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Prayagraj News: जब मशीन ही खराब तो कौन जांचेगा कितनी हुई हवा साफ
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संगम नगरी में सर्दी बढ़ने के साथ ही हवा बेहद खराब हो गई है। इनमें सिविल लाइंस एरिया की हालत सबसे ज्यादा खराब है। शायद यही वजह है सिविल लाइंस में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर लगाई गई लाइव सेंसर मशीन पिछले तीन दिनों से काम ही नहीं कर रही है। इसी तरह तेलियरगंज में एमएनएनआईटी में लगाई गई लाइव सेंसर मशीन का भी हाल है। यहां की लाइव सेंसर मशीन भी पिछले तीन दिनों से काम नहीं कर रही है।
सोमवार को झूंसी के आवास विकास कॉलोनी योजना तीन स्थित प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के कार्यालय में लगी लाइव सेंसर मशीन ने शाम को सात बजे यहां का पीएम 10 का स्तर 351 दर्ज किया। इसी प्रकार यहां का पीएम 2.5 का स्तर 322 दर्ज किया गया जो कि बेहद ही खराब श्रेणी यानि रेड जोन में आता है। वहीं, नगर निगम कार्यालय सिविल लाइंस और एमएनएनआईटी में लगाई गई लाइव सेंसर मशीन खराब पड़ी हैं। पिछले तीन दिनों से यहां का एक्यूआई पता नहीं चल पा रहा है। सेंसर मशीन पर तीन दिन पहले का डेटा दिखा रहा है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक, सोमवार को प्रयागराज का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 300 पार पहुंच गया। अगले तीन-चार दिनों तक प्रदूषित हवा से राहत मिलने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं।
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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड प्रयागराज की ओर से लगाई गई लाइव सेंसर मशीनों की देखरेख स्वॉन इनवारमेंटल प्राईवेट लिमिटेड कंपनी करती है। कंपनी के सर्विस इंजीनियर शुभम सिंह ने बताया कि तकनीकी खामी के कारण एमएनएमआईटी और नगर निगम कार्यालय पर लगी लाइव सेंसर मशीन काम नहीं कर रही हैं। जल्द ही दोनों मशीनों को ठीक कर लिया जाएगा।
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सोमवार को झूंसी के आवास विकास कॉलोनी योजना तीन स्थित प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के कार्यालय में लगी लाइव सेंसर मशीन ने शाम को सात बजे यहां का पीएम 10 का स्तर 351 दर्ज किया। इसी प्रकार यहां का पीएम 2.5 का स्तर 322 दर्ज किया गया जो कि बेहद ही खराब श्रेणी यानि रेड जोन में आता है। वहीं, नगर निगम कार्यालय सिविल लाइंस और एमएनएनआईटी में लगाई गई लाइव सेंसर मशीन खराब पड़ी हैं। पिछले तीन दिनों से यहां का एक्यूआई पता नहीं चल पा रहा है। सेंसर मशीन पर तीन दिन पहले का डेटा दिखा रहा है।
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केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक, सोमवार को प्रयागराज का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 300 पार पहुंच गया। अगले तीन-चार दिनों तक प्रदूषित हवा से राहत मिलने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं।
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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड प्रयागराज की ओर से लगाई गई लाइव सेंसर मशीनों की देखरेख स्वॉन इनवारमेंटल प्राईवेट लिमिटेड कंपनी करती है। कंपनी के सर्विस इंजीनियर शुभम सिंह ने बताया कि तकनीकी खामी के कारण एमएनएमआईटी और नगर निगम कार्यालय पर लगी लाइव सेंसर मशीन काम नहीं कर रही हैं। जल्द ही दोनों मशीनों को ठीक कर लिया जाएगा।