{"_id":"5cbcad4bbdec2213e305696e","slug":"1555869073225-ambedkar-nagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पूरी रात अंधेरे में रही लगभग 25 हजार की आबादी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पूरी रात अंधेरे में रही लगभग 25 हजार की आबादी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अंबेडकरनगर। लगातार बढ़ते तापमान के बीच विद्युत उपभोक्ताओं की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। शनिवार देर शाम जिला मुख्यालय पर अकबरपुर तहसील के निकट दो विद्युत खंभे क्षतिग्रस्त हो गया। इसके अलावा जिले के अन्य क्षेत्रों में कहीं जर्जर तार टूट गया, तो कहीं खंभा। इससे लगभग 25 हजार की आबादी को बदतर विद्युत आपूर्ति के दौर से गुजरना पड़ा। उपभोक्ताओं ने पॉवर कारपोरेशन के प्रति नाराजगी जताते हुए कहा कि ऐसा प्रत्येक गर्मी के मौसम में होता है। इसके बावजूद उपभोक्ताओं को सुचारु बिजली उपलब्ध कराने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा जर्जर हो चुके उपकरणों को दुरुस्त कराने के लिए गंभीरता नहीं दिखाई जाती। इसका खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ता है।
भीषण गर्मी का दौर शुरू हो चुका है। आसमान से बरसती आग ने लोगों को मुश्किलों में डाल रखा है। इसके बीच बदतर विद्युत आपूर्ति ने भी आमजन की समस्याओं को और बढ़ा दिया है। भीषण गर्मी के बीच जर्जर हो चुके उपकरणों ने जवाब देना शुरू कर दिया है। शनिवार देर शाम अकबरपुर नगर के पुराने तहसील तिराहे के निकट दो विद्युत खंभे क्षतिग्रस्त हो गए। इससे पेवाड़ा, अहिराना, सरकारी अस्पताल क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। नतीजा यह हुआ कि पूरी रात संबंधित क्षेत्र की लगभग 8 हजार की आबादी को अंधेरे में गर्मी में रात गुजारने को मजबूर होना पड़ा।
सबसे अधिक समस्या रविवार सुबह पेयजल को लेकर उत्पन्न हुई। एक एक बाल्टी पानी के लिए लोगों को इधर उधर भटकने को मजबूर होना पड़ा। रविवार देर शाम गड़बड़ी दूर कर आपूर्ति बहाल की जा सकी। इसके अलावा अकबरपुर नगर के रसूलपुर हौजपट्टी, अयोध्या मार्ग, तमसा मार्ग क्षेत्र में भी पूरी रात विभिन्न गड़बडिय़ों के चलते बिजली का आवागमन होता रहा। इससे लगभग 10 हजार की आबादी को बदतर विद्युत आपूर्ति का दंश झेलना पड़ा। यह सिलसिला रविवार को भी लगभग पूरे दिन जारी रहा।
विज्ञापन
इसके अलावा जलालपुर, भीटी, आलापुर व टांडा तहसील क्षेत्रों में भी कहीं तारे टूटने, तो कहीं खंभे के क्षतिग्रस्त होने से लगभग 7 हजार की आबादी को सुचारु बिजली नहीं मिल सकी। बताते चलें कि रोस्टर के अनुसार जिला मुख्यालय को 24 घंटा, तहसील मुख्यालयों को 20 घंटा व ग्रामीण क्षेत्रों को 18 घंटा बिजली उपलब्ध होना चाहिए। हालांकि मौजूदा समय में ऐसा नहीं हो रहा। विभिन्न गड़बडिय़ों के चलते जिला मुख्यालय को बमुश्किल 19 घंटा, तहसील मुख्यालय को 15 घंटा, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों 15 घंटे ही उपभोक्ताओं को बिजली मिल पा रही है।
रोस्टर के अनुसार उपलब्ध हो बिजली
अकबरपुर के यासिर हुसैन व रेहान अब्बास ने कहा कि आगामी दिनों में पवित्र रमजान माह शुरू हो रहा है। ऐसे में रोजेदारों को किसी भी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए रोस्टर के अनुसार बिजली उपलब्ध कराई जाए। अनुराग श्रीवास्तव व दीप गुप्ता ने कहा कि जब तक जर्जर हो चुके विद्युत उपकरणाें को बदला नहीं जाता, तब तक उपभोक्ताओं को सुचारु बिजली मिलने की उम्मीद नहीं की जा सकती है। अभी भी समय है। पॉवर कारपोरेशन को जरूरी कदम उठाना चाहिए। सेवानिवृत्त शिक्षक रामलाल यादव व शीतला प्रसाद ने कहा कि बदतर विद्युत आपूर्ति के चलते पेयजल का भी संकट खड़ा हो जाता है। इससे निपटने के लिए पॉवर कारपोरेशन को गंभीरता दिखानी होगी।
गड़बड़ी दूर कर बहाल की गई आपूर्ति
जिला मुख्यालय पर खंभा क्षतिग्रस्त हुआ था। कुछ क्षेत्रों में वैकल्पिक व्यवस्था कर उपभोक्तओं को बिजली उपलब्ध कराई गई थी। ओवरलोड के चलते कुछ मोहल्लों को बिजली नहीं उपलब्ध हो सकी थी। गड़बड़ी दूर कर आपूर्ति बहाल कर दी गई।
-वीके पटेल, अधिशाषी अभियंता विद्युत अकबरपुर
विज्ञापन
भीषण गर्मी का दौर शुरू हो चुका है। आसमान से बरसती आग ने लोगों को मुश्किलों में डाल रखा है। इसके बीच बदतर विद्युत आपूर्ति ने भी आमजन की समस्याओं को और बढ़ा दिया है। भीषण गर्मी के बीच जर्जर हो चुके उपकरणों ने जवाब देना शुरू कर दिया है। शनिवार देर शाम अकबरपुर नगर के पुराने तहसील तिराहे के निकट दो विद्युत खंभे क्षतिग्रस्त हो गए। इससे पेवाड़ा, अहिराना, सरकारी अस्पताल क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। नतीजा यह हुआ कि पूरी रात संबंधित क्षेत्र की लगभग 8 हजार की आबादी को अंधेरे में गर्मी में रात गुजारने को मजबूर होना पड़ा।
विज्ञापन
सबसे अधिक समस्या रविवार सुबह पेयजल को लेकर उत्पन्न हुई। एक एक बाल्टी पानी के लिए लोगों को इधर उधर भटकने को मजबूर होना पड़ा। रविवार देर शाम गड़बड़ी दूर कर आपूर्ति बहाल की जा सकी। इसके अलावा अकबरपुर नगर के रसूलपुर हौजपट्टी, अयोध्या मार्ग, तमसा मार्ग क्षेत्र में भी पूरी रात विभिन्न गड़बडिय़ों के चलते बिजली का आवागमन होता रहा। इससे लगभग 10 हजार की आबादी को बदतर विद्युत आपूर्ति का दंश झेलना पड़ा। यह सिलसिला रविवार को भी लगभग पूरे दिन जारी रहा।
विज्ञापन
इसके अलावा जलालपुर, भीटी, आलापुर व टांडा तहसील क्षेत्रों में भी कहीं तारे टूटने, तो कहीं खंभे के क्षतिग्रस्त होने से लगभग 7 हजार की आबादी को सुचारु बिजली नहीं मिल सकी। बताते चलें कि रोस्टर के अनुसार जिला मुख्यालय को 24 घंटा, तहसील मुख्यालयों को 20 घंटा व ग्रामीण क्षेत्रों को 18 घंटा बिजली उपलब्ध होना चाहिए। हालांकि मौजूदा समय में ऐसा नहीं हो रहा। विभिन्न गड़बडिय़ों के चलते जिला मुख्यालय को बमुश्किल 19 घंटा, तहसील मुख्यालय को 15 घंटा, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों 15 घंटे ही उपभोक्ताओं को बिजली मिल पा रही है।
रोस्टर के अनुसार उपलब्ध हो बिजली
अकबरपुर के यासिर हुसैन व रेहान अब्बास ने कहा कि आगामी दिनों में पवित्र रमजान माह शुरू हो रहा है। ऐसे में रोजेदारों को किसी भी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए रोस्टर के अनुसार बिजली उपलब्ध कराई जाए। अनुराग श्रीवास्तव व दीप गुप्ता ने कहा कि जब तक जर्जर हो चुके विद्युत उपकरणाें को बदला नहीं जाता, तब तक उपभोक्ताओं को सुचारु बिजली मिलने की उम्मीद नहीं की जा सकती है। अभी भी समय है। पॉवर कारपोरेशन को जरूरी कदम उठाना चाहिए। सेवानिवृत्त शिक्षक रामलाल यादव व शीतला प्रसाद ने कहा कि बदतर विद्युत आपूर्ति के चलते पेयजल का भी संकट खड़ा हो जाता है। इससे निपटने के लिए पॉवर कारपोरेशन को गंभीरता दिखानी होगी।
गड़बड़ी दूर कर बहाल की गई आपूर्ति
जिला मुख्यालय पर खंभा क्षतिग्रस्त हुआ था। कुछ क्षेत्रों में वैकल्पिक व्यवस्था कर उपभोक्तओं को बिजली उपलब्ध कराई गई थी। ओवरलोड के चलते कुछ मोहल्लों को बिजली नहीं उपलब्ध हो सकी थी। गड़बड़ी दूर कर आपूर्ति बहाल कर दी गई।
-वीके पटेल, अधिशाषी अभियंता विद्युत अकबरपुर