Prayagraj : आरओबी का निर्माण न होने पर ग्रामीणों ने किया मतदान का बहिष्कार, भाजपा प्रत्याशी को बैरंग लौटाया
मेजा इलाके के उमापुर कला के ग्रामीणों ने ओवरब्रिज की मांग को लेकर मतदान का बहिष्कार कर दिया है। तहसीलदार, एसडीएम और पुलिस अधिकारियों की कोशिशें नाकाम हो गईं। भाजपा प्रत्याशी नीरज त्रिपाठी भी ग्रामीणों को मनाने के लिए पहुंचे लेकिन ग्रामीणों ने उन्हें भी बैरंग लौटा दिया। कुछ देर में कांग्रेस प्रत्याशी उज्ज्वल रमण और डीएम नवनीत चहल के आने की सूचना है।
विस्तार
मतदान बहिष्कार की सूचना पर मतदाताओं को मनाने के लिए मांडा इलाके के उमापुर कला गांव स्थित पोलिंग बूथ 176 पर तहसीलदार मेजा प्रभात पांडेय पहुंचे। वहीं आरओबी निर्माण की मांग को लेकर मतदान बहिष्कार पर अड़े गांव के 989 मतदाता मतदान करने को तैयार नहीं हैं। बीते दो दिन पहले उमापुर कलां बूथ संख्या 176 पर आरओबी की मांग को लेकर 989 मतदाता मतदान बहिष्कार की घोषणा कर चुके हैं। शनिवार सुबह सात बजे से 11 बजे तक पोलिंग बूथ पर एक भी मतदान नहीं हुआ है। मतदान केंद्र पर किसी भी प्रत्यशी के पोलिंग एजेंट तक मौजूद नहीं हैं। तहसीलदार मेजा प्रभात पांडेय मतदाताओं को समझाने में जुटे रहे, लेकिन बात नहीं बनी। इस दौरान पूर्व प्रधान गिरजा शंकर पांडेय, इंस्पेक्टर मांडा शैलेंद्र सिंह,एलआईयू से शैलेश त्रिपाठी आदि रहे।
दो दिन पहले की थी बहिष्कार की घोषणा
23 मई को ब्लॉक क्षेत्र के उमापुर कलां गांव में रेलवे ओवर ब्रिज की मांग को लेकर ग्रामीणों ने पीएस परिसर में बैठक कर मतदान बहिष्कार की घोषणा की थी। मतदान बहिष्कार की सूचना पर स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मच गया था। ब्लॉक क्षेत्र के उमापुर कलां, उमापुर खुर्द, टिकरी यादव बस्ती के ग्रामीण बीते आठ वर्ष से दिल्ली हावड़ा रेल मार्ग स्थित उमापुर कलां गांव के सामने आरओबी निर्माण की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों ने रेलवे लाइन के समीप तीन बार विरोध प्रदर्शन भी कर चुके हैं।
तत्कालीन ग्राम प्रधान रहे गिरजाशंकर पांडेय की अगुआई में लामबंद हुए ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन के साथ ही पीएम, सीएम, रेल मंत्री, सहित रेलवे अफसरों को पत्र भेजकर आरओबी निर्माण की मांग की थी। बावजूद इसके ग्रामीणों की मांग को अनसुना कर दिया गया। जिससे ग्रामीणों में असंतोष व्याप्त है। सन 2011 की जनगणना के मुताबिक उमापुर कलां व उमापुर खुर्द गांव की जनसख्या 1076 रही। वर्तमान में यह आंकड़ा 1442 के आसपास है और दोनों गांव में करीब 989 मतदाता है।
भाजपा प्रत्याशी नीरज त्रिपाठी को बैरंग लौटाया
मेजा इलाके के उमापुर कला के ग्रामीणों ने ओवरब्रिज की मांग को लेकर मतदान का बहिष्कार कर दिया है। तहसीलदार, एसडीएम और पुलिस अधिकारियों की कोशिशें नाकाम हो गईं। भाजपा प्रत्याशी नीरज त्रिपाठी भी ग्रामीणों को मनाने के लिए पहुंचे लेकिन ग्रामीणों ने उन्हें भी बैरंग लौटा दिया। कुछ देर में कांग्रेस प्रत्याशी उज्ज्वल रमण और डीएम नवनीत चहल के आने की सूचना है।
मतदाताओं को मनाने पहुचीं मेजा एसडीएम व एसीपी की कोशिशें नाकाम
मतदान बहिष्कार की सूचना पर मतदाताओं को मनाने के लिए उमापुर कला गांव स्थित पोलिंग बूथ 176 पर एसडीएम मेजा जगजीत कौर मिश्रा व एसीपी रवि कुमार गुप्ता, बीडीओ मांडा अमित मिश्र भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अफसर ग्रामीण को मनाने में जुटे रहे, लेकिन मतदाता समस्या निस्तारण के लिए जिलाधिकारी को बुलाने की मांग पर अड़े है। मांडा के उमापुर गांव में आरओबी निर्माण की मांग को लेकर मतदान बहिष्कार पर अड़े गांव के 989 मतदाता मतदान करने को तैयार नहीं हैं।
बीते दो दिन पहले उमापुर कलां बूथ संख्या 176 के ग्रामीण आरओबी निर्माण की मांग को लेकर मतदान बहिष्कार की घोषणा कर चुके हैं। शनिवार सुबह सात बजे से साढ़े 12 बजे तक पोलिंग बूथ पर एक भी मतदान नहीं हुआ हैं। अफसर मतदाताओं को समझाने में जुटे रहे, लेकिन बात नहीं बनी। मतदाताओं की कहना है कि जिलाधिकारी मौके पर आकर समस्या निस्तारण का लिखित आश्वासन दें। जिसके बाद मतदाता मतदान करेंगे। इस दौरान प्रधान राम किशुन निषाद, इंस्पेक्टर मांडा शैलेंद्र सिंह,एलआईयू से शैलेश त्रिपाठी, गुड्डू दुबे आदि रहे।
प्रतापपुर के ठटा सोरो में डेढ़ हजार मतदाताओं ने नहीं डाले वोट
उग्रसेनपुर बरियाराम स्टेशन के बीच थानापुर-ठटा संपर्क मार्ग पर रेलवे अंडरपास का निर्माण नहीं होने से खफा ठटा गांव के ग्रामीणों ने लोकसभा चुनाव का बहिष्कार करने का निर्णय लिया और शनिवार को हुए मतदान में डेढ़ हजार से अधिक मतदाताओं ने अपने मत का प्रयोग नहीं किया। शाम तक यहां सिर्फ 8 मत ही पड़े।
प्रयागराज-वाराणसी रेल राजमार्ग पर दोहरीकरण का कार्य चल रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि यहां थानापुर ठटा संपर्क मार्ग पर रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण नहीं किए जाने से ग्रामीण जान को जोखिम में डालकर रेलवे ट्रैक पार करते हैं। उनका कहना है कि उन्होंने कई बार इसकी शिकायत रेलवे विभाग के अधिकारियों, शासन-प्रशासन को लिखित एवं मौखिक रूप से सूचित करने के साथ ही कई बार प्रदर्शन भी कर चुके हैं। लेकिन अधिकारी हैं कि उनकी समस्या सुनने को तैयार नहीं हैं।
रेलवे अंडरपास नहीं बनने से 15 हजार से अधिक की आबादी दिन रात अपने जान को जोखिम में डालकर ट्रैक पार करने को मजबूर है। परेशान ग्रामीणों ने महीने भर पहले ही चुनाव बहिष्कार का निर्णय लिया था। फिर भी अधिकारियों के कान में जूं नहीं रेंगी। ऐसे में खफा ग्रामीणों ने शनिवार को अपने मताधिकार का प्रयोग नहीं किया तो पुलिस प्रशासन के हाथ-पाव फूल गए। पूरे दिन यहां एडीएम, एसडीएम व एसीपी हंडिया सहित पुलिस कर्मी मतदान कराने के लिए प्रयासरत रहे, लेकिन ग्रामीण वोट डालने नहीं निकले।