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Prayagraj News: वेबसाइट के जरिए शहर में चल रहा सट्टेबाजी का खेल, दो-दो लाख में यूजर आईडी, 50 लाख तक के दांव
Sun, 27 Apr 2025 01:22 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 27 Apr 2025 01:22 PM IST
सार
जीरो रोड स्थित मकान में चल रहे आईपीएल सट्टेबाजी रैकेट के बदमाशों से पता चला है कि लॉर्ड ऑफ एक्सचेंज वेबसाइट का एजेंट बनने के लिए दो लाख में यूजर आईडी और पासवर्ड दिए जाते थे। इसके बाद एजेंट अपने अकाउंट के जरिये 50 लाख तक के दांव लगा सकता था।
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आईपीएल 2025
- फोटो : IPL/BCCI
विस्तार
जीरो रोड स्थित मकान में चल रहे आईपीएल सट्टेबाजी रैकेट के बदमाशों से पता चला है कि लॉर्ड ऑफ एक्सचेंज वेबसाइट का एजेंट बनने के लिए दो लाख में यूजर आईडी और पासवर्ड दिए जाते थे। इसके बाद एजेंट अपने अकाउंट के जरिये 50 लाख तक के दांव लगा सकता था।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह खुलासा सरगना टोनी यादव ने गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में किया है। बताया है कि शहर में वह वेबसाइट के जरिये सट्टेबाजी का खेल संचालित करने वाला इकलौता एजेंट नहीं। उसके जैसे कई एजेंट वेबसाइट पर बने अपने प्राेफाइल अकाउंट के जरिये इस खेल को चला रहे हैं।
बिना प्रोफाइल क्रिएट किए वेबसाइट को कोई भी एक्सेस नहीं कर सकता है। इसके लिए पहले संचालकों से किसी माध्यम से संपर्क स्थापित कर प्रोफाइल बनाना पड़ता है। प्रोफाइल क्रिएट होने पर ही अकाउंट बनता है, फिर अकाउंट का यूजर आईडी व पासवर्ड मिलता है।
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इसके लिए एजेंट से दो लाख रुपये लिए जाते हैं। इस अकाउंट के माध्यम से एजेंट 50-50 लाख तक के दांव लगवा सकते हैं। वेबसाइट के संचालकों को ट्रेस करने के लिए साइबर सेल को भी लगाया गया है। एडीसीपी नगर अभिजीत कुमार ने बताया, इस खेल में शामिल अन्य लाेगों का पता लगाया जा रहा है।
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पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह खुलासा सरगना टोनी यादव ने गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में किया है। बताया है कि शहर में वह वेबसाइट के जरिये सट्टेबाजी का खेल संचालित करने वाला इकलौता एजेंट नहीं। उसके जैसे कई एजेंट वेबसाइट पर बने अपने प्राेफाइल अकाउंट के जरिये इस खेल को चला रहे हैं।
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बिना प्रोफाइल क्रिएट किए वेबसाइट को कोई भी एक्सेस नहीं कर सकता है। इसके लिए पहले संचालकों से किसी माध्यम से संपर्क स्थापित कर प्रोफाइल बनाना पड़ता है। प्रोफाइल क्रिएट होने पर ही अकाउंट बनता है, फिर अकाउंट का यूजर आईडी व पासवर्ड मिलता है।
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इसके लिए एजेंट से दो लाख रुपये लिए जाते हैं। इस अकाउंट के माध्यम से एजेंट 50-50 लाख तक के दांव लगवा सकते हैं। वेबसाइट के संचालकों को ट्रेस करने के लिए साइबर सेल को भी लगाया गया है। एडीसीपी नगर अभिजीत कुमार ने बताया, इस खेल में शामिल अन्य लाेगों का पता लगाया जा रहा है।
पुणे में बैठे संचालक, संपर्क में है हर्षित
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, टोनी से यह भी पता चला है कि इस वेबसाइट का संचालन पुणे से किया जा रहा है। इसके संचालक वहीं से वेबसाइट के जरिये अलग-अलग शहरों में खेल चला रहे हैं। मामले में गिरफ्तार आरोपी हर्षित पुणे में ही माता-पिता संग रहता था और वहीं उसका संचालकों से संपर्क हुआ। तीन महीने पहले ही वह यहां आया और टोनी के साथ मिलकर जीरो रोड स्थित अपने मकान में इस खेल को संचालित करने लगा। इसके एवज में प्रतिदिन वह तीन-चार हजार रुपये वसूलता था।