Water Hero : जीबी पंत के शोध छात्र रामबाबू गणतंत्र दिवस पर होंगे अतिथि, पीएम ने मन की बात में की थी तारीफ
वाटर हीरो के नाम से अपनी पहचान बनाने वाले गोविंद बल्लभ पंत सामाजिक विज्ञान संस्थान के शोध छात्र रामबाबू तिवारी को गणतंत्र दिवस की परेड और इस मौके पर होने वाले समारोह में बतौर अतिथि आमंत्रित किया गया है।
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वाटर हीरो के नाम से अपनी पहचान बनाने वाले गोविंद बल्लभ पंत सामाजिक विज्ञान संस्थान के शोध छात्र रामबाबू तिवारी को गणतंत्र दिवस की परेड और इस मौके पर होने वाले समारोह में बतौर अतिथि आमंत्रित किया गया है। रामबाबू तिवारी का उल्लेख प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी मन की बात में जिक्र किया था और किसानों के हित के लिए उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की थी। प्रसार भारती के अपर महानिदेशक के द्वारा आमंत्रण पत्र मिलने पर रामबाबू तिवारी काफी गदगद हैं।
गोविंद बल्लभ पंत सामाजिक विज्ञान संस्थान के शोध छात्र वाटर हीरो रामबाबू तिवारी को 26 जनवरी 2024 को 75वें गणतंत्र दिवस समारोह नई दिल्ली में कर्तव्य पथ पर होने वाले समारोह और परेड का साक्षी बनने का मौका मिला है। समारोह में सम्मिलित होने का आमंत्रण प्रसार भारती के अपर महानिदेशक ने भेजा है। रामबाबू तिवारी का उल्लेख प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने "मन की बात "रेडियो कार्यक्रम में किया है।
पत्र में कहा गया है कि जिन लोगों का उल्लेख अब तक पीएम मोदी अपने मन की बात कार्यक्रम में कर चुके हैं उन सभी लोगों को इस बार आमंत्रित किया जा रहा है। गणतंत्र दिवस समारोह के बाद आमंत्रित अतिथियों को दिल्ली के महत्वपूर्ण स्थलों का दौरा कराया जाएगा। इसके बाद सूचना और प्रसारण मंत्री से चाय पर मुलाकात भी प्रस्तावित है।
तालाबों के सामाजिक सांस्कृतिक अध्ययन पर कर रहे है शोध
रामबाबू तिवारी बुंदेलखंड क्षेत्र में अभियान "खेत का पानी खेत में गांव का पानी गांव में" के माध्यम से बारिश की एक-एक बूंद को सहेजने का कार्य सामुदायिक स्तर पर किसानों के साथ मिलकर कर रहे हैं। खेत का पानी खेत में रोकने के लिए खेतों में मेडबंदी बनवाने का कार्य किया है। उन्होंने गांव-गांव जाकर पानी चौपाल, पानी पंचायत लगाकर सामूहिक श्रमदान के माध्यम से 74 से अधिक तालाबों का जीर्णोद्धार कराया है। इस अभियान की सराहना 27 जून 2021 को प्रधानमंत्री ने अपने मन की बात के रेडियो कार्यक्रम में कर चुके हैं। इनके शोध का विषय भी बुंदेलखंड के तालाबों का सामाजिक सांस्कृतिक अध्ययन है।