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पिता के हत्यारे कलियुगी पुत्र को आजीवन कारावास की सजा
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पिता के हत्यारे को आजीवन कारावास की सजा
अंबेडकरनगर। पिता की हत्या करने वाले कलियुगी पुत्र को जिला जज अमरजीत त्रिपाठी ने गुरुवार को आजीवन कारावास की सजा सुनायी। साथ ही उस पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। आदेश में कहा कि यदि जुर्माने की रकम न अदा की गई तो दोषी को एक वर्ष के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। इसके अलावा न्यायाधीश ने मामले के वादी के अलावा घटना के प्रत्यक्षदर्शी एक अन्य को न्यायालय में गलत बयान देने के आरोप में नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। कहा गया कि क्यों न उनके विरुद्ध न्यायालय में झूठी गवाही देने के मामले में कार्रवाई की जाए।
जानकारी के अनुसार 8 अगस्त 2016 को मालीपुर थाना क्षेत्र के हुसैनपुर विपहन निवासी हरिभवन ने थाने में एक मुकदमा दर्ज कराया। आरोप लगाया कि उसके छोटे भाई त्रिभुवन ने भूमि को लेकर पिता गुरुदीन की खेत में लाठी डंडों से पीट पीट कर हत्या कर दी। घटना के समय वह खेत में काम कर रहा था। जब तक उसे जानकारी हो पाती और वह मौके पर पहुंचकर बीच बचाव करता तब तक उसका भाई मौके से भाग निकला, और पिता की मौत हो चुकी थी। इसमें उसने गांव के महानरायण उर्फ सहनू को प्रत्यक्षदर्शी बताया था। पुलिस ने तहरीर के आधार पर केस दर्ज किया।
मामले की विवेचना पूरी कर सत्र परीक्षण के लिए न्यायालय में पेश किया। न्यायाधीश ने घटना के साक्ष्यों को गहना से परखा। इस बीच मामले के वादी व प्रत्यक्षदर्शी अपने बयान से मुकर गए। इसके बावजूद जिलाजज अमरजीत त्रिपाठी ने मामले की सुनवाई की। अभियोजन पक्ष की तरफ से न्यायालय में समुचित साक्ष्य प्रस्तुत किया गया, जिससे यह साबित हुआ कि त्रिभुवन अपने पिता की हत्या का गुनहागार है।
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जिलाजज ने गुरुवार को त्रिभुवन को पिता की हत्या का दोषी करार दिया। उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। कहा कि यदि जुर्माने की रकम न अदा की गई तो दोषी को एक वर्ष के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। साथ ही जिला जज ने मुकदमे के वादी हरिभवन व प्रत्यक्षदर्शी महानरायण उर्फ सहनू को धारा 344 के प्राविधान के तहत शपथ लेकर गलत बयानी करने के संबंध में नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। कहा कि न्यायालय में गलत बयानी करने के लिए उन्हें क्यों न दंडित किया जाए। न्यायाधीश के निर्णय के बाद अभियुक्त को जेल भेज दिया गया।
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अंबेडकरनगर। पिता की हत्या करने वाले कलियुगी पुत्र को जिला जज अमरजीत त्रिपाठी ने गुरुवार को आजीवन कारावास की सजा सुनायी। साथ ही उस पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। आदेश में कहा कि यदि जुर्माने की रकम न अदा की गई तो दोषी को एक वर्ष के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। इसके अलावा न्यायाधीश ने मामले के वादी के अलावा घटना के प्रत्यक्षदर्शी एक अन्य को न्यायालय में गलत बयान देने के आरोप में नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। कहा गया कि क्यों न उनके विरुद्ध न्यायालय में झूठी गवाही देने के मामले में कार्रवाई की जाए।
जानकारी के अनुसार 8 अगस्त 2016 को मालीपुर थाना क्षेत्र के हुसैनपुर विपहन निवासी हरिभवन ने थाने में एक मुकदमा दर्ज कराया। आरोप लगाया कि उसके छोटे भाई त्रिभुवन ने भूमि को लेकर पिता गुरुदीन की खेत में लाठी डंडों से पीट पीट कर हत्या कर दी। घटना के समय वह खेत में काम कर रहा था। जब तक उसे जानकारी हो पाती और वह मौके पर पहुंचकर बीच बचाव करता तब तक उसका भाई मौके से भाग निकला, और पिता की मौत हो चुकी थी। इसमें उसने गांव के महानरायण उर्फ सहनू को प्रत्यक्षदर्शी बताया था। पुलिस ने तहरीर के आधार पर केस दर्ज किया।
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मामले की विवेचना पूरी कर सत्र परीक्षण के लिए न्यायालय में पेश किया। न्यायाधीश ने घटना के साक्ष्यों को गहना से परखा। इस बीच मामले के वादी व प्रत्यक्षदर्शी अपने बयान से मुकर गए। इसके बावजूद जिलाजज अमरजीत त्रिपाठी ने मामले की सुनवाई की। अभियोजन पक्ष की तरफ से न्यायालय में समुचित साक्ष्य प्रस्तुत किया गया, जिससे यह साबित हुआ कि त्रिभुवन अपने पिता की हत्या का गुनहागार है।
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जिलाजज ने गुरुवार को त्रिभुवन को पिता की हत्या का दोषी करार दिया। उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। कहा कि यदि जुर्माने की रकम न अदा की गई तो दोषी को एक वर्ष के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। साथ ही जिला जज ने मुकदमे के वादी हरिभवन व प्रत्यक्षदर्शी महानरायण उर्फ सहनू को धारा 344 के प्राविधान के तहत शपथ लेकर गलत बयानी करने के संबंध में नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। कहा कि न्यायालय में गलत बयानी करने के लिए उन्हें क्यों न दंडित किया जाए। न्यायाधीश के निर्णय के बाद अभियुक्त को जेल भेज दिया गया।