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आश्रम पद्धति विद्यालय में फिर बीमार पड़ीं 8 छात्राएं
Updated Tue, 06 Feb 2018 10:33 PM IST
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राजेसुल्तानपुर (अंबेडकरनगर)। राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय तेंदुआईकला में 30 छात्राओं के बीमार हुए अभी 48 घंटे भी नहीं बीते कि सोमवार रात फूड पॉयजनिंग से आठ और छात्राएं बीमार हो गईं। पेट, सिरदर्द व उल्टी होने के चलते उन्हें तत्काल जहांगीरगंज सीएचसी में भर्ती कराया गया। इसमें से दो छात्राओं को सीएचसी से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। लगातार दो दिन से फूड पॉयजनिंग से बीमार हो रहीं छात्राओं को लेकर विद्यालय प्रशासन में हड़कंप है। डॉक्टरों की मानें तो फूड पॉयजनिंग से भर्ती हुई 30 छात्राओं में अभी भी चार छात्राएं जिला अस्पताल में भर्ती हैं। जबकि, अन्य छात्राओं को इलाज के बाद वापस भेज दिया गया है। छात्राओं के बीमार होने के मामले में विद्यालय लीपापोती में जुट गया है। विद्यालय प्रशासन का दावा है कि कोल्ड डायरिया व मौसमी बीमारी के चलते ही छात्राओं की तबीयत खराब हुई। वहीं, डॉक्टर छात्राओं के बीमार होने के पीछे फूड पॉयजनिंग बता रहे हैं। पूरे मामले में फिलहाल अभी तक जांच अधिकारी किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सके हैं।
तेंदुआईकला स्थित समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय में एक दिन पहले 30 छात्राएं भोजन करने के बाद बीमार पड़ गई थीं। बड़ी संख्या में छात्राओं के बीमार पड़ने से प्रशासन में हड़कंप मच गया था। डीएम अखिलेश सिंह ने जहांगीरगंज सीएचसी पहुंचकर हालात का जायजा लिया था। पहले से 30 बीमार छात्राओं में चार छात्राओं का अभी भी जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। छात्राएं अभी दहशत से उबर भी नहीं पाईं थी कि सोमवार रात 8 और छात्राओं की तबियत बिगड़ गई। इसमें छात्रा गुंजन, संध्या, कोमल, शिवानी, वंदना, कुसुम, अनीता व रोली आदि शामिल हैं। इन छात्राओं को रात में ही जहांगीरगंज सीएचसी लाया गया। इनमें से दो छात्रा कुसुम व अनीता को प्रारंभिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर करना पड़ा, जबकि 6 अन्य छात्राओं का रात भर सीएचसी में उपचार के बाद उन्हें मंगलवार सुबह वापस विद्यालय भेजा गया। उधर, जिला अस्पताल में इलाज के बाद मंगलवार दोेपहर अनीता को भी छुट्टी दे दी गई, जबकि कुसुम का इलाज चल रहा है। अब उसकी हालत सामान्य बतायी जाती है।
प्रशासन मौसमी बीमारी तो डॉक्टर बता रहे फूड पॉयजनिंग
पूरे मामले को लेकर चिकित्सकों व प्रशासन के बीच परस्पर विरोधाभासी बयान सामने आए हैं। डीएम अखिलेश सिंह का दावा है कि बच्चों की बीमारी मौसमी है, जबकि बच्चों का इलाज करने वाले चिकित्सक सीएचसी प्रभारी डॉ उदय चंद्र यादव ने बीमारी का कारण फूड पॉयजनिंग बताया। बच्चों में आमतौर पर पेट में दर्द होने व उल्टी होने की शिकायत दर्ज करायी। इससे फूड पॉयजनिंग के लक्षण प्रतीत हो रहे हैं। विद्यालय संचालित करने वाले समाज कल्याण विभाग के अधिकारी जिला समाज कल्याण अधिकारी अभय कुमार सिंह ने बताया कि बच्चे कोल्ड डायरिया का शिकार हुए हैं।
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लिए गए छात्राओं के ब्लड नमूने
छात्राओं के बीमार पड़ने को देखते हुए सीएमओ डॉ कृष्ण गोपाल सिंह के निर्देश पर जहांगीरगंज सीएचसी की टीम ने मंगलवार को विद्यालय पहुंचकर सभी छात्राओं के खून के नमूने एकत्र किए। सीएचसी प्रभारी डॉ यादव ने बताया कि चिकित्सकों की टीम ने सोमवार को भी विद्यालय का जायजा लिया था। इस बीच मंगलवार को छात्राओं के खून के नमूने लिए गए। इन्हें जांच के लिए भेजा जा रहा है। सामने आने वाली रिपोर्ट के अनुरूप आगे का निर्णय लिया जाएगा।
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तेंदुआईकला स्थित समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय में एक दिन पहले 30 छात्राएं भोजन करने के बाद बीमार पड़ गई थीं। बड़ी संख्या में छात्राओं के बीमार पड़ने से प्रशासन में हड़कंप मच गया था। डीएम अखिलेश सिंह ने जहांगीरगंज सीएचसी पहुंचकर हालात का जायजा लिया था। पहले से 30 बीमार छात्राओं में चार छात्राओं का अभी भी जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। छात्राएं अभी दहशत से उबर भी नहीं पाईं थी कि सोमवार रात 8 और छात्राओं की तबियत बिगड़ गई। इसमें छात्रा गुंजन, संध्या, कोमल, शिवानी, वंदना, कुसुम, अनीता व रोली आदि शामिल हैं। इन छात्राओं को रात में ही जहांगीरगंज सीएचसी लाया गया। इनमें से दो छात्रा कुसुम व अनीता को प्रारंभिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर करना पड़ा, जबकि 6 अन्य छात्राओं का रात भर सीएचसी में उपचार के बाद उन्हें मंगलवार सुबह वापस विद्यालय भेजा गया। उधर, जिला अस्पताल में इलाज के बाद मंगलवार दोेपहर अनीता को भी छुट्टी दे दी गई, जबकि कुसुम का इलाज चल रहा है। अब उसकी हालत सामान्य बतायी जाती है।
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प्रशासन मौसमी बीमारी तो डॉक्टर बता रहे फूड पॉयजनिंग
पूरे मामले को लेकर चिकित्सकों व प्रशासन के बीच परस्पर विरोधाभासी बयान सामने आए हैं। डीएम अखिलेश सिंह का दावा है कि बच्चों की बीमारी मौसमी है, जबकि बच्चों का इलाज करने वाले चिकित्सक सीएचसी प्रभारी डॉ उदय चंद्र यादव ने बीमारी का कारण फूड पॉयजनिंग बताया। बच्चों में आमतौर पर पेट में दर्द होने व उल्टी होने की शिकायत दर्ज करायी। इससे फूड पॉयजनिंग के लक्षण प्रतीत हो रहे हैं। विद्यालय संचालित करने वाले समाज कल्याण विभाग के अधिकारी जिला समाज कल्याण अधिकारी अभय कुमार सिंह ने बताया कि बच्चे कोल्ड डायरिया का शिकार हुए हैं।
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लिए गए छात्राओं के ब्लड नमूने
छात्राओं के बीमार पड़ने को देखते हुए सीएमओ डॉ कृष्ण गोपाल सिंह के निर्देश पर जहांगीरगंज सीएचसी की टीम ने मंगलवार को विद्यालय पहुंचकर सभी छात्राओं के खून के नमूने एकत्र किए। सीएचसी प्रभारी डॉ यादव ने बताया कि चिकित्सकों की टीम ने सोमवार को भी विद्यालय का जायजा लिया था। इस बीच मंगलवार को छात्राओं के खून के नमूने लिए गए। इन्हें जांच के लिए भेजा जा रहा है। सामने आने वाली रिपोर्ट के अनुरूप आगे का निर्णय लिया जाएगा।