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Ambedkar Nagar News: प्रधान के पति व बेटे की फर्म को कर दिया 27 लाख का भुगतान
Sat, 22 Feb 2025 10:52 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Sat, 22 Feb 2025 10:52 PM IST
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अंबेडकरनगर। विकासखंड कटेहरी की ग्राम पंचायत पतौना की प्रधान के पति व बेटे की फर्म पर अलग-अलग ग्राम पंचायतों से मनरेगा मद से करीब 27 लाख रुपये भुगतान किया गया। इस प्रकरण में कई बार जांच व नोटिसें जारी हो चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। न्यायालय के आदेश के एक माह बाद भी मामला अधर में है। अब एक बार फिर शिकायतकर्ता ने कोर्ट के आदेश का हवाला देकर कार्रवाई की मांग की है।
ग्राम पंचायत पतौना के रामदयाल यादव ने डीएम से शिकायत कर बताया था कि प्रधान विमला सिंह के पति विनोद सिंह के नाम मेसर्स बीके ट्रेडर्स व पुत्र शशांक सिंह के नाम शशांक ट्रेडर्स फर्म हैं। मनरेगा में स्पष्ट निर्देश हैं कि प्रधान के किसी परिजन या रिश्तेदार से कार्य व सामग्री आपूर्ति का काम नहीं लिया जाएगा। इसके बावजूद इन दोनों फर्म पर विकासखंड कटेहरी व भीटी की अलग-अलग ग्राम पंचायतों से 27.96 लाख रुपये का भुगतान किया गया है। इस मामले में डीएम अविनाश सिंह के आदेश पर पूर्व में जांच की गई थी। जांच के बाद प्रधान को नोटिस जारी कर जवाब भी मांगा गया था, लेकिन इसके बाद भी न तो कार्रवाई हुई और न ही रिकवरी कराई गई।
इस पर शिकायतकर्ता ने उच्च न्यायालय में भी अपील की थी। 23 जनवरी 2025 को न्यायालय ने सुनवाई करते हुए दो माह के भीतर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। आदेश के एक माह बाद भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। अब शिकायतकर्ता ने एक बार फिर डीएम को प्रार्थनापत्र भेजकर मामले में कार्रवाई की मांग की है। बीडीओ जगन्नाथ चौधरी ने बताया कि प्रकरण संज्ञान में नहीं है। इसकी पत्रावली मंगाकर दिखवाएंगे।
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ग्राम पंचायत पतौना के रामदयाल यादव ने डीएम से शिकायत कर बताया था कि प्रधान विमला सिंह के पति विनोद सिंह के नाम मेसर्स बीके ट्रेडर्स व पुत्र शशांक सिंह के नाम शशांक ट्रेडर्स फर्म हैं। मनरेगा में स्पष्ट निर्देश हैं कि प्रधान के किसी परिजन या रिश्तेदार से कार्य व सामग्री आपूर्ति का काम नहीं लिया जाएगा। इसके बावजूद इन दोनों फर्म पर विकासखंड कटेहरी व भीटी की अलग-अलग ग्राम पंचायतों से 27.96 लाख रुपये का भुगतान किया गया है। इस मामले में डीएम अविनाश सिंह के आदेश पर पूर्व में जांच की गई थी। जांच के बाद प्रधान को नोटिस जारी कर जवाब भी मांगा गया था, लेकिन इसके बाद भी न तो कार्रवाई हुई और न ही रिकवरी कराई गई।
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इस पर शिकायतकर्ता ने उच्च न्यायालय में भी अपील की थी। 23 जनवरी 2025 को न्यायालय ने सुनवाई करते हुए दो माह के भीतर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। आदेश के एक माह बाद भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। अब शिकायतकर्ता ने एक बार फिर डीएम को प्रार्थनापत्र भेजकर मामले में कार्रवाई की मांग की है। बीडीओ जगन्नाथ चौधरी ने बताया कि प्रकरण संज्ञान में नहीं है। इसकी पत्रावली मंगाकर दिखवाएंगे।
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