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261 राजस्व गावों को 10 अक्तूबर तक किया जाए ओडीएफ
Updated Tue, 02 Oct 2018 10:17 PM IST
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अंबेडकरनगर। ओडीएफ के लिए शेष रह गए 261 गांवों को 10 अक्तूबर तक ओडीएफ किए जाने का निर्देश दिया गया है। शासन से मिले पत्र के आधार पर डीपीआरओ ने संबंधित गांवों के ग्राम प्रधानों को निर्देशित किया है कि निर्धारित समयावधि में शौचालयों का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया जाए।
यदि इसमें लापरवाही बरती गई तो संबंधित ग्राम प्रधान के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उधर, ओडीएफ घोषित हो चुके गांवों की हकीकत परखने के लिए मंगलवार को सीडीओ उमेशनरायन पांडेय ने जलालपुर विकास खंड के विभिन्न गांवों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने ग्रामीणों से आह्वान किया कि न सिर्फ वे शौचालय का प्रयोग करें, बल्कि दूसरों को भी इसके लिए जागरूक करें।
पूर्व में प्रदेश को दो अक्तूबर तक ओडीएफ किए जाने का निर्देश शासन स्तर पर दिया गया था। लक्ष्य के सापेक्ष शौचालयों का निर्माण कार्य पूर्ण न होने पर ओडीएफ की तिथि बढ़ा दी गई थी। इसके लिए जनपदों की अलग-अलग तिथि निर्धारित की गई। अंबेडकरनगर जनपद को 10 अक्तूबर तक पूरी तरह ओडीएफ घोषित किए जाने का निर्देश दिया गया।
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बताते चलें कि जिले के 1651 राजस्व गांवों के सापेक्ष 1396 गांवों को ओडीएफ घोषित किया जा चुका है। 261 गांव अभी भी ओडीएफ किया जाने शेष हैं। इन गांवों में 11 हजार 581 शौचालयों का निर्माण होना है।
शासन से इस संबंध में मिले पत्र के अनुसार डीपीआरओ रामअशीष चौधरी ने संबंधित गांवों के ग्राम प्रधानों को निर्देशित किया है कि निर्धारित समय में सभी शौचालयों का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया जाए। इसमें यदि किसी प्रकार की लापरवाही बरती गई, तो संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई भी की जाएगी।
उधर, ओडीएफ हो चुके राजस्व गांवों की हकीकत परखने के लिए मंगलवार को सीडीओ उमेशनरायन पांडेय ने जलालपुर ब्लॉक के विभिन्न गांवों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने ग्रामीणों को खुले में शौच करने से होने वाली विभिन्न प्रकार की बीमारियों के बारे में भी जानकारी दी। संबंधित ग्राम प्रधानों को निर्देशित किया कि स्वच्छता मिशन योजना के तहत लोगों को लगातार खुले में शौच न करने के लिए जागरूक करें।
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यदि इसमें लापरवाही बरती गई तो संबंधित ग्राम प्रधान के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उधर, ओडीएफ घोषित हो चुके गांवों की हकीकत परखने के लिए मंगलवार को सीडीओ उमेशनरायन पांडेय ने जलालपुर विकास खंड के विभिन्न गांवों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने ग्रामीणों से आह्वान किया कि न सिर्फ वे शौचालय का प्रयोग करें, बल्कि दूसरों को भी इसके लिए जागरूक करें।
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पूर्व में प्रदेश को दो अक्तूबर तक ओडीएफ किए जाने का निर्देश शासन स्तर पर दिया गया था। लक्ष्य के सापेक्ष शौचालयों का निर्माण कार्य पूर्ण न होने पर ओडीएफ की तिथि बढ़ा दी गई थी। इसके लिए जनपदों की अलग-अलग तिथि निर्धारित की गई। अंबेडकरनगर जनपद को 10 अक्तूबर तक पूरी तरह ओडीएफ घोषित किए जाने का निर्देश दिया गया।
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बताते चलें कि जिले के 1651 राजस्व गांवों के सापेक्ष 1396 गांवों को ओडीएफ घोषित किया जा चुका है। 261 गांव अभी भी ओडीएफ किया जाने शेष हैं। इन गांवों में 11 हजार 581 शौचालयों का निर्माण होना है।
शासन से इस संबंध में मिले पत्र के अनुसार डीपीआरओ रामअशीष चौधरी ने संबंधित गांवों के ग्राम प्रधानों को निर्देशित किया है कि निर्धारित समय में सभी शौचालयों का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया जाए। इसमें यदि किसी प्रकार की लापरवाही बरती गई, तो संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई भी की जाएगी।
उधर, ओडीएफ हो चुके राजस्व गांवों की हकीकत परखने के लिए मंगलवार को सीडीओ उमेशनरायन पांडेय ने जलालपुर ब्लॉक के विभिन्न गांवों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने ग्रामीणों को खुले में शौच करने से होने वाली विभिन्न प्रकार की बीमारियों के बारे में भी जानकारी दी। संबंधित ग्राम प्रधानों को निर्देशित किया कि स्वच्छता मिशन योजना के तहत लोगों को लगातार खुले में शौच न करने के लिए जागरूक करें।