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अशरफी तराने व विशेष अदालत के बीच संपन्न हुआ सालाना उर्स
Updated Sun, 22 Oct 2017 12:31 AM IST
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जायरीन ने आस्तान-ए-आलिया पर चादर चढ़ाकर की विशेष दुआ
बसखारी। अशरफी तराने के बीच शनिवार को विश्व प्रसिद्ध दरगाह किछौछ में चल रहा महान सूफी संत हजरत मखदूम अशरफ जहांगीर सिमनानी का 631वां उर्स संपन्न हुआ। अंतिम दिन आस्तान-ए-आलिया पर बड़ी संख्या में जुटे जायरीन ने माथा टेका और चादर चढ़ाकर विशेष दुआ की।
इससे पहले सज्जादानशीं की सदारत में आयोजित अदालत में देश के कोने-कोने से आए फोखराओं ने अपनी-अपनी समस्याएं रखीं जिनमें से ज्यादातर का निस्तारण मौके पर किया गया। बाद में सज्जादानशीं व इंतेजामिया कमेटी सदस्यों की मौजूदगी में पवित्र वस्त्र खिरका बॉक्स में सील कर सज्जादानशीं के घर रखवा दिया गया।
गौरतलब है कि महान सूफी संत हजरत मखदूम अशरफ जहांगीर सिमनानी की रसूलपुर किछौछा स्थित दरगाह में गत दिनों 631वां सालाना उर्स अशरफी तराने के बीच शुरू हुआ था। अलग-अलग दिनों के सज्जादानशीं ने आस्तान-ए-आलिया पर पहुंचकर विशेष दुआ की थी।
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इस बीच शनिवार को सज्जादानशीं सै. मोहिउद्दीन अशरफ की मौजूदगी में अशरफी तराने के बीच उर्स का समापन हुआ। अंतिम दिन दूरदराज से बड़ी संख्या में आए जायरीन ने आस्तान-ए-आलिया पर पहुंचकर माथा टेका और चादर चढ़ाकर विशेष दुआ की।
इससे पहले आस्तान-ए-आलिया के सामने सज्जादानशीं सै. मोहिउद्दीन अशरफ व सज्जादानशीं सै. फखरुद्दीन अशरफ की मौजूदगी में अदालत का आयोजन हुआ। इसमें देश के कोने-कोने से आए फोखराओं ने अपनी समस्याएं रखीं। इनमें से ज्यादातर समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया गया।
बाद में पवित्र वस्त्र खिरका सज्जादानशीन मोहिउद्दीनपुर अशरफ के आवास पर कड़ी सुरक्षा के बीच ले जाया गया। यहां पुलिस की मौजूदगी में खिरका रखकर बॉक्स सील कर दिया गया। इसके बाद उसकी चाभी बसखारी एसओ लेकर चले गए।
इंतेजामिया कमेटी अध्यक्ष सै. मेराजुद्दीन किछौछवी ने उर्स को सफलता एवं शांतिपूर्वक निपटाने में पुलिस प्रशासन का आभार जताया। कहा कि दरगाह परिसर में अभी भी जो जायरीन मौजूद हैं, उन्हें सभी प्रकार की आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
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बसखारी। अशरफी तराने के बीच शनिवार को विश्व प्रसिद्ध दरगाह किछौछ में चल रहा महान सूफी संत हजरत मखदूम अशरफ जहांगीर सिमनानी का 631वां उर्स संपन्न हुआ। अंतिम दिन आस्तान-ए-आलिया पर बड़ी संख्या में जुटे जायरीन ने माथा टेका और चादर चढ़ाकर विशेष दुआ की।
इससे पहले सज्जादानशीं की सदारत में आयोजित अदालत में देश के कोने-कोने से आए फोखराओं ने अपनी-अपनी समस्याएं रखीं जिनमें से ज्यादातर का निस्तारण मौके पर किया गया। बाद में सज्जादानशीं व इंतेजामिया कमेटी सदस्यों की मौजूदगी में पवित्र वस्त्र खिरका बॉक्स में सील कर सज्जादानशीं के घर रखवा दिया गया।
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गौरतलब है कि महान सूफी संत हजरत मखदूम अशरफ जहांगीर सिमनानी की रसूलपुर किछौछा स्थित दरगाह में गत दिनों 631वां सालाना उर्स अशरफी तराने के बीच शुरू हुआ था। अलग-अलग दिनों के सज्जादानशीं ने आस्तान-ए-आलिया पर पहुंचकर विशेष दुआ की थी।
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इस बीच शनिवार को सज्जादानशीं सै. मोहिउद्दीन अशरफ की मौजूदगी में अशरफी तराने के बीच उर्स का समापन हुआ। अंतिम दिन दूरदराज से बड़ी संख्या में आए जायरीन ने आस्तान-ए-आलिया पर पहुंचकर माथा टेका और चादर चढ़ाकर विशेष दुआ की।
इससे पहले आस्तान-ए-आलिया के सामने सज्जादानशीं सै. मोहिउद्दीन अशरफ व सज्जादानशीं सै. फखरुद्दीन अशरफ की मौजूदगी में अदालत का आयोजन हुआ। इसमें देश के कोने-कोने से आए फोखराओं ने अपनी समस्याएं रखीं। इनमें से ज्यादातर समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया गया।
बाद में पवित्र वस्त्र खिरका सज्जादानशीन मोहिउद्दीनपुर अशरफ के आवास पर कड़ी सुरक्षा के बीच ले जाया गया। यहां पुलिस की मौजूदगी में खिरका रखकर बॉक्स सील कर दिया गया। इसके बाद उसकी चाभी बसखारी एसओ लेकर चले गए।
इंतेजामिया कमेटी अध्यक्ष सै. मेराजुद्दीन किछौछवी ने उर्स को सफलता एवं शांतिपूर्वक निपटाने में पुलिस प्रशासन का आभार जताया। कहा कि दरगाह परिसर में अभी भी जो जायरीन मौजूद हैं, उन्हें सभी प्रकार की आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।