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व्हाइटनर लगाने वालों को नहीं मिली राहत
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 10 Jul 2015 02:11 AM IST
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इलाहाबाद। दरोगा भर्ती परीक्षा में व्हाइटनर का प्रयोग करने वाले अभ्यर्थियों को हाईकोर्ट से एक और झटका लगा है। अदालत ने एकल न्यायपीठ के फैसले के खिलाफ उनकी विशेष अपील भी खारिज कर दी है। अभ्यर्थियों ने अपील दाखिल कर एकल जज के फैसले को चुनौती दी थी। अपील पर मुख्य न्यायमूर्ति डा. डीवाई चंद्रचूड और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की पीठ ने सुनवाई के बाद एकल पीठ के फैसले को सही ठहराया है। अपील स्वदेश कुमार और 48 अन्य लोगों ने दाखिल की थी।
सिविल पुलिस और पीएसी में चार हजार दस पदों के लिए हुई भर्ती परीक्षा में कुछ अभ्यर्थियों ने नियम विरुद्ध तरीके से ब्लेड और व्हाइटनर का इस्तेमाल किया था।
इसके जरिए कई गलत सवालों के उत्तर सुधारे गए जबकि परीक्षा निर्देशिका के अनुसार ऐसा करना मना था। व्हाइटनर नहीं लगाने वाले अभ्यर्थियों ने इसके खिलाफ याचिका दाखिल की थी। न्यायमूर्ति वीके बिरला ने 29 मई 2015 को अपील स्वीकार करते हुए व्हाइटनर और ब्लेड का इस्तेमाल करने वाले अभ्यर्थियों का परीक्षा परिणाम रद्द करते हुए उनको चयन सूची से बाहर करने का निर्देश दिया था। इस आदेश के अनुपालन में व्हाइटनर लगाने वाले 810 अभ्यर्थियों को बाहर कर दिया गया। विशेष अपील का महाधिवक्ता विजय बहादुर सिंह और अनूप त्रिवेदी ने विरोध किया। उन्होंने कहा कि एकल पीठ के फैसले में कोई त्रुटि नहीं है।
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सिविल पुलिस और पीएसी में चार हजार दस पदों के लिए हुई भर्ती परीक्षा में कुछ अभ्यर्थियों ने नियम विरुद्ध तरीके से ब्लेड और व्हाइटनर का इस्तेमाल किया था।
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इसके जरिए कई गलत सवालों के उत्तर सुधारे गए जबकि परीक्षा निर्देशिका के अनुसार ऐसा करना मना था। व्हाइटनर नहीं लगाने वाले अभ्यर्थियों ने इसके खिलाफ याचिका दाखिल की थी। न्यायमूर्ति वीके बिरला ने 29 मई 2015 को अपील स्वीकार करते हुए व्हाइटनर और ब्लेड का इस्तेमाल करने वाले अभ्यर्थियों का परीक्षा परिणाम रद्द करते हुए उनको चयन सूची से बाहर करने का निर्देश दिया था। इस आदेश के अनुपालन में व्हाइटनर लगाने वाले 810 अभ्यर्थियों को बाहर कर दिया गया। विशेष अपील का महाधिवक्ता विजय बहादुर सिंह और अनूप त्रिवेदी ने विरोध किया। उन्होंने कहा कि एकल पीठ के फैसले में कोई त्रुटि नहीं है।
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