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लोक अदालत में 26 हजार वादों का होगा निपटारा
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अंबेडकरनगर। जनपद न्यायालय में 11 दिसंबर को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर तैयारियां तेजी से चल रही हैं। राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न प्रकृति के 26 हजार 175 वादों का निपटारा होना है। यह जानकारी विशेष न्यायाधीश एससी एसटी एक्ट/राष्ट्रीय लोक अदालत नोडल अधिकारी रत्नेशमणि त्रिपाठी ने दी। बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में वादों का निस्ताण नि:शुल्क व सुलह समझौते के आधार पर होता है। ऐसे में जिस भी फरियादी के मुकदमे लंबे समय से लंबित हैं, वह लोक अदालत में अपने वाद को नियत कराकर त्वरित समाधान पा सकता है।
मंगलवार को विशेष न्यायाधीश एससी एसटी एक्ट रत्नेशमणि त्रिपाठी ने राष्ट्रीय लोक अदालत के बारे में विस्तार से जानकारी दी। बताया कि राष्ट्रीय अदालत लंबे समय से लंबित वादों के निस्तारण के लिए बेहतर माध्यम है। राष्ट्रीय लोक अदालत में बिना किसी शुल्क के फरियादी अपने वाद का समाधान पाता है। फरियादी चाहे तो वह बगैर किसी अधिवक्ता की मदद लिए स्वयं अपने वाद को नियत कराए, और राष्ट्रीय लोक अदालत में उपलब्ध होकर उसका समाधान पा सकता है।
राष्ट्रीय लोक अदालत से निस्तारित वादों के विरुद्ध दोबारा अपील भी नहीं होती। बताया कि 11 दिसंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन जनपद न्यायालय परिसर में होगा। इसमें अब तक 26 हजार 175 वादों को नियत किया गया है। बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन कोविड प्रोटोकॉल के अनुपालन के साथ आयोजित होगा। इसमें सुलह योग्य फौजदारी वाद, भरण पोषण वाद, दीवानी, स्टांप वाद, वैवाहिक वाद, बाट माप अधिनियम के अंतर्गत चालान, ऋण मामले, बैंक रिकवरी, चेक बाउंस आदि मुकदमों का निस्तारण होगा।
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मंगलवार को विशेष न्यायाधीश एससी एसटी एक्ट रत्नेशमणि त्रिपाठी ने राष्ट्रीय लोक अदालत के बारे में विस्तार से जानकारी दी। बताया कि राष्ट्रीय अदालत लंबे समय से लंबित वादों के निस्तारण के लिए बेहतर माध्यम है। राष्ट्रीय लोक अदालत में बिना किसी शुल्क के फरियादी अपने वाद का समाधान पाता है। फरियादी चाहे तो वह बगैर किसी अधिवक्ता की मदद लिए स्वयं अपने वाद को नियत कराए, और राष्ट्रीय लोक अदालत में उपलब्ध होकर उसका समाधान पा सकता है।
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राष्ट्रीय लोक अदालत से निस्तारित वादों के विरुद्ध दोबारा अपील भी नहीं होती। बताया कि 11 दिसंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन जनपद न्यायालय परिसर में होगा। इसमें अब तक 26 हजार 175 वादों को नियत किया गया है। बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन कोविड प्रोटोकॉल के अनुपालन के साथ आयोजित होगा। इसमें सुलह योग्य फौजदारी वाद, भरण पोषण वाद, दीवानी, स्टांप वाद, वैवाहिक वाद, बाट माप अधिनियम के अंतर्गत चालान, ऋण मामले, बैंक रिकवरी, चेक बाउंस आदि मुकदमों का निस्तारण होगा।
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