Prayagraj : तेजी से घट रहा यमुना का जलस्तर, शहर के कई इलाकों में जलसंकट के आसार
पुराने शहर और सिविल लाइंस की जलापूर्ति के लिए महापौर गणेश केसरवानी ने जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह को पत्र लिखकर सिंचाई विभाग से मदद मांगी है।
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पुराने शहर और सिविल लाइंस की जलापूर्ति के लिए महापौर गणेश केसरवानी ने जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह को पत्र लिखकर सिंचाई विभाग से मदद मांगी है। इससे पहले जलकल विभाग ने भी सिंचाई विभाग को पत्र लिखा था। गर्मी की वजह से गंगा-यमुना का जलस्तर तेजी से कम हो रहा है। वर्तमान में यमुना का जलस्तर करीब आधा मीटर गिर गया है। चार मोटर को लगाकर दो इंटेकवेल तक पानी पहुंचाया जा रहा है। इसकी मदद से पुराने शहर और सिविल लाइंस में पेयजल आपूर्ति की जा रही है।
वहीं, जलकल विभाग की ओर से वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से हो रही जलापूर्ति में सुबह और शाम आधे-आधे घंटे की कटौती की जा रही है। पुराने शहर के लगभग 35 वार्डों में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के माध्यम से जलापूर्ति की जाती है। इसके लिए यमुना से लगभग 80 से 85 एमएलडी पानी लिया जाता है।
इंटेकवेल तक पर्याप्त पानी पहुंचे इसके लिए करेलाबाग में खोदाई कराकर मोटर लगवाई गई हैं। जलस्तर और गिरने पर करेली, अटाला, मुट्ठीगंज, हिम्मतगंज, बेनीगंज, करैलाबाग, सादियापुर, दरियाबाद सहित अन्य क्षेत्रों में पेयजल संकट बढ़ने के आसार हैं।
शहर में प्रतिदिन 402 एमएलडी पानी की आपूर्ति होती है। इसमें 80 एमएलडी पेयजल की आपूर्ति वाटर ट्रीटमेंट प्लांट खुसरोबाग से होती है। वर्तमान में सुबह 5:30 बजे से आठ बजे और शाम पांच से 8:30 तक जलापूर्ति हो रही है।
यमुना नदी का जलस्तर गिरने के बाद सिंचाई विभाग से बांध का पानी छोड़ने के लिए पत्र लिखा गया है। शहर में पानी की समस्या न हो इसके लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। जलशक्ति मंत्री को पत्र लिखकर समस्या से निजात दिलाने में मदद करने का आग्रह किया गया है। - गणेश केसरवानी, महापौर प्रयागराज