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नेशनल हाइवे निर्माण में धांधली, टूट गया नदी पर बना पुल

Mon, 04 Feb 2019 09:58 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 04 Feb 2019 09:58 PM IST
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नेशनल हाइवे निर्माण में धांधली, टूट गया नदी पर बना पुल
लोकार्पण से पहले तमसा पर बने पुल में आई दरार
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अंबेडकरनगर। नेशनल हाईवे निर्माण में बड़ी धांधली का मामला सामने आया है। लगभग बनकर तैयार एनएच 232 पर आवागमन प्रारंभ होने से पहले ही अकबरपुर में तमसा नदी पर बने पुल में दरारें उत्पन्न होने के साथ टूट गया। इसके साथ ही सड़क पर जगह जगह गड्ढे बन गए हैं। सोमवार को डीएम सुरेश कुमार ने मौके पर पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण किया। साथ ही मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम सदर के नेतृत्व में तीन सदस्यीय जांच कमेटी भी गठित कर दी। डीएम ने कहा है कि आईआईटी रुड़की की तकनीकी टीम से जांच कराने के लिए अलग से पत्र शासन को भेज दिया गया है।

टांडा से बांदा तक बन रहे नेशनल हाइवे के निर्माण में धांधली का खुलासा हुआ है। इस एनएच 232 मार्ग का निर्माण दो फेज में शुरू हुआ था। रायबरेली से बांदा तक का निर्माण पूरा हो गया, जिसका लोकार्पण भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बीते दिनों कर चुके हैं। 636 करोड़ की लागत वाले टांडा से रायबरेली तक 148 किमी लंबे मार्ग का निर्माण अभी प्रगति पर है। 90 प्रतिशत निर्माण पूरा हो चुका है। लगभग डेढ़ माह में इस मार्ग का भी लोकार्पण होने की तैयारी की जा रही थी। इस बीच निर्माण में बरती गई धांधली उजागर हो गई। अकबरपुर नगर के बाहरी छोर स्थित बाइपास पर जलालपुर मार्ग से बसखारी मार्ग को आपस में जोड़ने के लिए तमसा नदी के ऊपर बने पुल में कई जगह दरार आ गई। इससे पुल टूट भी गया। इसके साथ ही मार्ग में जगह जगह गड्ढे भी उत्पन्न हो गए हैं। निर्माण की जिम्मेदारी हैदराबाद की संस्था गोकुल कृष्णा कांस्ट्रक्शन को सौंपा गया है।
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नेशनल हाइवे निर्माण में धंाधली की खबर मिलते ही डीएम सुरेश कुमार सोमवार को मौके पर पहुंच गए। उन्होंने बाईपास पहुंचकर तमसा नदी पर बने पुल का निर्माण गुणवत्ताविहीन पाया। ग्रामीणों ने उन्हें बताया कि घटिया निर्माण के चलते ही यह पुल कई जगह दरककर टूट गया। डीएम ने निरीक्षण में पाया कि नए निर्मित मार्ग पर जगह जगह बड़ी संख्या में गड्ढे भी हो गए हैं। कार्यदायी संस्था के अधिकारियों से नाराजगी जताते हुए डीएम ने एसडीएम सदर अभिषेक पाठक के नेतृत्व में पीडब्लूडी अधिशाषी अभियंता व राजकीय निर्माण निगम के प्रोजेक्ट डायरेक्टर की तीन सदस्यीय टीम गठित कर दी। इसके साथ ही मार्ग निर्माण की तकनीकी जांच आईआईटी रुड़की की तीन सदस्यीय कमेटी से कराने के लिए शासन को पत्र भी भेज दिया।
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ब्रिज टेस्ट टीम ने किया था फेल
कार्यदायी संस्था द्वारा मानकों का पालन कराने के लिए ब्रिज टेस्ट टीम गठित है। यह टीम बीते दिनों यहां आई थी। निर्माण में मानक की कमी बताई थी। टीम ने पाया था कि कंकरीट का प्रयोग कम किया गया है। इसके चलते ही हम लोगों ने स्वयं ही पुल को फिर से निर्मित करने का निर्णय लिया। इसी क्रम में पुल को तोड़े जाने से यह संदेश चला गया कि पुल दरक गया है। वास्तविकता यह है कि बेहतर निर्माण के लिए ही इसे तोड़ा जा रहा है।

-केके झा, प्रोजेक्ट मैनेजर गोकुल कृष्ण कांस्ट्रक्शन

गड़बड़ियों पर होगी कार्रवाई
मैंने शिकायतों के क्रम में मौके की जांच किया है। इसमें गड़बड़ी देखने को मिली है। इसीलिए बाकायदा जांच कमेटी का गठन कर दिया गया है। रिपोर्ट एक सप्ताह में तलब की गई है। रिपोर्ट आते ही उसके अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। -सुरेश कुमार, डीएम
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