्रदीप वर्मा की डेढ़ बीघा केले की फसल भी गिरकर बर्बाद हो गई। अगेती गन्ने की फसल भी हवा और बारिश की मार से खेतों में बिछ गई है। जिले में करीब 29,572 हेक्टेयर में गन्ने की खेती की गई है। गन्ना विभाग ने करीब 10 प्रतिशत फसल प्रभावित होने की आशंका जताई है। हालांकि अंतिम स्थिति संयुक्त सर्वे के बाद ही स्पष्ट होगी।
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एसडीएम ने गांवों का भ्रमण कर देखी स्थिति
बारिश के दौरान अकबरपुर तहसील में 13, जलालपुर में 10, टांडा में चार और आलापुर तहसील क्षेत्र में दो कच्चे मकान ध्वस्त हुए हैं। डीएम ईशा प्रिया के निर्देश पर एसडीएम और राजस्व टीमें प्रभावित गांवों का दौरा कर रही हैं। अकबरपुर एसडीएम प्रतीक्षा सिंह ने बुढ़ानपुर, कुर्की समेत अन्य गांवों में पहुंचकर फसलों की स्थिति देखी और किसानों से बातचीत की। एसडीएम आलापुर धर्मेंद्र कुमार सिंह, टांडा संजीव सिंह, भीटी तृप्ति गुप्ता और जलालपुर मधुमिता सिंह ने भी अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमण कर नुकसान का जायजा लिया। एडीएम वित्त एवं राजस्व ज्योत्सना बंधु ने बताया कि कृषि और राजस्व विभाग की संयुक्त टीमें ब्लॉकवार गठित की गई हैं। फसल बीमा कंपनी के प्रतिनिधियों को भी क्षेत्र में जाकर नुकसान का सर्वे करने के निर्देश दिए गए हैं।
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किसानों ने बयां किया दर्द
केले की खेती करने वाले विजय कुमार ने बताया कि फसल गिरने से करीब ढाई लाख रुपये का नुकसान हुआ है। बाजार में भाव भी ठीक नहीं है और फसल का बीमा नहीं कराया था। अरुण राम वर्मा ने बताया कि ढाई बीघा केले की फसल टूटकर गिर गई, जिससे करीब साढ़े चार लाख रुपये का नुकसान हुआ है। फसल का बीमा होने के कारण विभाग से संपर्क किया जा रहा है। चंद्रभान वर्मा ने बताया कि एक बीघा अगेती धान पूरी तरह गिर गया है। खेत में पानी भरा होने के कारण फसल की भरपाई मुश्किल नजर आ रही है।
जल्द तैयार होगी नुकसान की रिपोर्ट
चक्रवाती बारिश से ध्वस्त कच्चे मकानों का सर्वे करा लिया गया है और पीड़ितों को सहायता दी जा रही है। फसलों के नुकसान का आकलन करने के लिए राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त टीमें लगाई गई हैं। एसडीएम भी क्षेत्रों में भ्रमण कर रहे हैं। जल्द रिपोर्ट तैयार कर किसानों को नियमानुसार मदद उपलब्ध कराई जाएगी। - ईशा प्रिया, डीएम

बसखारी के बलरामपुर गांव में बारिश व आंधी में गिरी केले की फसल। संवाद

बसखारी के बलरामपुर गांव में बारिश व आंधी में गिरी केले की फसल। संवाद