{"_id":"67913f1423792e59e90f4d58","slug":"193-people-were-bitten-by-dogs-in-24-hours-ambedkar-nagar-news-c-91-1-slko1002-128322-2025-01-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambedkar Nagar News: 24 घंटे में कुत्तों ने 193 लोगों को काटा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambedkar Nagar News: 24 घंटे में कुत्तों ने 193 लोगों को काटा
Thu, 23 Jan 2025 12:25 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Thu, 23 Jan 2025 12:25 AM IST
विज्ञापन
अंबेडकरनगर। जिले के लोगों के लिए आवारा कुत्ते मुसीबत बने हैं। 24 घंटे के भीतर कुत्तों ने 193 लोगों को काटकर जख्मी कर दिया। एंटी रैबीज वैक्सीन (एआरवी) लगवाने के लिए बुधवार को जिला अस्पताल में लोगों की भीड़ रही। जानकारी के मुताबिक एक सप्ताह में कुत्तों के हमलों में जिले के 750 लोगों जख्मी हुए हैं।
जिले में आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ता जा रहा है। हर दिन कुत्तों के काटने की घटनाएं सामने आ रही हैं। इससे लोगों में दहशत है। जिला अस्पताल से लेकर सीएचसी में हर दिन कुत्तों के काटने से घायल लोग एआरवी लगवाने पहुंच रहे हैं। कुत्तों के काटने के मामलों में सबसे ज्यादा शिकार बच्चे और महिलाएं हो रही हैं। शहर और गांवों में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या इस समस्या का मुख्य कारण है। सीएमएस डॉ. ओमप्रकाश ने बताया कि जिला अस्पताल में एआरवी की कोई कमी नहीं है। पर्याप्त मात्रा में टीके उपलब्ध हैं।
इस तरह कुत्तों से बचें लोग
आयुष विंग के चिकित्सक डॉ. चंद्रेश कहते हैं कि लोग आवारा कुत्तों से दूरी बनाए रखें और अपने बच्चों को भी सतर्क रहने के लिए कहें। कोई व्यक्ति कुत्ते के काटने का शिकार हो जाए तो तुरंत पानी और साबुन से घाव धोकर नजदीकी अस्पताल में जाएं और एआरवी का टीका लगवाएं।
विज्ञापन
सर्दी में कुत्तों के हमले की घटनाएं ज्यादा बढ़ जाती हैं। इस मौसम में कुत्तों की ब्रीडिंग का समय होता है, जिसकी वजह से ये थोड़ा ज्यादा आक्रामक हो जाते हैं। इनकी नसबंदी के लिए शासन ने रोक लगा दी है। ग्राम पंचायत या नगर पंचायत की तरफ से कुत्तों को पकड़ने का अभियान चलाया जाता है। -डॉ. डीके सिंह, सीवीओ
विज्ञापन
जिले में आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ता जा रहा है। हर दिन कुत्तों के काटने की घटनाएं सामने आ रही हैं। इससे लोगों में दहशत है। जिला अस्पताल से लेकर सीएचसी में हर दिन कुत्तों के काटने से घायल लोग एआरवी लगवाने पहुंच रहे हैं। कुत्तों के काटने के मामलों में सबसे ज्यादा शिकार बच्चे और महिलाएं हो रही हैं। शहर और गांवों में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या इस समस्या का मुख्य कारण है। सीएमएस डॉ. ओमप्रकाश ने बताया कि जिला अस्पताल में एआरवी की कोई कमी नहीं है। पर्याप्त मात्रा में टीके उपलब्ध हैं।
विज्ञापन
इस तरह कुत्तों से बचें लोग
आयुष विंग के चिकित्सक डॉ. चंद्रेश कहते हैं कि लोग आवारा कुत्तों से दूरी बनाए रखें और अपने बच्चों को भी सतर्क रहने के लिए कहें। कोई व्यक्ति कुत्ते के काटने का शिकार हो जाए तो तुरंत पानी और साबुन से घाव धोकर नजदीकी अस्पताल में जाएं और एआरवी का टीका लगवाएं।
विज्ञापन
सर्दी में कुत्तों के हमले की घटनाएं ज्यादा बढ़ जाती हैं। इस मौसम में कुत्तों की ब्रीडिंग का समय होता है, जिसकी वजह से ये थोड़ा ज्यादा आक्रामक हो जाते हैं। इनकी नसबंदी के लिए शासन ने रोक लगा दी है। ग्राम पंचायत या नगर पंचायत की तरफ से कुत्तों को पकड़ने का अभियान चलाया जाता है। -डॉ. डीके सिंह, सीवीओ