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विद्युतीकरण में धांधली में हरियाणा की निजी कंपनी पर दर्ज हुआ केस
Updated Sat, 10 Jun 2017 11:48 PM IST
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धांधली में हरियाणा की निजी कंपनी पर केस
राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना अंतर्गत 2240 मजरों में कार्य के लिए मिला था 220 करोड़
कार्य में गड़बड़ी के साथ-साथ रख-रखाव को लेकर शर्तों के उल्लंघन का भी आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
अंबेडकरनगर। राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना में धांधली को लेकर गुरुग्राम हरियाणा की एक निजी कंपनी कानूनी शिकंजे में आ गई है। अहिरौली थाने में कंपनी के अध्यक्ष के विरुद्ध धोखाधड़ी की धाराओं में केस दर्ज हुआ है। विद्युतीकरण कार्य में मनमानी बरतने के अलावा कार्य पूरा हो जाने के बाद क्षतिग्रस्त खंभों व तारों की मरम्मत से कन्नी काटने का भी आरोप कंपनी पर लगा है। पुलिस ने केस दर्ज मामले में छानबीन शुरु कर दी है।
गौरतलब है कि हरियाणा गुरुग्राम की एक निजी कंपनी आईएलएफएस को पूर्व में जिले के सभी क्षेत्रों में विद्युतीकरण का कार्य सौंपा गया था। कंपनी के अधिकारियों व कर्मचारियों ने यहां पहुंचकर काम शुरू किया। कंपनी को 2240 मजरों में विद्युतीकरण का कार्य पूरा करने के लिए 220 करोड़ रुपये का बजट दिया गया था। कार्य शुरू किए जाने के दौरान ही तमाम क्षेत्रों से गड़बड़ी की शिकायतें सामने आने लगी थीं। पूर्व सांसद राकेश पांडेय ने उच्चाधिकारियों को पत्र लिखकर जलालपुर विधानसभा क्षेत्र में गड़बड़ी का आरोप लगाया था। तमाम गांवों से भी कार्य में मनमानी बरते जाने की शिकायत लगातार सामने आ रही थी। इन सब के बीच कंपनी ने मार्च 2016 में सभी मजरों के विद्युतीकरण का कार्य पूरा कर दिया। अनुबंध के मुताबिक कंपनी को 24 माह तक सभी संबंधित क्षेत्रों में क्षतिग्रस्त होने वाले उपकरणों की मरम्मत तय करनी है। हालांकि कंपनी ने इस तरफ से मुंह मोड़ लिया। बीते दिनों सांसद हरिओम पांडेय ने इस मामले को अत्यंत प्रमुखता सेे शासन के सामने उठाया।
इसके बाद अधीक्षण अभियंता फैजाबाद व अधिशाषी अभियंता अकबरपुर की टीम ने कटेहरी विधानसभा क्षेत्र के बाला पैकोली, टंडौली तथा मीरनपुर आदि क्षेत्रों में जाकर जांच की। वहां पाया गया कि मानक के अनुरूप पोल नहीं लगाए गए और पोल की ग्राउटिंग में भी मानक का ध्यान नहीं रखा गया। यह भी पाया गया कि कई जगह तार व खंभे टूटे पड़े हैं। कंपनी के कर्मचारियों को लगातार नोटिस दिए जाने तथा मौखिक तौर पर अवगत कराए जाने के बाद भी ध्यान नहीं दिया गया। इसके बाद जांच टीम की रिपोर्ट के आधार पर शासन ने निर्देश दिया कि मामले में केस दर्ज कराया जाए। इस पर अहिरौली थाने में गुड़गांव की कार्यदायी संस्था के अध्यक्ष अनिल कुमार खन्ना के विरुद्ध धोखाधड़ी व अन्य धारा में मुकदमा दर्ज करा दिया गया। एसओ वासुदेव राणा ने बताया कि मामले की विवेचना उपनिरीक्षक बदरुद्दीन को सौंपी गई है।
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पावर कॉर्पोरेशन के अधिशाषी अभियंता मुकेश बाबू ने बताया कि जांच के दौरान विद्युतीकरण कार्य में गड़बड़ी पाई गई। कई जगह खंभे व तार गिरे गए हैं, उन्हें ठीक नहीं कराया जा रहा है। इसी को लेकर केस दर्ज कराया गया है।
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राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना अंतर्गत 2240 मजरों में कार्य के लिए मिला था 220 करोड़
कार्य में गड़बड़ी के साथ-साथ रख-रखाव को लेकर शर्तों के उल्लंघन का भी आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
अंबेडकरनगर। राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना में धांधली को लेकर गुरुग्राम हरियाणा की एक निजी कंपनी कानूनी शिकंजे में आ गई है। अहिरौली थाने में कंपनी के अध्यक्ष के विरुद्ध धोखाधड़ी की धाराओं में केस दर्ज हुआ है। विद्युतीकरण कार्य में मनमानी बरतने के अलावा कार्य पूरा हो जाने के बाद क्षतिग्रस्त खंभों व तारों की मरम्मत से कन्नी काटने का भी आरोप कंपनी पर लगा है। पुलिस ने केस दर्ज मामले में छानबीन शुरु कर दी है।
गौरतलब है कि हरियाणा गुरुग्राम की एक निजी कंपनी आईएलएफएस को पूर्व में जिले के सभी क्षेत्रों में विद्युतीकरण का कार्य सौंपा गया था। कंपनी के अधिकारियों व कर्मचारियों ने यहां पहुंचकर काम शुरू किया। कंपनी को 2240 मजरों में विद्युतीकरण का कार्य पूरा करने के लिए 220 करोड़ रुपये का बजट दिया गया था। कार्य शुरू किए जाने के दौरान ही तमाम क्षेत्रों से गड़बड़ी की शिकायतें सामने आने लगी थीं। पूर्व सांसद राकेश पांडेय ने उच्चाधिकारियों को पत्र लिखकर जलालपुर विधानसभा क्षेत्र में गड़बड़ी का आरोप लगाया था। तमाम गांवों से भी कार्य में मनमानी बरते जाने की शिकायत लगातार सामने आ रही थी। इन सब के बीच कंपनी ने मार्च 2016 में सभी मजरों के विद्युतीकरण का कार्य पूरा कर दिया। अनुबंध के मुताबिक कंपनी को 24 माह तक सभी संबंधित क्षेत्रों में क्षतिग्रस्त होने वाले उपकरणों की मरम्मत तय करनी है। हालांकि कंपनी ने इस तरफ से मुंह मोड़ लिया। बीते दिनों सांसद हरिओम पांडेय ने इस मामले को अत्यंत प्रमुखता सेे शासन के सामने उठाया।
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इसके बाद अधीक्षण अभियंता फैजाबाद व अधिशाषी अभियंता अकबरपुर की टीम ने कटेहरी विधानसभा क्षेत्र के बाला पैकोली, टंडौली तथा मीरनपुर आदि क्षेत्रों में जाकर जांच की। वहां पाया गया कि मानक के अनुरूप पोल नहीं लगाए गए और पोल की ग्राउटिंग में भी मानक का ध्यान नहीं रखा गया। यह भी पाया गया कि कई जगह तार व खंभे टूटे पड़े हैं। कंपनी के कर्मचारियों को लगातार नोटिस दिए जाने तथा मौखिक तौर पर अवगत कराए जाने के बाद भी ध्यान नहीं दिया गया। इसके बाद जांच टीम की रिपोर्ट के आधार पर शासन ने निर्देश दिया कि मामले में केस दर्ज कराया जाए। इस पर अहिरौली थाने में गुड़गांव की कार्यदायी संस्था के अध्यक्ष अनिल कुमार खन्ना के विरुद्ध धोखाधड़ी व अन्य धारा में मुकदमा दर्ज करा दिया गया। एसओ वासुदेव राणा ने बताया कि मामले की विवेचना उपनिरीक्षक बदरुद्दीन को सौंपी गई है।
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पावर कॉर्पोरेशन के अधिशाषी अभियंता मुकेश बाबू ने बताया कि जांच के दौरान विद्युतीकरण कार्य में गड़बड़ी पाई गई। कई जगह खंभे व तार गिरे गए हैं, उन्हें ठीक नहीं कराया जा रहा है। इसी को लेकर केस दर्ज कराया गया है।