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शिक्षक पात्रता परीक्षा से जगह जगह लगा जाम, घंटों परेशान हुए लोग
Updated Sun, 18 Nov 2018 11:33 PM IST
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अंबेडकरनगर। शिक्षक पात्रता परीक्षा ने रविवार के अवकाश में भी जगह जगह जाम का संकट उत्पन्न कर दिया। अकबरपुर नगर में तो सुबह साढ़े आठ बजते बजते ही कई क्षेत्रों में भीषण जाम लग गया। नतीजा यह हुआ कि कई युवक-युवतियों ने वाहनों से उतरकर पैदल ही केेंद्रों की तरफ रुख कर लिया।
टांडा से लेकर जलालपुर, बसखारी आदि क्षेत्रों में भी ऐसा ही हाल रहा। सड़क के किनारे स्थित केंद्रों के चलते जगह जगह मार्ग पर आवागमन हद दर्जे तक प्रभावित हुआ। दरअसल परीक्षा के बावजूद यातायात को लेकर कोई कार्य योजना पहले से तैयार नहीं की गई थी। इसका ही खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ा।
रविवार सुबह वैसे तो सुबह 10 बजे से शिक्षक पात्रता परीक्षा जिले के 35 केंद्रों पर शुरू होना था, लेकिन परीक्षार्थियों का सुबह साढ़े आठ बजे से ही संबंधित केंद्रों तक पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। नतीजा यह रहा कि एकसाथ बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों व उनके अभिभावकों के केंद्रों पर पहुंचने के चलते संबंधित केंद्र के क्षेत्र में जाम की समस्या उत्पन्न हो गई।
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रविवार के अवकाश के बावजूद जिला मुख्यालय पर लोगों को भीषण जाम की समस्या से जूझना पड़ा। अकबरपुर फैजाबाद मार्ग, नई सड़क, बस स्टेशन क्षेत्र, पुराने तहसील तिराहा पर लोगों को जाम की मुश्किलें उठानी पड़ीं। भीषण जाम के चलते सैकड़ों परीक्षार्थियों ने वाहनों को छोड़ दिया और पैदल ही संबंधित केंद्रों का रुख कर दिया।
दरअसल परीक्षा में बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों के मुख्यालय पर पहुंचने की संभावना के बावजूद सुचारु यातायात को लेकर किसी भी प्रकार की कार्य योजना नहीं तैयार की गई। इसी का खामियाजा रविवार को लोगों को भुगतना पड़ा। सुबह साढ़े आठ से शुरू हुआ जाम शाम साढ़े छह बजे तक चलता रहा।
जिला मुख्यालय के अलावा टांडा, जलालपुर, बसखारी आदि क्षेत्रों में भी परीक्षा के चलते जाम की समस्या उत्पन्न होती रही। टांडा प्रतिनिधि के अनुसार जुबेर चौराहा, कोतवाली क्षेत्र, नेहरूनगर, चिंतौरा चौराहा, महिला अस्पताल क्षेत्र लगभग पूरे दिन जाम रहा। चार व दो पहिया वाहन चालकों की बात दूर, लोगों का पैदल चलना दूभर हो गया था।
जलालपुर प्रतिनिधि के अनुसार जलालपुर बसखारी मार्ग, जमालपुर चौराहा क्षेत्र में कई केंद्रों के सड़क के किनारे होने से भीषण जाम लग गया। दरअसल युवतियों के साथ उनके अभिभावक भी आए हुए थे। इससे जाम की समस्या और भी बढ़ गई।
पहली पाली में साढ़े 12 बजे परीक्षा समाप्त होने के बाद जब तक यातायात सुचारु होता, तब तक द्वितीय पाली में होने वाली परीक्षा में शामिल होने के लिए परीक्षार्थियों का केंद्रों पर पहुंचना शुरू हो गया। ऐसे में सुबह नौ बजे से शुरू हुआ जाम दूसरी पॉली की परीक्षा संपन्न होने के एक घंटे बाद साढ़े छह बजे तक चलता रहा। इसके बाद ही लोगों को जाम की मुश्किल से राहत मिल सकी।
वाहनों की तादाद बढ़ने से कुछ जगह हुई दिक्कत
यातायात व्यवस्था के इंतजाम थे, लेकिन महिला परीक्षार्थियों की संख्या ज्यादा होने के चलते वाहनों की तादाद बढ़ गई थी। जाम कुछ जगहों पर लगा जरूर, लेकिन ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के अलावा थानों के पुलिसकर्मियों ने भी जरूरी प्रयास कर उसे समाप्त कराया।
-अशोक कुमार राय, एएसपी
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टांडा से लेकर जलालपुर, बसखारी आदि क्षेत्रों में भी ऐसा ही हाल रहा। सड़क के किनारे स्थित केंद्रों के चलते जगह जगह मार्ग पर आवागमन हद दर्जे तक प्रभावित हुआ। दरअसल परीक्षा के बावजूद यातायात को लेकर कोई कार्य योजना पहले से तैयार नहीं की गई थी। इसका ही खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ा।
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रविवार सुबह वैसे तो सुबह 10 बजे से शिक्षक पात्रता परीक्षा जिले के 35 केंद्रों पर शुरू होना था, लेकिन परीक्षार्थियों का सुबह साढ़े आठ बजे से ही संबंधित केंद्रों तक पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। नतीजा यह रहा कि एकसाथ बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों व उनके अभिभावकों के केंद्रों पर पहुंचने के चलते संबंधित केंद्र के क्षेत्र में जाम की समस्या उत्पन्न हो गई।
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रविवार के अवकाश के बावजूद जिला मुख्यालय पर लोगों को भीषण जाम की समस्या से जूझना पड़ा। अकबरपुर फैजाबाद मार्ग, नई सड़क, बस स्टेशन क्षेत्र, पुराने तहसील तिराहा पर लोगों को जाम की मुश्किलें उठानी पड़ीं। भीषण जाम के चलते सैकड़ों परीक्षार्थियों ने वाहनों को छोड़ दिया और पैदल ही संबंधित केंद्रों का रुख कर दिया।
दरअसल परीक्षा में बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों के मुख्यालय पर पहुंचने की संभावना के बावजूद सुचारु यातायात को लेकर किसी भी प्रकार की कार्य योजना नहीं तैयार की गई। इसी का खामियाजा रविवार को लोगों को भुगतना पड़ा। सुबह साढ़े आठ से शुरू हुआ जाम शाम साढ़े छह बजे तक चलता रहा।
जिला मुख्यालय के अलावा टांडा, जलालपुर, बसखारी आदि क्षेत्रों में भी परीक्षा के चलते जाम की समस्या उत्पन्न होती रही। टांडा प्रतिनिधि के अनुसार जुबेर चौराहा, कोतवाली क्षेत्र, नेहरूनगर, चिंतौरा चौराहा, महिला अस्पताल क्षेत्र लगभग पूरे दिन जाम रहा। चार व दो पहिया वाहन चालकों की बात दूर, लोगों का पैदल चलना दूभर हो गया था।
जलालपुर प्रतिनिधि के अनुसार जलालपुर बसखारी मार्ग, जमालपुर चौराहा क्षेत्र में कई केंद्रों के सड़क के किनारे होने से भीषण जाम लग गया। दरअसल युवतियों के साथ उनके अभिभावक भी आए हुए थे। इससे जाम की समस्या और भी बढ़ गई।
पहली पाली में साढ़े 12 बजे परीक्षा समाप्त होने के बाद जब तक यातायात सुचारु होता, तब तक द्वितीय पाली में होने वाली परीक्षा में शामिल होने के लिए परीक्षार्थियों का केंद्रों पर पहुंचना शुरू हो गया। ऐसे में सुबह नौ बजे से शुरू हुआ जाम दूसरी पॉली की परीक्षा संपन्न होने के एक घंटे बाद साढ़े छह बजे तक चलता रहा। इसके बाद ही लोगों को जाम की मुश्किल से राहत मिल सकी।
वाहनों की तादाद बढ़ने से कुछ जगह हुई दिक्कत
यातायात व्यवस्था के इंतजाम थे, लेकिन महिला परीक्षार्थियों की संख्या ज्यादा होने के चलते वाहनों की तादाद बढ़ गई थी। जाम कुछ जगहों पर लगा जरूर, लेकिन ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के अलावा थानों के पुलिसकर्मियों ने भी जरूरी प्रयास कर उसे समाप्त कराया।
-अशोक कुमार राय, एएसपी