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सड्कों को गड्ढामुक्त करने के अभियान को झटका, धनाभाव
Updated Thu, 15 Jun 2017 12:04 AM IST
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30 प्रतिशत सड़कें नहीं हो पाईं गड्ढामुक्त
धनाभाव से अभियान को झटका, जरूरत थी 58 करोड़ रुपये की, मंजूर किए सिर्फ 18 करोड़ रुपये
अभियान समाप्त होने में सिर्फ एक दिन शेष
फोटो -
अश्विनी मिश्र
अंबेडकरनगर। सड़कों को गड्ढामुक्त करने संबंधित शासन का दावा एक तरफ जबकि हकीकत दूसरी तरफ कुछ और ही है। धनाभाव के चलते सड़कों को गड्ढामुक्त करने का अभियान जिले में पंगु हो गया है। दरअसल विशेष मरम्मत, नवीनीकरण व पैचवर्क के लिए कुल 58 करोड़ रुपये की जरूरत थी लेकिन सिर्फ 18 करोड़ रुपये ही शासन से मिल पाए। नतीजतन कुल 1649 किमी सड़क को यहां गड्ढामुक्त होना है लेकिन इनमें से लगभग 1200 किमी सड़क ही गड्ढामुक्त की जा सकी है। अभियान में सिर्फ एक दिन शेष बचने के बावजूद अभी लगभग 30 प्रतिशत सड़क गड्ढामुक्त किया जाना बाकी है। ऐसे में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि निर्धारित अवधि में सड़कें गड्ढामुक्त कैसे हो पाएंगी। विभागीय अधिकारी व कर्मचारी बजट न होने के बाद भी जैसे-तैसे सड़कों को गड्ढामुक्त करने के अभियान में जुटे तो हैं लेकिन ज्यादा सफलता नहीं मिल पा रही है।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री महंत आदित्यनाथ ने बीते दिनों सड़कों को गड्ढामुक्त किए जाने का निर्देश दिया था। निर्धारित अवधि में सभी सड़कें गड्ढामुक्त हो जाएं, इसके लिए बजट आवंटन के साथ साथ समयबद्धता भी तय की गई थी। 15 जून तक सभी सड़कों को गड्ढामुक्त होना था लेकिन ऐसा हो पाना जिले में कठिन नजर आ रहा। कारण यह कि शासन स्तर से जिले को आवश्यक रकम ही मुहैया नहीं कराई जा सकी। शुरू में तो लोक निर्माण विभाग ने तेजी से सड़कों को गड्ढामुक्त करने का काम शुरू किया लेकिन बाद में आवश्यक रकम न मिलने के चलते अभियान प्रभावित होने लगा। जिले में कुल 1649 किमी सड़क चिह्नित की गई, जिसे गड्ढामुक्त किया जाना था। लोकनिर्माण विभाग ने अलग खंडों के आधार पर काम को पूरा करने की तरफ पूरी ताकत लगाई लेकिन धनाभाव आड़े आ ही गया। नतीजतन अभी तक सिर्फ 70 प्रतिशत सड़क गड्ढामुक्त हो पाई है। मुख्यमंत्री द्वारा निर्धारित लक्ष्य के अनुसार समय पूरा होने में सिर्फ एक दिन शेष है। ऐसे में 15 जून तक शेष 30 प्रतिशत सड़क का काम कैसे पूरा हो पाएगा यह एक कठिन सवाल बना हुआ है। सूत्रों का कहना है कि धनाभाव का संकट न होता, तो दिनरात काम कर यह लक्ष्य पूरा भी कर लिया जाता लेकिन पैसे की कमी के बीच लक्ष्य से काफी पीछे ही रह जाना तय नजर आ रहा है। पीडब्लूडी के अधिशाषी अभियंता यतेंद्र कुमार ने बताया कि सड़कों को गड्ढामुक्त कराए जाने का कार्य किया जा रहा है। अगली किस्त की मांग की गई है। 70 प्रतिशत सड़क गड्ढामुक्त कर दी जा चुकी है।
यह होने थे कार्य
जिले में गड्ढामुक्त अभियान के तहत लगभग 101 किमी सड़क की विशेष मरम्मत 111.88 लाख से होनी थी। इसके सापेक्ष शासन से सिर्फ 244.23 लाख रुपये ही मिल सका। 409 किमी सड़क के नवीनीकरण के लिए 3980.47 लाख की जरूरत थी लेकिन 917.07 लाख रुपये ही मिल पाए। 1139.43 किमी सड़क का पैचवर्क किया जाना था। इसके लिए 716 लाख 21 हजार रुपये लागत थी लेकिन 662.04 लाख रुपये ही मिल पाए। कुल 1649 किमी लंबी सड़क को दुरुस्त करने के लिए 5807 लाख रुपये की जरूरत थी लेकिन लगभग 1823 लाख रुपये ही मिल पाए।
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दर्जनों मार्ग पर अभी नहीं हुई मरम्मत
सरकार के गड्ढामुक्त अभियान के निर्देश के बीच कई प्रमुख मार्ग अभी बदहाल पड़े हुए हैं। महरुआ में सेमरी गांव से होकर मंशापुर कुटी तक जाने वाला प्रमुख मार्ग अभी गड्ढों में तब्दील है। यह हाल तब है जबकि मंशापुर कुटी पर वर्ष में दो बार मेला लगता है और यहां सैकड़ों श्रद्धालु भी इस मौके पर एकत्र होते हैं। भीटी तहसील क्षेत्र के कई मार्ग ऐसे हैं, जहां सड़कों पर अभी तक कोई मरम्मत नहीं की गई है। पिच सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने के बाद भी उनकी मरम्मत करने की तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इनमें तेजापुर समंथा मार्ग तथा बस्तीपुर मार्ग मुख्य रूप से शामिल हैं। आलापुर, जहांगीरगंज, मालीपुर, इल्तिफातगंज, केदारनगर समेत कई अन्य क्षेत्रों की सड़कों पर गड्ढामुक्त करने के लिए काम नहीं शुरू किया जा सका है।
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धनाभाव से अभियान को झटका, जरूरत थी 58 करोड़ रुपये की, मंजूर किए सिर्फ 18 करोड़ रुपये
अभियान समाप्त होने में सिर्फ एक दिन शेष
फोटो -
अश्विनी मिश्र
अंबेडकरनगर। सड़कों को गड्ढामुक्त करने संबंधित शासन का दावा एक तरफ जबकि हकीकत दूसरी तरफ कुछ और ही है। धनाभाव के चलते सड़कों को गड्ढामुक्त करने का अभियान जिले में पंगु हो गया है। दरअसल विशेष मरम्मत, नवीनीकरण व पैचवर्क के लिए कुल 58 करोड़ रुपये की जरूरत थी लेकिन सिर्फ 18 करोड़ रुपये ही शासन से मिल पाए। नतीजतन कुल 1649 किमी सड़क को यहां गड्ढामुक्त होना है लेकिन इनमें से लगभग 1200 किमी सड़क ही गड्ढामुक्त की जा सकी है। अभियान में सिर्फ एक दिन शेष बचने के बावजूद अभी लगभग 30 प्रतिशत सड़क गड्ढामुक्त किया जाना बाकी है। ऐसे में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि निर्धारित अवधि में सड़कें गड्ढामुक्त कैसे हो पाएंगी। विभागीय अधिकारी व कर्मचारी बजट न होने के बाद भी जैसे-तैसे सड़कों को गड्ढामुक्त करने के अभियान में जुटे तो हैं लेकिन ज्यादा सफलता नहीं मिल पा रही है।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री महंत आदित्यनाथ ने बीते दिनों सड़कों को गड्ढामुक्त किए जाने का निर्देश दिया था। निर्धारित अवधि में सभी सड़कें गड्ढामुक्त हो जाएं, इसके लिए बजट आवंटन के साथ साथ समयबद्धता भी तय की गई थी। 15 जून तक सभी सड़कों को गड्ढामुक्त होना था लेकिन ऐसा हो पाना जिले में कठिन नजर आ रहा। कारण यह कि शासन स्तर से जिले को आवश्यक रकम ही मुहैया नहीं कराई जा सकी। शुरू में तो लोक निर्माण विभाग ने तेजी से सड़कों को गड्ढामुक्त करने का काम शुरू किया लेकिन बाद में आवश्यक रकम न मिलने के चलते अभियान प्रभावित होने लगा। जिले में कुल 1649 किमी सड़क चिह्नित की गई, जिसे गड्ढामुक्त किया जाना था। लोकनिर्माण विभाग ने अलग खंडों के आधार पर काम को पूरा करने की तरफ पूरी ताकत लगाई लेकिन धनाभाव आड़े आ ही गया। नतीजतन अभी तक सिर्फ 70 प्रतिशत सड़क गड्ढामुक्त हो पाई है। मुख्यमंत्री द्वारा निर्धारित लक्ष्य के अनुसार समय पूरा होने में सिर्फ एक दिन शेष है। ऐसे में 15 जून तक शेष 30 प्रतिशत सड़क का काम कैसे पूरा हो पाएगा यह एक कठिन सवाल बना हुआ है। सूत्रों का कहना है कि धनाभाव का संकट न होता, तो दिनरात काम कर यह लक्ष्य पूरा भी कर लिया जाता लेकिन पैसे की कमी के बीच लक्ष्य से काफी पीछे ही रह जाना तय नजर आ रहा है। पीडब्लूडी के अधिशाषी अभियंता यतेंद्र कुमार ने बताया कि सड़कों को गड्ढामुक्त कराए जाने का कार्य किया जा रहा है। अगली किस्त की मांग की गई है। 70 प्रतिशत सड़क गड्ढामुक्त कर दी जा चुकी है।
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यह होने थे कार्य
जिले में गड्ढामुक्त अभियान के तहत लगभग 101 किमी सड़क की विशेष मरम्मत 111.88 लाख से होनी थी। इसके सापेक्ष शासन से सिर्फ 244.23 लाख रुपये ही मिल सका। 409 किमी सड़क के नवीनीकरण के लिए 3980.47 लाख की जरूरत थी लेकिन 917.07 लाख रुपये ही मिल पाए। 1139.43 किमी सड़क का पैचवर्क किया जाना था। इसके लिए 716 लाख 21 हजार रुपये लागत थी लेकिन 662.04 लाख रुपये ही मिल पाए। कुल 1649 किमी लंबी सड़क को दुरुस्त करने के लिए 5807 लाख रुपये की जरूरत थी लेकिन लगभग 1823 लाख रुपये ही मिल पाए।
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दर्जनों मार्ग पर अभी नहीं हुई मरम्मत
सरकार के गड्ढामुक्त अभियान के निर्देश के बीच कई प्रमुख मार्ग अभी बदहाल पड़े हुए हैं। महरुआ में सेमरी गांव से होकर मंशापुर कुटी तक जाने वाला प्रमुख मार्ग अभी गड्ढों में तब्दील है। यह हाल तब है जबकि मंशापुर कुटी पर वर्ष में दो बार मेला लगता है और यहां सैकड़ों श्रद्धालु भी इस मौके पर एकत्र होते हैं। भीटी तहसील क्षेत्र के कई मार्ग ऐसे हैं, जहां सड़कों पर अभी तक कोई मरम्मत नहीं की गई है। पिच सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने के बाद भी उनकी मरम्मत करने की तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इनमें तेजापुर समंथा मार्ग तथा बस्तीपुर मार्ग मुख्य रूप से शामिल हैं। आलापुर, जहांगीरगंज, मालीपुर, इल्तिफातगंज, केदारनगर समेत कई अन्य क्षेत्रों की सड़कों पर गड्ढामुक्त करने के लिए काम नहीं शुरू किया जा सका है।