यासिर-सुल्तान हत्याकांड : स्टांप पर अली अहमद का लिखा मिला नाम, अतीक अहमद गैंग पर पुलिस की नजर
यह अली अहमद कौन है, फिलहाल इसका पता नहीं चल सका है। लेकिन यह भी चर्चा है कि कहीं यह अतीक अहमद का बेटा और हत्या के प्रयास व पांच करोड़ की रंगदारी मांगने के मामले में फरार चल रहा 50 हजार का इनामी अली तो नहीं। दरअसल घटना में मारा गया एक युवक अतीक के ही एक गुर्गे का करीबी रिश्तेदार बताया जा रहा है।
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धूमनगंज दोहरे हत्याकांड में अब तक कि जांच पड़ताल में भले ही दो हत्याओं केपीछे जमीन के विवाद की बात सामने आई हो। लेकिन चर्चा इस बात की भी है कि हत्याकांड के तार कहीं अतीक अहमद गैंग से तो नहीं जुड़े। दरअसल मौके से जो स्टांप बरामद किया गया और कहा जा रहा है कि इसे दोनों मृतकों के साथ आया इमरान खुद लेकर पहुंचा था, वह कुछ और ही कहानी कह रहा है।
सूत्रों का कहना है कि स्टांप देखने से पता चलता है कि यह करीब पांच महीने पहले 20 नवंबर 2021 को जारी हुआ था। 500 रुपये के इस स्टांप पर द्वितीय पार्टी के कॉलम में दीपक विश्वकर्मा का नाम अंकित है। सबसे खास और चौंकाने वाली बात यह है कि स्टांप पर प्रथम पार्टी के कॉलम में अली अहमद का नाम लिखा हुआ है।
कौन है यह अली अहमद, कहीं अतीक का बेटा तो नहीं
यह अली अहमद कौन है, फिलहाल इसका पता नहीं चल सका है। लेकिन यह भी चर्चा है कि कहीं यह अतीक अहमद का बेटा और हत्या के प्रयास व पांच करोड़ की रंगदारी मांगने के मामले में फरार चल रहा 50 हजार का इनामी अली तो नहीं। दरअसल घटना में मारा गया एक युवक अतीक के ही एक गुर्गे का करीबी रिश्तेदार बताया जा रहा है। हाल ही में इस गुर्गे के खिलाफ पीडीए ने कार्रवाई भी की थी। पुलिस अफसरों का कहना है कि फिलहाल ऐसी कोई बात सामने नहीं आई है। सभी बिंदुओं को ध्यान में रखकर जांच की जाएगी।
दीपक किसी और से कर चुका था एग्रीमेंट
पुलिस की जांच पड़ताल में यह बात भी सामने आई है कि दीपक व मृतक पक्ष के बीच जिस जमीन को लेकर विवाद चल रहा था, उसका सौदा पहले ही तय हो चुका था। दीपक ने इस जमीन का एग्रीमेंट किसी अन्य से कर लिया था जबकि इमरान, रसूल व दोनों मृतक इस जमीन का सौदा करने का दबाव दीपक पर बना रहे थे।