{"_id":"5d029765bdec226d80418e83","slug":"156045090612-ambedkar-nagar-news86","type":"story","status":"publish","title_hn":"सवा करोड़ खर्च के बाद भी घर घर नहीं पहंच पा रहा शुद्घपेयजल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सवा करोड़ खर्च के बाद भी घर घर नहीं पहंच पा रहा शुद्घपेयजल
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सवा
राजेसुल्तानपुर। सवा करोड़ से अधिक की रकम खर्च होने के बाद भी जहांगीरगंज विकास खंड क्षेत्र के मदैनिया गांव के ग्रामीणों की हलक तर नहीं हो पा रहा है। जल निगम की ओर से घर घर पानी की आपूर्ति के लिए बनवाई गई पानी टंकी छलावा साबित हो रही है।
दरअसल, घटिया निर्माण के चलते एक वर्ष पहले बिछाई गई पाइपलाइन कई जगह हद दर्जे तक क्षतिग्रस्त हो चुकी है। नतीजा यह कि कुछ दूर तक ही पानी पहुंच पाता है। ऐसे में शासन द्वारा 6 हजार आबादी को पेयजल का लाभ देने के उद्देश्य से खर्च किया गया करीब 1 करोड़ 33 लाख रुपया सार्थकता सिद्ध नहीं कर पा रहा है।
बताते चलें कि जहांगीरगंज विकास खंड क्षेत्र के मदैनिया ग्राम पंचायत में शासन ने बीते वर्ष 2017-18 में पानी टंकी का निर्माण कराने का निर्णय लिया। शासन से इसके लिए 1 करोड़ 33 लाख रुपए धन भी स्वीकृत हुआ। वर्ष 2018 मार्च माह में इसका निर्माण कार्य भी पूरा हो गया। लगभग 2 लाख लीटर क्षमता के इस टंकी के निर्माण के पीछे उद्देश्य था कि पेयजल संकट से जूझ रहे इस ग्राम पंचायत के वाशिंदों को निजात दिलाना।
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ग्राम पंचायत में पानी टंकी का निर्माण शुुरु हुआ तो ग्रामीणों को पेयजल की आस जगी। ग्रामीणों को उम्मीद हुई कि शायद अब पेयजल संकट दूर हो जाए। निर्माण कार्य पूरा हुआ, और पेयजल आपूर्ति भी बहाल हुई पर टंकी से सप्लाई का पानी ज्यादा दिन ग्रामीणों को नहीं मिल सका। नतीजा यह हुआ कि घटिया निर्माण को लेकर ग्रामीणों द्वारा उठायी गई आवाज का संज्ञान न लिए जाने का परिणाम है कि पेयजल आपूर्ति के लिए बिछाई गई पाइपलाइन कुछ ही दिन में क्षतिग्रस्त हो गई।
ग्रामीण अमित गिरी का कहना है कि लगभग 15 माह पहले पानी सप्लाई का कार्य विभाग द्वारा शुरू किया गया। परन्तु ग्रामीणों को डेढ़ से दो माह ही सुचारु विद्युत आपूर्ति का ही लाभ मिल सका। पाइपलाइन इतनी दोयम दर्जे की बिछायी गई थी कि टंकी से पानी सप्लाई दी जाती है, लेकिन वह कुछ घरों तक पहुंचने के साथ ही रास्ते में ही बहकर नष्ट हो जाता है।
गांव के रामधनी भारती ने कहा कि घटिया किस्म के पाइप लगने के कारण अधिकांश ग्रामीणों को पानी का आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। निर्माण के समय ही ग्रामीण इसके विरुद्घ आवाज उठा रहे थे, लेकिन विभागीय अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया। ग्रामीण अशोक निषाद व ब्रह्मानंद ने जिला प्रशासन से मामले में जांच कराकर दोषी लोगों के विरुद्घ कार्रवाई की मांग की है।
कहा कि सरकार का 1 करोड़ 33 लाख रुपए खर्च कर दिया गया, लेकिन इसका लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में दोषी लोगों के विरुद्घ कार्रवाई की जरूरत है। निर्माण में भ्रष्टाचार के चलते ही शासन की इस महत्वपूर्ण योजना का यह हश्र हुआ है।
ग्रामीणों को सुबह 6 बजे से 8 बजे तक, दोपहर में 12 बजे से अपराह्न 2 बजे तक व शम को 4 बजे से 6 बजे तक कुल तीन चरण में 6 घंटे पेयजल आपूर्ति दी जा रही है। पाइपलाइन में जहां पर खराबी सामने आती हैं, उसे तत्परतापूर्वक दुरुस्त भी कराया जाता है। ग्रामीणों को शुद्घ व सुचारु पेयजल का लाभ दिए जाने का पूरा प्रयास किया जात रहा है।
अनूप यादव, जेई जल निगम
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राजेसुल्तानपुर। सवा करोड़ से अधिक की रकम खर्च होने के बाद भी जहांगीरगंज विकास खंड क्षेत्र के मदैनिया गांव के ग्रामीणों की हलक तर नहीं हो पा रहा है। जल निगम की ओर से घर घर पानी की आपूर्ति के लिए बनवाई गई पानी टंकी छलावा साबित हो रही है।
दरअसल, घटिया निर्माण के चलते एक वर्ष पहले बिछाई गई पाइपलाइन कई जगह हद दर्जे तक क्षतिग्रस्त हो चुकी है। नतीजा यह कि कुछ दूर तक ही पानी पहुंच पाता है। ऐसे में शासन द्वारा 6 हजार आबादी को पेयजल का लाभ देने के उद्देश्य से खर्च किया गया करीब 1 करोड़ 33 लाख रुपया सार्थकता सिद्ध नहीं कर पा रहा है।
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बताते चलें कि जहांगीरगंज विकास खंड क्षेत्र के मदैनिया ग्राम पंचायत में शासन ने बीते वर्ष 2017-18 में पानी टंकी का निर्माण कराने का निर्णय लिया। शासन से इसके लिए 1 करोड़ 33 लाख रुपए धन भी स्वीकृत हुआ। वर्ष 2018 मार्च माह में इसका निर्माण कार्य भी पूरा हो गया। लगभग 2 लाख लीटर क्षमता के इस टंकी के निर्माण के पीछे उद्देश्य था कि पेयजल संकट से जूझ रहे इस ग्राम पंचायत के वाशिंदों को निजात दिलाना।
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ग्राम पंचायत में पानी टंकी का निर्माण शुुरु हुआ तो ग्रामीणों को पेयजल की आस जगी। ग्रामीणों को उम्मीद हुई कि शायद अब पेयजल संकट दूर हो जाए। निर्माण कार्य पूरा हुआ, और पेयजल आपूर्ति भी बहाल हुई पर टंकी से सप्लाई का पानी ज्यादा दिन ग्रामीणों को नहीं मिल सका। नतीजा यह हुआ कि घटिया निर्माण को लेकर ग्रामीणों द्वारा उठायी गई आवाज का संज्ञान न लिए जाने का परिणाम है कि पेयजल आपूर्ति के लिए बिछाई गई पाइपलाइन कुछ ही दिन में क्षतिग्रस्त हो गई।
ग्रामीण अमित गिरी का कहना है कि लगभग 15 माह पहले पानी सप्लाई का कार्य विभाग द्वारा शुरू किया गया। परन्तु ग्रामीणों को डेढ़ से दो माह ही सुचारु विद्युत आपूर्ति का ही लाभ मिल सका। पाइपलाइन इतनी दोयम दर्जे की बिछायी गई थी कि टंकी से पानी सप्लाई दी जाती है, लेकिन वह कुछ घरों तक पहुंचने के साथ ही रास्ते में ही बहकर नष्ट हो जाता है।
गांव के रामधनी भारती ने कहा कि घटिया किस्म के पाइप लगने के कारण अधिकांश ग्रामीणों को पानी का आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। निर्माण के समय ही ग्रामीण इसके विरुद्घ आवाज उठा रहे थे, लेकिन विभागीय अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया। ग्रामीण अशोक निषाद व ब्रह्मानंद ने जिला प्रशासन से मामले में जांच कराकर दोषी लोगों के विरुद्घ कार्रवाई की मांग की है।
कहा कि सरकार का 1 करोड़ 33 लाख रुपए खर्च कर दिया गया, लेकिन इसका लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में दोषी लोगों के विरुद्घ कार्रवाई की जरूरत है। निर्माण में भ्रष्टाचार के चलते ही शासन की इस महत्वपूर्ण योजना का यह हश्र हुआ है।
ग्रामीणों को सुबह 6 बजे से 8 बजे तक, दोपहर में 12 बजे से अपराह्न 2 बजे तक व शम को 4 बजे से 6 बजे तक कुल तीन चरण में 6 घंटे पेयजल आपूर्ति दी जा रही है। पाइपलाइन में जहां पर खराबी सामने आती हैं, उसे तत्परतापूर्वक दुरुस्त भी कराया जाता है। ग्रामीणों को शुद्घ व सुचारु पेयजल का लाभ दिए जाने का पूरा प्रयास किया जात रहा है।
अनूप यादव, जेई जल निगम