फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Which is, is it, it is better to do this: Khehar

जो है, सो है, इसी में बेहतर करना है : खेहर

Mon, 03 Apr 2017 01:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Mon, 03 Apr 2017 01:29 AM IST
विज्ञापन
Which is, is it, it is better to do this: Khehar
इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
हाईकोर्ट की स्थापना के 150वें वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित समापन समारोह के मौके पर देश की कार्यपालिका के मुखिया नरेंद्र मोदी और न्यायपालिका के मुखिया चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया जेएस खेहर के संबोधन में न्यायपालिका के हालात पर चिंता साफ दिखी। मुकदमों के बढ़ते बोझ और जजों की कमी पर जहां जस्टिस खेहर ने बिना कोई शिकायत किए अपनी चिंता जाहिर कर दी। दूसरी ओर प्रधानमंत्री ने भी इसे समझते हुए अत्याधुनिक तकनीक के इस्तेमाल और सरकार के सहयोग का भरोसा दिलाया। जस्टिस खेहर ने कहा कि प्रधानमंत्री अक्सर ‘मन की बात’ की बात करते हैं, जिसे देश की जनता सुनती है, मगर मैं आज अपने ‘दिल की बात’ करूंगा।
विज्ञापन


चीफ जस्टिस खेहर ने अपने लगभग 40 मिनट के लंबे भाषण में जजों और वकीलों को न सिर्फ प्रेरित किया बल्कि मौजूदा हालात में बेहतर कर दिखाने का संदेश दिया। उन्होंने निजी जीवन के संस्मरण सुनाते हुए कहा कि जीवन में कई टर्निंग प्वाइंट आए और हर बार लगा अब सब कुछ ठीक है मगर चुनौतियां हमेशा सामने आती हैं। बोले, जब मैं चीफ जस्टिस बना तो लगा अब सब कुछ ठीक है। मगर इसके बाद लंबित मुकदमों का मैराथन शुरू हो गया। कहा कि सवाल है कि जो है सो है, हम जितने भी हैं उसी में अपनी पूरी शक्ति से बेहतर करके दिखाना है। यदि वेकेशन में हम सिर्फ पांच दिन बैठकर छोटे-छोटे मुकदमों का निस्तारण करें तो हर दिन एक या डेढ़ घंटा देकर 30-40 हजार मुकदमे समाप्त कर सकते हैं।
विज्ञापन


जस्टिस खेहर ने कहा कि अदालतों में तकनीक के प्रयोग बढ़ाने पर काम चल रहा है। जल्दी ही सुप्रीमकोर्ट में प्लीडिंग की पेपर बुक ले जाने की जरूरत नहीं होगी। यह ऑनलाइन ट्रांसफर हो जाएगी। यह भी एक टर्निंग प्वाइंट है।
विज्ञापन
विज्ञापन


चीफ जस्टिस ने बताया कि सुप्रीमकोर्ट ट्रिपल तलाक और बांग्लादेशी नागरिकों जैसे बड़े मुद्दों पर सुनवाई कर रहा है। इन पर शीघ्र ही फैसला होगा जो संवैधानिक अधिकारों की व्याख्या करने में सहायक होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed