प्रयागराज : दफ्तर में अश्लील हरकत की शिकायत करने वाली महिला कर्मी को न्याय के बदले मिली तबादले की सजा
चकबंदी कार्यालय में खुलेआम फब्तियां कसने, गंदे आरोप लगाकर बदनाम करने की शिकायत की अनदेखी का बंदोबस्त अधिकारी पर आरोप लगाने वाली महिला कनिष्ठ सहायक का कानपुर देहात के लिए तबादला कर दिया गया है।
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बंदोबस्त अधिकारी (चकबंदी) कार्यालय में तैनात महिला कनिष्ट सहायक को दफ्तर में अश्लील हरकत कर परेशान करने की अफसरों से शिकायक करना भारी पड़ गया। चकबंदी आयुक्त से लेकर मंडलायुक्त, जिलाधिकारी और महिला आयोग तक शिकायत करने के बाद महिला को न्याय तो नहीं मिला, लेकिन तबादले की सजा जरूर मिल गई। तबादले से आहत महिला कर्मी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और चकबंदी आयुक्त से न्याय की गुहार लगाई है।
चकबंदी कार्यालय में खुलेआम फब्तियां कसने, गंदे आरोप लगाकर बदनाम करने की शिकायत की अनदेखी का बंदोबस्त अधिकारी पर आरोप लगाने वाली महिला कनिष्ट सहायक का कानपुर देहात के लिए तबादला कर दिया गया है। चकबंदी आयुक्त के अनुमोदन के बाद अपर आयुक्त चकबंदी महेंद्र सिंह की ओर से तबादला सूची जारी की गई है। इसमें महिला कर्मी को प्रशासनिक आधार पर प्रयागराज से कानपुर देहात के लिए स्थानांतरित किया गया है। इससे महिला कर्मी आहत है। उनका कहना है कि इस तबादले से उनके आत्म सम्मान को ठेस पहुंचाई गई है। यह तबादला नहीं उनके लिए सजा है। इस पर शासन को पुनर्विचार कर उसे न्याय दिलाना चाहिए।
शिकायत है कि चकबंदी कार्यालय में कनिष्ठ सहायक पद पर तैनात दो महिला कर्मचारियों के साथ अश्लीलता के मामले को महीनों पहले से दबाने की कोशिश की जा रही है। पहले जिस लिपिक ने महिला कर्मियों को बदनाम करने की कोशिश की, उसके खिलाफ पुलिस से की गई शिकायतों को दबाव बनाकर वापस करा दिया गया। इसके बाद भी सिलसिला रुका नहीं। कभी व्हाट्सएप पर फोटो डाल कर उपहास उड़ाना तो कभी चरित्र हनन का आरोप लगाकर परेशान किया जाता रहा।
आरोप है कि आजिज आकर महिला लिपिक ने डीएम और मंडलायुक्त से जब इस मामले की शिकायत की, तब बंदोबस्त अधिकारी ने इसे अनुशासनहीनता करार देते हुए स्पष्टीकरण तलब कर लिया। महिला कर्मी का कहना है कि उसकी छवि धूमिल करने की कई बार कोशिश गई। इसकी शिकायत कर्नलगंज पुलिस से भी की गई, लेकिन बंदोबस्त अधिकारी ने दबाव बनवा कर शिकायत वापस करा दी।
महिलाकर्मी की रिश्तेदार ने बंदोबस्त अधिकारी की भूमिका पर उठाए सवाल
महिला कर्मी की रिश्तेदार ने चकबंदी आयुक्त को पत्र लिखकर इस मामले में बंदोबस्त अधिकारी की भूमिका की जांच कराने का आग्रह किया है। पत्र में कहा गया है कि अश्लील हरकत के इस मामले की मंडलायुक्त और डीएम से की गई शिकायत की अभी जांच रिपोर्ट नहीं आई है। इस बीच तबादला करना न्याय संगत नहीं है। इस संबंध में बंदोबस्त अधिकारी पुष्कर बाबू से संपर्क किया गया, लेकिन वह अपना पक्ष रखने के लिए उपलब्ध नहीं हुए।