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बसपा नेताओं के पक्ष में फाइनल रिपोर्ट लगते ही यूटर्न
Updated Tue, 02 Oct 2018 10:32 PM IST
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टांडा (अंबेडकरनगर)। भाजपा नेता द्वारा बसपा नेताओं के विरुद्ध दर्ज कराए गए केस में पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट लगा दी। इससे आगामी दिनों में राजनीतिक खींचतान बढ़ने के आसार को देखते हुए पुलिस ने जल्द ही यूटर्न ले लिया। मामले में फिर से विवेचना शुरू हो गई।
गौरतलब है कि टांडा ब्लॉक प्रमुख डॉ. खुशनुमा चौधरी के विरुद्ध बीते दिनों अविश्वास प्रस्ताव लाने के दौरान टांडा में भाजपा व बसपा नेता आमने सामने हो गए थे। अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा से एक दिन पहले भाजपा अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष अभिषेक कन्नौजिया ने इब्राहिमपुर थाने में दर्ज कराए केस में कहा था कि वे अपने साथी विकास के साथ अपनी ससुराल जा रहे थे कि बरुआजला की मोड़ पर पूर्व ब्लॉक प्रमुख लवकुश वर्मा, जिला पंचायत सदस्य साधू वर्मा एवं बसपा नेता बिल्लू वर्मा समेत दस से अधिक लोगों ने गालीगलौज करते हुए मारापीटा व जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर लिया था।
पूर्व मंत्री लालजी वर्मा ने इसे चुनौती के रूप में लिया और सत्तारूढ़ दल पर मनमानी का आरोप लगाते हुए आरपार के संघर्ष का ऐलान कर दिया था। पूर्व मंत्री ने कई मंत्रियों से भी इस मामले में पुलिस प्रशासन के रवैये को लेकर नाराजगी जताई थी। इस बीच मामले में अब पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट लगा दिया। मंगलवार को यह तथ्य उजागर हुआ, तो भाजपा खेमे में खलबली मच गई।
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आनन-फानन में भाजपा नेताओं व कार्यकर्ताओं ने इसे लेकर पुलिस अधिकारियों से अपनी आपूर्त्ति जताई। इसके बाद आनन-फानन में पुलिस प्रशासन ने मामले में फिर से विवेचना शुरू करने का निर्णय ले लिया। सीओ टांडा केके मिश्र ने बताया कि फाइनल रिपोर्ट लगी थी, लेकिन कुछ नए तथ्यों की जानकारी देने का दावा वादी द्वारा किया गया है। ऐसे में फिर से विवेचना शुरू की जा रही है।
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गौरतलब है कि टांडा ब्लॉक प्रमुख डॉ. खुशनुमा चौधरी के विरुद्ध बीते दिनों अविश्वास प्रस्ताव लाने के दौरान टांडा में भाजपा व बसपा नेता आमने सामने हो गए थे। अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा से एक दिन पहले भाजपा अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष अभिषेक कन्नौजिया ने इब्राहिमपुर थाने में दर्ज कराए केस में कहा था कि वे अपने साथी विकास के साथ अपनी ससुराल जा रहे थे कि बरुआजला की मोड़ पर पूर्व ब्लॉक प्रमुख लवकुश वर्मा, जिला पंचायत सदस्य साधू वर्मा एवं बसपा नेता बिल्लू वर्मा समेत दस से अधिक लोगों ने गालीगलौज करते हुए मारापीटा व जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर लिया था।
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पूर्व मंत्री लालजी वर्मा ने इसे चुनौती के रूप में लिया और सत्तारूढ़ दल पर मनमानी का आरोप लगाते हुए आरपार के संघर्ष का ऐलान कर दिया था। पूर्व मंत्री ने कई मंत्रियों से भी इस मामले में पुलिस प्रशासन के रवैये को लेकर नाराजगी जताई थी। इस बीच मामले में अब पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट लगा दिया। मंगलवार को यह तथ्य उजागर हुआ, तो भाजपा खेमे में खलबली मच गई।
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आनन-फानन में भाजपा नेताओं व कार्यकर्ताओं ने इसे लेकर पुलिस अधिकारियों से अपनी आपूर्त्ति जताई। इसके बाद आनन-फानन में पुलिस प्रशासन ने मामले में फिर से विवेचना शुरू करने का निर्णय ले लिया। सीओ टांडा केके मिश्र ने बताया कि फाइनल रिपोर्ट लगी थी, लेकिन कुछ नए तथ्यों की जानकारी देने का दावा वादी द्वारा किया गया है। ऐसे में फिर से विवेचना शुरू की जा रही है।