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फीकी हो सकती है 4319 आंगनबाड़ी कर्मियों की दीपावली
Updated Fri, 02 Nov 2018 01:33 AM IST
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अंबेडकरनगर। जिले के 2548 आंगनबाड़ी केंद्रों पर कार्यरत 4319 कार्यकत्रियों व सहायिकाओं की दीपावली फीकी होने वाली है। कारण यह कि अभी तक उन्हें मानदेय नहीं मिल सका है। इसी प्रकार 2 हजार 49 विद्यालयों में एमडीएम योजना के तहत भोजन बनाने वाले 5 हजार 35 रसोइया मजदूरों को भी दीपपर्व की खुशियां मनाने में आर्थिक समस्या का सामना करना पड़ेगा। इन्हें दीपपर्व से पहले अक्तूबर का मानदेय मिल पाने की उम्मीद नहीं है। विभाग के अनुसार यदि अब शासन से धनराशि उपलब्ध होती भी है, तो भी कर्मचारियों व रसोइया मजदूरों के खाते में समय रहते धनराशि नहीं भेजी जा सकेगी।
बताते चलें कि जिले के 2548 आंगनबाड़ी केंद्रों पर 2 हजार 284 आंगनबाड़ी कार्यकत्री व 2 हजार 35 सहायिकाएं कार्यरत हैं। इसी प्रकार 2 हजार 49 विद्यालयों में एमडीएम योजना के तहत दोपहर का भोजन बनाने के लिए 5 हजार 35 रसोइया मजदूरों की तैनाती है। इस प्रकार दोनों विभागों को मिलाकर कुल 9 हजार 354 कर्मचारियों के घरों में दीपपर्व की खुशियों में आर्थिक बाधा उत्पन्न हो सकती है। आंगनबाड़ी केंद्र के एक कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि यदि शासन से एक दो दिन में धनराशि प्राप्त भी हो जाए, तो भी कर्मचारियों के खाते में दीपपर्व से पहले धनराशि नहीं भेजी जा सकेगी। कारण यह कि दीपावली के मद्देनजर दो दिन बैंक भी बंद रहेंगे। रसोइया मजदूर रमराजी व मंशाराम ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि पर्व से पहले भुगतान की मांग की गई थी, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा इसे लेकर गंभीरता नहीं दिखाई गई। अब इसका खामियाजा रसोइया मजदूरों को भुगतना पड़ेगा। कहा कि अब पर्व के बाद ही भुगतान होने की संभावना है। राजदेई व शकुंतला ने कहा कि भुगतान न होने से पर्व की खुशियों में आर्थिक बाधा तो उत्पन्न होना तय है। हालांकि बच्चों की खुशी के लिए उन्हें कुछ न कुछ व्यवस्था तो करनी ही होगी।
जारी हैं प्रयास
एमडीएम प्रभारी सत्यप्रकाश मौर्य ने बताया कि अभी तक मानदेय की धनराशि शासन से नहीं उपलब्ध हुई है। धनराशि उपलब्ध होते ही रसोइया मजदूरों के खाते में धनराशि भेज दी जाएगी। अपर जिलाधिकारी गिरिजेश त्यागी ने कहा कि सभी कर्मचारियों को समसय भुगतान कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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बताते चलें कि जिले के 2548 आंगनबाड़ी केंद्रों पर 2 हजार 284 आंगनबाड़ी कार्यकत्री व 2 हजार 35 सहायिकाएं कार्यरत हैं। इसी प्रकार 2 हजार 49 विद्यालयों में एमडीएम योजना के तहत दोपहर का भोजन बनाने के लिए 5 हजार 35 रसोइया मजदूरों की तैनाती है। इस प्रकार दोनों विभागों को मिलाकर कुल 9 हजार 354 कर्मचारियों के घरों में दीपपर्व की खुशियों में आर्थिक बाधा उत्पन्न हो सकती है। आंगनबाड़ी केंद्र के एक कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि यदि शासन से एक दो दिन में धनराशि प्राप्त भी हो जाए, तो भी कर्मचारियों के खाते में दीपपर्व से पहले धनराशि नहीं भेजी जा सकेगी। कारण यह कि दीपावली के मद्देनजर दो दिन बैंक भी बंद रहेंगे। रसोइया मजदूर रमराजी व मंशाराम ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि पर्व से पहले भुगतान की मांग की गई थी, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा इसे लेकर गंभीरता नहीं दिखाई गई। अब इसका खामियाजा रसोइया मजदूरों को भुगतना पड़ेगा। कहा कि अब पर्व के बाद ही भुगतान होने की संभावना है। राजदेई व शकुंतला ने कहा कि भुगतान न होने से पर्व की खुशियों में आर्थिक बाधा तो उत्पन्न होना तय है। हालांकि बच्चों की खुशी के लिए उन्हें कुछ न कुछ व्यवस्था तो करनी ही होगी।
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जारी हैं प्रयास
एमडीएम प्रभारी सत्यप्रकाश मौर्य ने बताया कि अभी तक मानदेय की धनराशि शासन से नहीं उपलब्ध हुई है। धनराशि उपलब्ध होते ही रसोइया मजदूरों के खाते में धनराशि भेज दी जाएगी। अपर जिलाधिकारी गिरिजेश त्यागी ने कहा कि सभी कर्मचारियों को समसय भुगतान कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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